Indore में दो दिन जल संकट, नगर निगम ने जारी की एडवाइजरी
Indore शहर के नागरिकों के लिए 26 और 27 दिसंबर को पानी को लेकर विशेष सतर्कता बरतना जरूरी होगा। नगर निगम इंदौर ने स्पष्ट किया है कि इन दो दिनों में शहर के कई हिस्सों में जल आपूर्ति बाधित रहेगी। इसका कारण 60 मेगावाट सोलर प्लांट से जुड़ी पावर ट्रांसमिशन लाइन का कार्य और नर्मदा परियोजना के दूसरे व तीसरे चरण की पाइपलाइन को 132 केवी सब-स्टेशन से जोड़ने के लिए लिया जा रहा शटडाउन है। इस तकनीकी और रखरखाव संबंधी कार्य का सीधा असर शहर की जल वितरण व्यवस्था पर पड़ेगा।
क्यों लिया जा रहा है शटडाउन?
Indore नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, इंदौर में बिजली और जल आपूर्ति को लंबे समय तक सुरक्षित और स्थिर बनाए रखने के लिए यह शटडाउन बेहद जरूरी है। 60 मेगावाट सोलर प्लांट की पावर ट्रांसमिशन लाइन को सुचारु रूप से जोड़ने और नर्मदा परियोजना की पाइपलाइन को 132 केवी सब-स्टेशन से कनेक्ट करने के लिए कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद करनी होगी। इसी दौरान पंप हाउस, सब-स्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन पर जरूरी मेंटेनेंस और तकनीकी सुधार के कार्य भी पूरे किए जाएंगे।
शटडाउन का समय और उसका प्रभाव
प्रस्तावित शटडाउन का समय सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक निर्धारित किया गया है। हालांकि यह समयावधि चार घंटे की है, लेकिन इसका असर केवल उसी समय तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों के मुताबिक, इस शटडाउन के कारण कई जल टंकियां समय पर नहीं भर पाएंगी, जिससे शाम की जल आपूर्ति और अगले दिन यानी 27 दिसंबर की सुबह और दोपहर की सप्लाई भी प्रभावित होगी। कुछ इलाकों में पानी का दबाव कम रहेगा, जबकि कुछ क्षेत्रों में पूरी तरह से जल आपूर्ति बाधित हो सकती है।
26 दिसंबर को किन क्षेत्रों में पानी नहीं आएगा?
26 दिसंबर को शहर के कई प्रमुख इलाकों में सीधे जलप्रदाय पर असर पड़ेगा। इनमें बिलावली टंकी क्षेत्र, अन्नपूर्णा, कॉटन अड्डा, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, पगनीसपागा, भंवरकुआ, महावीर नगर, स्कीम-94, रेडियो कॉलोनी, एमवायएच क्षेत्र, यशवंत क्लब, स्कीम-54 और बजरंग नगर टंकी से जुड़े इलाके शामिल हैं।
इसके अलावा शाम की जल सप्लाई भी प्रभावित रहेगी। स्कीम-94, बजरंग नगर, भंवरकुआ, बर्फानी धाम, वीणा नगर, स्कीम-74, शिव नगर, हवा बंगला, विदुर नगर, नगीन नगर और अंबिकापुरी जैसे क्षेत्रों में लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
27 दिसंबर को भी बनी रहेगी परेशानी
जल संकट 27 दिसंबर को भी पूरी तरह खत्म नहीं होगा। इस दिन अन्नपूर्णा, छत्रीबाग, राज मोहल्ला, एमओजी लाइन, लोकमान्य नगर, द्रविण नगर, महाराणा प्रताप नगर, कुशवाह मोहल्ला, नरवल, अगरबत्ती कॉम्प्लेक्स, टिगरिया बादशाह, सुभाष चौक, सदर बाजार, गांधी हॉल, मल्हार आश्रम, बिलावली और भंवरकुआ जैसे क्षेत्रों में जल आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है।
इसके साथ ही खातीवाला टैंक, स्नेह नगर, गाड़ी अड्डा और सीपी शेखर नगर जैसे इलाकों में भी पानी की सप्लाई पर असर पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में टैंकरों की मांग बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

टंकियां पूरी तरह नहीं भर पाएंगी
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शटडाउन के चलते कई जल टंकियां अपनी पूरी क्षमता तक नहीं भर पाएंगी। कुछ इलाकों में टंकियां आंशिक रूप से भरेंगी, जबकि कुछ जगहों पर पूरी तरह खाली रहने की भी आशंका है। इसका असर एमवायएच, पीडब्ल्यूडी, यशवंत क्लब, कॉटन अड्डा, कुलकर्णी का भट्टा, एमआईजी, नंदा नगर रोड नंबर-13, बर्फानी धाम, सुखलिया, महालक्ष्मी नगर और स्कीम-54 जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा।
इसी तरह स्कीम-74, स्कीम-114 पार्ट-2, नानक नगर, स्कीम-94, मूसाखेड़ी, महावीर नगर, खजराना, स्कीम-71, 78, 78/1, 78/2, 113, 136, लोहा मंडी और राजीव आवास विहार में भी पानी का दबाव सामान्य से कम रह सकता है।
नागरिकों के लिए नगर निगम की अपील
नगर निगम Indore ने सभी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे पहले से पर्याप्त मात्रा में पानी का संग्रह कर लें। अधिकारियों ने कहा है कि इन दो दिनों में पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें और अनावश्यक खर्च से बचें। खासकर घरेलू कामों, वाहन धुलाई और बागवानी जैसे कार्यों में पानी का सीमित उपयोग करने की सलाह दी गई है।
दीर्घकालिक लाभ का दावा
Indore नगर निगम का कहना है कि यह असुविधा अस्थायी है, लेकिन इसके फायदे दीर्घकालिक होंगे। सोलर प्लांट की ट्रांसमिशन लाइन और नर्मदा परियोजना की पाइपलाइन से जुड़ा यह काम पूरा होने के बाद बिजली और जल आपूर्ति प्रणाली पहले से अधिक मजबूत और स्थिर हो जाएगी। इससे भविष्य में अनियोजित शटडाउन और तकनीकी समस्याओं की संभावना कम होगी।
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प्रशासन की तैयारी
नगर निगम Indore ने आपात स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी तैयार रखी हैं। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के माध्यम से संवेदनशील इलाकों में पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा सकती है। इसके लिए संबंधित जोन अधिकारियों को अलर्ट पर रखा गया है।
सतर्कता ही सबसे बड़ा उपाय
कुल मिलाकर, 26 और 27 दिसंबर को इंदौर के नागरिकों को थोड़ी परेशानी जरूर झेलनी पड़ सकती है, लेकिन अगर पहले से तैयारी कर ली जाए तो इस जल संकट को आसानी से संभाला जा सकता है। नगर निगम की अपील है कि सहयोग बनाए रखें, ताकि जरूरी तकनीकी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें और शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।
