—Advertisement—

,

ट्रम्प की सऊदी अरब को नई सौगात से इज़रायल की बड़ी चिंता

Author Picture
Published On: 19 November 2025
israil

—Advertisement—

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (एमबीएस) और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्हाइट हाउस में हुई मुलाकात की चर्चा इन दिनों इज़रायल में बेहद गर्म है। इन दोनों देशो की मीटिंग इज़रायल के ऑफिसर्स की नींदे उड़ा दी है। इज़रायली मीडिया इस मुलाकात में की गई घोषणाओं को लेकर चिंता जता रहा है, खासकर सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर।

इस मुलाकात के दौरान एमबीएस का स्वागत एक “स्टेट विज़िट” की तरह किया गया, जबकि वे सऊदी अरब के राष्ट्राध्यक्ष नहीं बल्कि वास्तविक शासक हैं। बैठक में निवेश, रक्षा साझेदारी और हथियारों पर कई अहम घोषणाएँ हुईं, जिनमें सबसे बड़ी घोषणा सऊदी अरब को F-35 स्टील्थ फाइटर जेट देने की।

F-35 जेट देने की हुई घोषणा

F-35 दुनिया का सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान है, जो मध्य-पूर्व में अभी तक सिर्फ इज़रायल के पास था। लेकिन ट्रंप ने एमबीएस के साथ बैठक में कहा कि अमेरिका अब यह जेट सऊदी अरब को भी देगा। सऊदी अरब 48 ऐसे विमानों की खरीद चाहता है।
इसी घोषणा ने इज़रायल की चिंताएँ बढ़ा दी हैं, क्योंकि उसे डर है कि इससे मध्य-पूर्व में उसकी सैन्य बढ़त कम हो सकती है।

इसी मुलाकात के दौरान एमबीएस ने यह भी घोषणा की कि सऊदी अमेरिका में अपना निवेश 600 अरब डॉलर से बढ़ाकर 1 ट्रिलियन डॉलर करेगा। यह निवेश मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, एआई, डेटा सेंटर्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर केंद्रित होगा।

donald trump benjamin netanyahu

इज़रायली मीडिया ने जताई चिंता

इज़रायल के लगभग सभी प्रमुख अखबारों, चैनलों और वेबसाइटों ने इस मुलाकात को बड़े पैमाने पर कवर किया। खासकर F-35 जेट वाली घोषणा को।

इज़रायल नेशनल न्यूज़ में प्रकाशित एक लेख में अरब मामलों के विशेषज्ञ ज़्वी यहेज़केली का बयान शामिल किया गया। उनके अनुसार—
सऊदी को F-35 देने की घोषणा भले ही चिंताजनक है, लेकिन यह कोई “बड़ी खतरे वाली” स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि एमबीएस की व्हाइट हाउस यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बाइडेन प्रशासन उन्हें पहले स्वीकार नहीं करता था, जबकि ट्रंप ने उनसे खुलकर व्यापारिक संबंध बढ़ाने का संकेत दिया है।

इज़रायली मीडिया ने यह भी बताया कि ट्रंप से पूछा गया कि सऊदी को मिलने वाले F-35 क्या इज़रायल वाले मॉडल के समान होंगे? ट्रंप ने जवाब दिया—”मुझे लगता है, हाँ, दोनों लगभग एक जैसे होंगे।”
यह जवाब इज़रायल की चिंता और बढ़ाता है, क्योंकि वह चाहता है कि सऊदी को कम सामर्थ्य वाला संस्करण दिया जाए।

AP25322601153246 1 e1763535068552

‘इज़रायल की शर्त नहीं मानी गई’

टाइम्स ऑफ़ इज़रायल के अनुसार, नेतन्याहू सरकार चाहती थी कि अमेरिका सऊदी को F-35 तभी दे जब वह अब्राहम समझौते (Abraham Accords) में शामिल होने के लिए तैयार हो।
लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने यह शर्त मानने से इनकार कर दिया और सीधे डील आगे बढ़ा दी, जबकि इज़रायली सेना (IDF) और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी इस पर चिंता जताई थी कि यह कदम क्षेत्र में इज़रायल की सैन्य बढ़त को कमजोर कर सकता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp