VVS Laxman को मिल सकती है BCCI में बड़ी जिम्मेदारी, बन सकते हैं डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट
गौतम गंभीर और अजीत अगरकर से भी व्यापक हो सकता है रोल, सितंबर की बैठक में लिया जा सकता है फैसला
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज VVS Laxman को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) में जल्द ही बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सितंबर 2026 में होने वाली BCCI की महत्वपूर्ण बैठक में क्रिकेट प्रशासन और संचालन से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इनमें लक्ष्मण को डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल बताया जा रहा है।
यदि लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो उनका काम केवल किसी एक टीम या विभाग तक सीमित नहीं रहेगा। वह भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग हिस्सों के बीच तालमेल बनाने, खिलाड़ियों के विकास की योजना तैयार करने और टीम मैनेजमेंट के साथ समन्वय स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
फिलहाल Centre of Excellence के प्रमुख हैं लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण वर्तमान में BCCI के Centre of Excellence (CoE) से जुड़े हुए हैं। यहां वह युवा और उभरते खिलाड़ियों के विकास पर काम कर रहे हैं। लक्ष्मण के अनुभव का इस्तेमाल भारतीय क्रिकेट के भविष्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में किया जा रहा है।
CoE में उनकी भूमिका खिलाड़ियों की तकनीकी और मानसिक तैयारियों के साथ-साथ उनके प्रदर्शन में सुधार से भी जुड़ी है। यही अनुभव उन्हें संभावित डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की भूमिका के लिए मजबूत दावेदार बनाता है।
क्या होगा डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का काम?
डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद भारतीय क्रिकेट के संचालन में एक महत्वपूर्ण समन्वयकारी भूमिका हो सकता है। हालांकि इस पद की अंतिम जिम्मेदारियां BCCI द्वारा तय की जाएंगी, लेकिन संभावित रूप से लक्ष्मण को सीनियर टीम, कोचिंग स्टाफ, चयनकर्ताओं, Centre of Excellence और खिलाड़ी विकास कार्यक्रमों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी मिल सकती है।
इसके अलावा भारतीय क्रिकेट के भविष्य की रणनीति, युवा खिलाड़ियों की पहचान, प्रतिभा विकास और विभिन्न स्तरों की टीमों के बीच बेहतर समन्वय भी उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा हो सकता है।
गौतम गंभीर और अजीत अगरकर से अलग होगी भूमिका
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की प्राथमिक जिम्मेदारी टीम की कोचिंग और खिलाड़ियों के मैदान पर प्रदर्शन से जुड़ी है। दूसरी ओर अजीत अगरकर सीनियर पुरुष चयन समिति के अध्यक्ष हैं और उनकी मुख्य भूमिका टीम चयन से संबंधित है।
इसके मुकाबले डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की संभावित भूमिका ज्यादा व्यापक हो सकती है। यह पद टीम मैनेजमेंट और चयन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने वाला हो सकता है। इसी कारण रिपोर्ट्स में लक्ष्मण की संभावित जिम्मेदारी को गंभीर और अगरकर के पदों से अलग और व्यापक बताया जा रहा है।
हालांकि, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि लक्ष्मण वास्तव में दोनों से ऊपर कोई अधिकार रखने वाले होंगे। पद की वास्तविक शक्तियां और अधिकार BCCI के आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।
अजीत अगरकर के कार्यकाल पर भी नजर
सितंबर की BCCI बैठक में अजीत अगरकर के कार्यकाल को लेकर भी फैसला महत्वपूर्ण हो सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार उनका मौजूदा कार्यकाल सितंबर में समाप्त होने वाला है। बोर्ड उनके कार्यकाल को जून 2027 तक बढ़ाने पर विचार कर सकता है।
अगरकर के भविष्य और डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट के नए पद को लेकर फैसला एक ही समय के आसपास होता है, तो भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
भारतीय टीम के साथ पहले भी काम कर चुके हैं लक्ष्मण
वीवीएस लक्ष्मण का भारतीय क्रिकेट टीम के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। वह पहले भी कई मौकों पर भारतीय टीम के अंतरिम हेड कोच की भूमिका निभा चुके हैं। जब नियमित कोच उपलब्ध नहीं होते थे, तब लक्ष्मण को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस अनुभव के कारण उन्हें खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ और टीम मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली की अच्छी समझ है। बतौर खिलाड़ी उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी उन्हें इस संभावित जिम्मेदारी के लिए मजबूत विकल्प बनाता है।
युवा खिलाड़ियों के विकास में अहम योगदान
लक्ष्मण का एक बड़ा फोकस युवा प्रतिभाओं को तैयार करने पर रहा है। Centre of Excellence के जरिए वह भारतीय क्रिकेट के उभरते खिलाड़ियों के साथ काम कर रहे हैं।
भारतीय क्रिकेट में लगातार नई प्रतिभाओं को मौका मिल रहा है। ऐसे में BCCI के लिए यह जरूरी है कि घरेलू क्रिकेट, युवा टीमों, इंडिया ए और सीनियर टीम के बीच एक स्पष्ट विकास प्रणाली बनाई जाए। डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट की भूमिका इस दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
रवि शास्त्री की भूमिका से हो सकती है तुलना
भारतीय क्रिकेट में इससे पहले रवि शास्त्री टीम डायरेक्टर की भूमिका निभा चुके हैं। उस दौरान उनका काम टीम के कोच और मैनेजमेंट से व्यापक स्तर पर जुड़ा हुआ था।
अगर लक्ष्मण को भी इसी तरह की व्यापक जिम्मेदारी दी जाती है, तो वह भारतीय क्रिकेट के अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय करने वाली अहम कड़ी बन सकते हैं। हालांकि, लक्ष्मण की जिम्मेदारियां शास्त्री की पुरानी भूमिका से कितनी अलग या समान होंगी, यह BCCI के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।
लक्ष्मण के अनुभव का बोर्ड कर सकता है इस्तेमाल
वीवीएस लक्ष्मण भारतीय क्रिकेट के सबसे अनुभवी पूर्व खिलाड़ियों में से एक हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके लंबे करियर के अलावा उनके पास कोचिंग और खिलाड़ी विकास का भी अनुभव है।
उन्होंने भारतीय टीम के साथ काम किया है और युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को करीब से देखा है। ऐसे में BCCI उनके अनुभव का इस्तेमाल भविष्य की क्रिकेट रणनीति तैयार करने में करना चाहता है, तो डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट का पद एक उपयुक्त विकल्प हो सकता है।
अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल वीवीएस लक्ष्मण को BCCI का डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट बनाए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यह खबर फिलहाल रिपोर्ट्स और संभावित बदलावों पर आधारित है।
सितंबर 2026 में होने वाली BCCI बैठक के बाद तस्वीर साफ हो सकती है। यदि लक्ष्मण को यह जिम्मेदारी मिलती है, तो भारतीय क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे में यह बड़ा बदलाव माना जाएगा।
उनकी नियुक्ति से सीनियर टीम, चयन प्रक्रिया, कोचिंग स्टाफ और युवा क्रिकेट के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, अंतिम निर्णय और पद की शक्तियों का निर्धारण BCCI द्वारा किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।
