WhatsApp पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
जैन मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के संबंध में कथित टिप्पणी प्रसारित करने का मामला, न्यायालय ने आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेजा
संवाददाता – राहुल जैन
अशोकनगर। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के माध्यम से कथित आपत्तिजनक टिप्पणी प्रसारित करने के मामले में अशोकनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला श्रद्धेय जैन मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय द्वारा दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच में जुटी हुई है।
व्हाट्सएप पर टिप्पणी प्रसारित करने को लेकर दर्ज हुआ था मामला
पुलिस के मुताबिक, व्हाट्सएप के माध्यम से जैन मुनिश्री सुधासागर जी महाराज के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी प्रसारित किए जाने की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली अशोकनगर में अपराध क्रमांक 346/2026 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं 299, 352 एवं 353(2) के तहत कार्रवाई शुरू की। प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच प्रक्रिया प्रारंभ की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी व्यक्ति, धार्मिक संत या समुदाय के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है।
एसपी के निर्देश पर गठित की गई विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे।
एसपी के निर्देशन में एसडीओपी विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। इसके साथ ही साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया।
पुलिस टीम को आरोपियों की तलाश, सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी दी गई।
कई शहरों में पुलिस ने दी दबिश
पुलिस जांच के दौरान सामने आया कि मामले में आरोपी डॉ. रेखा जैन, समीर जैन और राहुल जैन घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने लगातार प्रयास किए। पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई। जानकारी के अनुसार, आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमों ने सागर, दमोह, जबलपुर, नागपुर और ललितपुर सहित कई स्थानों पर पहुंचकर जांच की।
पुलिस की लगातार कार्रवाई और दबाव के चलते आखिरकार दो आरोपियों ने न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण कर दिया।
दो आरोपियों ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण
पुलिस के अनुसार, आरोपी राहुल जैन (40 वर्ष), निवासी रामपुरा वार्ड, सागर और समीर जैन (39 वर्ष), निवासी रामपुरा वार्ड, सागर ने 15 जुलाई 2026 को न्यायालय में उपस्थित होकर आत्मसमर्पण किया।
न्यायालय में उपस्थित होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से पुलिस को पूछताछ और जांच के लिए दोनों आरोपियों का रिमांड प्राप्त हुआ।
पुलिस अब आरोपियों से मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित टिप्पणी किस परिस्थिति में और किस उद्देश्य से प्रसारित की गई।
साइबर गतिविधियों की भी की जा रही जांच
सोशल मीडिया से जुड़े मामलों में पुलिस द्वारा डिजिटल साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होती है। इस मामले में भी पुलिस साइबर सेल की मदद से तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री किस माध्यम से तैयार हुई, उसे किसने प्रसारित किया और कितने लोगों तक पहुंची।
इसके अलावा पुलिस मामले में शामिल अन्य संभावित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।
मामले में आगे की कार्रवाई जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक या विवादित सामग्री साझा करने से पहले कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों का ध्यान रखना आवश्यक है।
ऐसे मामलों में पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है और शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में अशोकनगर पुलिस की कई टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, कार्रवाई में प्रमुख रूप से—
- थाना प्रभारी निरीक्षक रवि प्रताप सिंह चौहान
- उपनिरीक्षक सत्येन्द्र कुशवाह
- सहायक उपनिरीक्षक विनोद तिवारी
- प्रधान आरक्षक पंकज तिवारी
- आरक्षक राजू रघुवंशी
की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सोशल मीडिया मामलों में पुलिस की सख्ती
हाल के वर्षों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे मामलों में पुलिस और साइबर सेल सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
अशोकनगर पुलिस की इस कार्रवाई को सोशल मीडिया अपराधों के खिलाफ सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति या धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, इस मामले में पुलिस जांच जारी है और आगे की कार्रवाई आरोपियों से पूछताछ तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
