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MP में आज से शुरू हुआ गेहूं उपार्जन पंजीयन, अंतिम तारीख 7 मार्च 2026

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Published On: 7 February 2026
CM Mohan Yadav’s message: “Empowered farmers, prosperous MP'
— CM Mohan Yadav’s message: “Empowered farmers, prosperous Madhya Pradesh”

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MP में 7 फरवरी 2026 से गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह प्रक्रिया किसानों को अपने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सही मूल्य प्राप्त करने और राज्य सरकार द्वारा संचालित उपार्जन केंद्रों का लाभ उठाने के लिए तैयार की गई है। इस वर्ष गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसान इस पंजीयन के माध्यम से न केवल अपने उत्पादन का सही मूल्य सुनिश्चित कर पाएंगे, बल्कि उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

CM मोहन यादव का संदेश:

CM मोहन यादव ने इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “सशक्त किसान, समृद्ध मध्यप्रदेश। आज 7 फरवरी से गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन शुरू हो रहा है। अंतिम तिथि 7 मार्च है। राज्यभर में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए हैं। यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि किसानों की मेहनत का पूरा मोल मिले।” मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस पंजीयन प्रक्रिया का उद्देश्य किसानों को आसानी से उपार्जन केंद्रों तक पहुँचाना और उनके गेहूं के उत्पादन का सही मूल्य सुनिश्चित करना है।

पंजीयन की प्रक्रिया:

किसान अपने गेहूं का पंजीयन निशुल्क करवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें निम्नलिखित विकल्प मिलते हैं:

  1. ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालय: इन केंद्रों पर किसान पंजीकरण करवा सकते हैं।
  2. सहकारी समितियां एवं सहकारी विपणन संस्थाएं: इन केंद्रों पर भी किसान निशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं।
  3. ई-उपार्जन पोर्टल: किसान अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर सकते हैं।

यदि किसान MP ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से पंजीकरण करवाते हैं, तो इसके लिए प्रति पंजीयन 50 रुपये का शुल्क लगेगा। यह शुल्क सरकारी सुविधा केंद्रों में पंजीकरण करवाने पर लागू नहीं होता।

आवश्यक दस्तावेज:

गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन करने वाले किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे:

  1. आधार कार्ड: यह पंजीकृत मोबाइल नंबर से लिंक होना चाहिए।
  2. भूमि प्रमाणित करने वाली किताब: यह सुनिश्चित करती है कि किसान वही उपार्जन केंद्र उपयोग कर रहा है, जो उसकी वास्तविक भूमि का उत्पादन है।
  3. बैंक पासबुक: यदि बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं है, तो भुगतान में देरी हो सकती है।

पंजीयन के लाभ:

पंजीयन कराने वाले किसान कई तरह के लाभ प्राप्त कर सकते हैं:

  • MSP पर गेहूं बेचने की सुविधा: किसान अपने गेहूं का MSP सुनिश्चित कर पाएंगे।
  • सरकारी योजनाओं में भागीदारी: पंजीयन से किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं।
  • उपार्जन केंद्रों तक पहुँच: पंजीयन के बाद किसान सीधे अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र पर अपना गेहूं बेच सकते हैं।
  • भुगतान की सुविधा: पंजीकरण बैंक खाते से लिंक होने पर किसानों को सीधे भुगतान किया जाएगा।
राज्य भर में पंजीयन केंद्र:

मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार 3186 पंजीयन केंद्र राज्यभर में स्थापित किए हैं। इन केंद्रों को सुविधाजनक स्थानों पर बनाया गया है ताकि किसान आसानी से पंजीयन करा सकें। ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय और सहकारी समितियों में यह सुविधा उपलब्ध है।

ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा:

किसान अपने मोबाइल फोन से ई-उपार्जन पोर्टल पर जाकर भी पंजीयन कर सकते हैं। पोर्टल पर आवश्यक जानकारी भरने के बाद किसान को पंजीयन प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इससे किसान घर बैठे ही अपने पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं और लंबी कतारों में खड़े होने से बच सकते हैं।

शुल्क का विवरण:
  • सरकारी सुविधा केंद्रों पर पंजीयन निशुल्क है।
  • एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से पंजीयन कराने पर प्रति पंजीयन 50 रुपये शुल्क देना होगा।
सफल पंजीयन के बाद आगे की प्रक्रिया:

पंजीकरण के बाद किसान को अपने नजदीकी उपार्जन केंद्र की जानकारी दी जाएगी। उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए किसान को पंजीयन प्रमाण पत्र और आवश्यक दस्तावेज साथ लाने होंगे। इसके बाद उनका गेहूं वजन और गुणवत्ता के अनुसार मूल्यांकन के लिए लिया जाएगा और MSP के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

सरकारी सहायता और निगरानी:

मध्य प्रदेश सरकार द्वारा उपार्जन प्रक्रिया की पूरी निगरानी की जाएगी। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड और पोर्टल सिस्टम का उपयोग किया जाएगा ताकि किसी भी किसान को किसी प्रकार की समस्या न हो। अगर किसी किसान को पंजीयन या उपार्जन प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है।

किसानों के लिए संदेश:

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस पंजीयन का उद्देश्य किसानों की मेहनत का उचित मूल्य सुनिश्चित करना है। MSP पर गेहूं बेचकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं और भविष्य के लिए सुरक्षित आर्थिक स्थिति बना सकते हैं। इसके साथ ही पंजीयन प्रक्रिया से किसानों की जानकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज होगी, जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुँच सकेगा।

इस बार के पंजीयन और उपार्जन अभियान से मध्य प्रदेश में गेहूं किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें उचित मूल्य प्राप्त करने में आसानी होगी। सरकार की यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल पंजीयन प्रणाली से जोड़ने के साथ-साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

निष्कर्ष:

मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए पंजीयन 7 फरवरी से शुरू हो गया है और अंतिम तिथि 7 मार्च 2026 है। किसान सरकारी सुविधा केंद्रों, सहकारी समितियों या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से पंजीयन कर सकते हैं। MSP पर बंपर खरीदी के लिए यह पंजीयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। अपने दस्तावेज सही रखकर और समय पर पंजीयन कराकर किसान अपने उत्पादन का सर्वोत्तम लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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