खाली प्लॉटों में जमा पानी बना मुसीबत, सिलवानी में कॉलोनीवासियों की परेशानी बढ़ी
गंदगी, मच्छरों और जहरीले कीड़ों के खतरे से रहवासी परेशान, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
Silwani संवाददाता वैभव जैन मस्ताना।
सिलवानी नगर में तेजी से हो रहे कॉलोनियों के विस्तार के बीच अब खाली पड़े प्लॉटों की समस्या गंभीर रूप लेती जा रही है। नगर की कई नई कॉलोनियों में वर्षों से खाली पड़े प्लॉटों में गंदा पानी जमा हो रहा है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण जहां गंदगी फैल रही है, वहीं मच्छरों और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कॉलोनी विकसित करने वाले लोग और प्लॉट मालिक केवल जमीन की कीमत बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन खाली प्लॉटों की देखभाल और साफ-सफाई की जिम्मेदारी से बच रहे हैं। इसका सीधा असर आसपास रहने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
खाली प्लॉट बने गंदगी और बीमारी का केंद्र
नगर की कई कॉलोनियों में खाली पड़े प्लॉट बारिश के बाद तालाब जैसे नजर आने लगे हैं। इनमें जमा पानी लंबे समय तक नहीं सूखने के कारण गंदगी फैल रही है। पानी में मच्छरों के लार्वा पनप रहे हैं, जिससे क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
रहवासियों का कहना है कि सुबह-शाम घरों के आसपास मच्छरों की संख्या काफी बढ़ गई है। इसके अलावा जमा पानी में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतु भी दिखाई देने लगे हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्लॉट मालिकों की लापरवाही से बढ़ रही समस्या
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई प्लॉट मालिकों ने जमीन खरीदने के बाद उसे लंबे समय तक खाली छोड़ दिया है। जमीन की कीमत बढ़ने के बाद उसे अधिक दाम में बेचने की मंशा से प्लॉटों की देखरेख नहीं की जा रही है।
कई खाली प्लॉटों में न तो सुरक्षा के लिए बाउंड्री कराई गई है और न ही उन्हें समतल कराया गया है। बारिश के मौसम में ऐसे प्लॉटों में पानी भर जाता है, जो बाद में गंदगी और संक्रमण का कारण बनता है।
नागरिकों का कहना है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने के बाद उसकी जिम्मेदारी केवल मालिक की नहीं बल्कि कॉलोनी विकसित करने वाले लोगों की भी होती है। यदि समय पर साफ-सफाई और उचित व्यवस्था की जाए तो आसपास के लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कई बार शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
रहवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों को शिकायत की गई है। लोगों ने खाली प्लॉटों में जमा पानी और गंदगी की समस्या से प्रशासन को अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नागरिकों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या सबसे अधिक परेशानी पैदा करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का प्रमुख कारण बनता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।
रहवासियों का कहना है कि नगर में स्वच्छता अभियान और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जाते हैं, लेकिन खाली प्लॉटों की अनदेखी के कारण ये प्रयास प्रभावित हो रहे हैं।
यदि खाली प्लॉटों की नियमित सफाई नहीं कराई गई और जलभराव को रोका नहीं गया तो इसका असर पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
नागरिकों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे प्लॉट मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जो अपनी जमीन की देखरेख नहीं कर रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि खाली प्लॉटों में जमा पानी की निकासी कराई जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने इसके लिए नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
नागरिकों का कहना है कि किसी व्यक्ति की निजी लापरवाही का खामियाजा पूरे मोहल्ले और कॉलोनी के लोगों को नहीं भुगतना चाहिए। प्रशासन को इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने चाहिए।
प्रशासन से समाधान की उम्मीद
सिलवानी नगर में बढ़ती इस समस्या को देखते हुए अब लोगों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। रहवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप करेगा और खाली प्लॉटों की सफाई, जल निकासी तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
नगरवासियों का कहना है कि विकास के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। कॉलोनियों का निर्माण केवल प्लॉट बेचने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वहां रहने वाले लोगों को बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना भी जिम्मेदारी का हिस्सा होना चाहिए।
