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तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी को गिरनार जी नहीं बनने देंगे 5 चातुर्मास करना पड़े तो करूंगा : मुनि आदित्य सागर जी की सरकार को खुली चेतावनी

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Published On: 31 August 2026
राज सम्मेद शिखर

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*तीर्थ राज सम्मेद शिखर जी को गिरनार जी नहीं बनने देंगे 5 चातुर्मास करना पड़े तो करूंगा : मुनि आदित्य सागर जी की सरकार को खुली चेतावनी*

तीर्थ रक्षा के लिए तीर्थ राज सम्मेदशिखर पर भट्टारक स्वामी जी का होना जरूरी, सो रही तीर्थ कमेटियां जागें

राजेश जैन दद्दू

इंदौर/सम्मेद शिखर। श्रमण संस्कृति और सिद्धक्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर श्रंमण संस्कृति के महामहिम पट्टाचार्य चर्या शिरोमणि विशुद्ध सागर जी महामुनि राज के कुल गौरव परम शिष्य पूज्य मुनि श्री 108 आदित्य सागर जी महाराज उदयपुर राजस्थान में चातुर्मास रत ने भारत वर्षीय जैन समाज को तीखा उद्बोधन दिया। धर्मसभा के दौरान उन्होंने तीर्थ राज सम्मेदशिखर जी को लेकर चल रहे विवाद पर सरकार, नेताओं और मीडिया को कड़ी चेतावनी दी।

राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के प्रचारक राजेश जैन दद्दू एवं मंयक जैन ने बताया कि गुरुदेव ने अपनी मंगल देशना में कहा कि सम्मेद “शिखर जी को गिरनार जी बनाने की कोई हरकत शरारत कोई न करे। उसके लिए बहुत भारी पड़ेगा, चाहे वो सरकार हो या छोटे-मोटे नेता हो या कोई भी धर्म का जानकार हो। ये चेतावनी भी है और भारत वर्षीय समाज के लिए आह्वान भी। मंगल देशना में संबोधित करते हुए कहा कि जैन मंदिर सबका है, पर उसकी मर्यादा में ध्यान रखकर आना चाहिए। आज तीर्थ राज पर वहां जाकर लोग गांजा पी रहे हैं, पार्टी कर रहे हैं और क्षेत्र की मर्यादा दुषित कर रहे है।
गुरु देव ने तीर्थ क्षेत्र कमेटी को सख़्त लिहाजा में कहा कि

*सो रही तीर्थ क्षेत्र कमेटियां जागें*

मुनि श्री ने कहा कि जो तीर्थ क्षेत्र कमेटियां सो रही हैं, उनको जागना चाहिए। ये कमेटियां तीर्थ की रक्षा के लिए हैं,पद लेकर खाली बैठने के लिए नहीं हैं। वहां व्यवस्था कीजिए। आगामी समय में कर्नाटक से या जहां से भी संभव हो, एक प्रसिद्ध और व्यवस्थित भट्ठारक जी को तीर्थ क्षेत्र शिखर जी में रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आपके तीर्थ क्षेत्रों की रक्षा पूर्व में भी भट्टारकों ने की थी, इस बार भी वही करेंगे। तीर्थ रक्षा के लिए भट्टारक स्वामी जी का होना अति आवश्यक है।
महाराज जी ने आह्वान किया कि सरकार के खिलाफ समाज को एकजुट होना पड़ेगा। समाज कोर्ट भी जा सकता है, अपनी बात भी रख सकता है, धरना भी कर सकता है। ये व्यवस्थाएं अब करनी ही पड़ेंगी।

*”कोई नहीं होगा तो आदित्य सागर एक्टिव होंगे”*

अपने उद्बोधन के अंत में महाराज जी ने हुंकार भरते हुए कहा – *”मैं ये नहीं मानता कि हमारा तीर्थ क्षेत्र चला जाएगा, बिल्कुल नहीं जाएगा। पहले के लोगों का नहीं पता, अभी बहुत लोग एक्टिव हैं। कोई नहीं होगा तो आदित्य सागर एक्टिव होंगे। लेकिन सम्मेद शिखर जी को गिरनार बनने नहीं देंगे, किसी भी परिस्थिति में नहीं। अगर मेरे को भी वहां पांच चातुर्मास करना पड़े तो मैं करूंगा, लेकिन गिरनार बनने नहीं दूंगा।”*

उन्होंने वहां विराजमान साधु वृंद से भी अपील की कि वे भी एक्टिव हों, स्थायी रूप से वहां रहने वाले भट्टारक जी को वहां स्थान सुनिश्चित करें वहां विराजमान रह कर सभी मंदिर मिलकर एक होकर तीर्थ की रक्षा करें।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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