जब Jawaharlal Nehru और राधाकृष्णन ने खेला क्रिकेट मैच:
भारत के इतिहास में कई ऐसे क्षण आए हैं जो न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी यादगार बने हैं। इनमें से एक अनोखा और मनोरंजक क्षण था साल 1953 में, जब देश के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru और पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के बीच क्रिकेट मैच खेला गया। यह मैच केवल मनोरंजन के लिए नहीं था, बल्कि इसका उद्देश्य बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फंड जुटाना था।
उस समय दिल्ली का वातावरण राजनीतिक और सामाजिक रूप से उत्साहित था। प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति की टीमों के बीच खेला गया यह मैच आम खेल से अलग था। इसमें संसद के कई सदस्य भी खेल में शामिल हुए और दर्शक दीर्घा में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने इसका आनंद लिया।
टीमें और कप्तान
इस ऐतिहासिक मुकाबले में दो प्रमुख टीमें थीं:
- पीएम इलेवन (PM Eleven): इस टीम के कप्तान खुद प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru थे। नेहरू ने अपने पारंपरिक बंद गले की अचकन, कोट के बटनहोल पर लाल गुलाब और गांधी टोपी के साथ सफेद टी-शर्ट और पाजामा पहनकर बैटिंग की। उनके खेल में उत्साह और आत्मविश्वास साफ देखा जा सकता था।
- वाइस प्रेसिडेंट इलेवन (Vice President Eleven): इस टीम के कप्तान डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन थे। अक्सर पगड़ी और भारतीय पारंपरिक वस्त्रों में दिखने वाले राधाकृष्णन इस दिन क्रिकेट किट में थे, जिसे देखकर पहचानना मुश्किल था।
दोनों टीमों में सीनियर और जूनियर सांसद शामिल थे। यह मैच केवल नेताओं के बीच प्रतिस्पर्धा का नहीं था, बल्कि उनके खेल कौशल और सामाजिक योगदान का प्रतीक भी बन गया।
मैच का उद्देश्य और महत्व
यह मैच बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति ने खेल के दौरान लोगों से खुलकर दान देने की अपील की। यह दर्शाता है कि राजनीति केवल सत्ता और निर्णय लेने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक कारणों के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।
इस मैच के माध्यम से लगभग 1 लाख रुपये की राशि बाढ़ पीड़ितों के लिए जुटाई गई। यह न केवल खेल की भावना को दिखाता है, बल्कि नेताओं की संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी का प्रमाण भी है।
मैच की शुरुआत
मैच का टॉस प्रधानमंत्री Nehru ने जीतकर अपनी टीम को पहले बैटिंग का अधिकार दिया। नेहरू की टीम ने पहली पारी में 3 विकेट पर 220 रन बनाए और पारी घोषित की। इसके बाद उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन की टीम बैटिंग करने उतरी। पहले दिन के खेल की समाप्ति पर उनके 2 विकेट पर 86 रन थे।
दूसरे दिन सांसदों ने फिर से सफेद कपड़े पहनकर मैदान में उतरकर मैच की शुरुआत की। कॉमेंटेटर ने मजाक में कहा, “क्रिकेट में राजनीति की कोई जगह नहीं होती,” लेकिन मैदान में दोनों नेताओं की टीमों की रणनीति और खेल भावना इसे जीवंत बना रही थी।
खेल के दौरान की झलकियाँ
मैच के दौरान कई रोचक दृश्य देखने को मिले:
- प्रधानमंत्री Nehru को बाउंड्री पर चौका बचाते और क्लोज फील्डिंग करते देखा गया।
- राधाकृष्णन भी मैदान पर सक्रिय नजर आए और अपनी टीम के खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया।
- मैच के दौरान Nehru और राधाकृष्णन दोनों ने लोगों से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जोरदार अपील की।
- सांसदों ने खेल में हिस्सा लेते हुए युवा खिलाड़ियों की तरह खेल की ऊर्जा दिखाई।
दर्शक दीर्घा में बैठे राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद और केंद्रीय मंत्री इस मैच का आनंद लेते हुए पूरे खेल का निरीक्षण कर रहे थे।
मैच का परिणाम
मैच का परिणाम अंत में ड्रॉ रहा।
- पीएम इलेवन की दूसरी पारी में 3 विकेट पर 160 रन बने।
- वाइस प्रेसिडेंट इलेवन ने 6 विकेट पर 231 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की थी।
हालांकि कोई टीम विजेता नहीं रही, लेकिन इस मैच ने सामाजिक उद्देश्य की पूर्ति की और नेताओं की खेल भावना को प्रदर्शित किया।
वीडियो और ऐतिहासिक फुटेज
हाल ही में कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस ऐतिहासिक फुटेज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया। इस फुटेज का श्रेय भारतीय क्रिकेट आर्काइविस्ट जय गलगली को दिया गया, जिन्होंने पिछले 9 सालों से पुराने भारतीय क्रिकेट मैचों के वीडियो को संजोकर रखा है।
इस वीडियो में Nehru और राधाकृष्णन के साथ सांसदों को भी मैदान पर खेलते और फील्डिंग करते देखा जा सकता है। फुटेज ने यह प्रमाणित किया कि भारतीय नेता न केवल जिम्मेदार और संवेदनशील थे, बल्कि खेल के प्रति भी उत्साही थे।
अन्य एग्जीबिशन मैचों का संदर्भ
ऐसे एग्जीबिशन मैच केवल 1953 तक सीमित नहीं रहे। साल 2024 में भी लोकसभा स्पीकर इलेवन और राज्यसभा चेयरमैन इलेवन के बीच एक 20 ओवर का मुकाबला दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में खेला गया।
- इस मैच का उद्देश्य था टीबी जागरूकता।
- लोकसभा स्पीकर इलेवन की टीम ने राज्यसभा इलेवन को 73 रनों से हराया।
- हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर को 111 रनों की नॉट आउट पारी खेलने के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड दिया गया।
इससे पता चलता है कि एग्जीबिशन मैच केवल खेल और मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और सार्वजनिक हित के लिए भी आयोजित किए जाते रहे हैं।
निष्कर्ष
1953 का यह क्रिकेट मैच भारतीय राजनीति और खेल इतिहास में एक अनोखा अध्याय है। इसमें प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति ने खेल भावना, नेतृत्व और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। यह मैच न केवल मनोरंजन के लिए खेला गया, बल्कि बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने और लोगों को सामाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाने का माध्यम भी बना।
ऐसा ऐतिहासिक मैच आज भी याद किया जाता है और इसे देखकर यह साबित होता है कि भारत के नेता केवल सत्ता और शासन तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने खेल और समाज के लिए भी योगदान दिया।
