MP में मौसम का मिजाज इन दिनों काफी बदल रहा है। ओले और बारिश के बाद से ही प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे ने आम जीवन और यातायात को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बुधवार सुबह से ही Gwalior , दतिया, रतलाम, रीवा, उज्जैन, दमोह, नौगांव, सीधी, भोपाल, इंदौर, खजुराहो, गुना, राजगढ़, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सागर, मंडला, टीकमगढ़, शजापुर, मलाजखंड, विदिशा, छतरपुर, आगर-मालवा, सीहोर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में घने कोहरे का असर देखा गया।
Gwalior में दृश्यता मात्र 50 मीटर
Gwalior में दृश्यता बुधवार सुबह मात्र 50 मीटर दर्ज की गई। घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात दोनों प्रभावित हुए। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए। कोहरे के कारण दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं।
रेल सेवाओं पर कोहरे का असर
कोहरे के चलते MP में रेल यातायात पर भारी असर पड़ा। सबसे ज्यादा प्रभावित ट्रेनें दिल्ली से आने वाली हैं। विभिन्न ट्रेनों की देरी इस प्रकार रही:
- पंजाब मेल – 3 घंटे
- शताब्दी एक्सप्रेस – 2 घंटे 50 मिनट
- झेलम एक्सप्रेस – 2 घंटे 20 मिनट
- सचखंड एक्सप्रेस – 30 मिनट
- कर्नाटक एक्सप्रेस – 4 घंटे 20 मिनट
- मालवा एक्सप्रेस – 8 घंटे 15 मिनट
- डॉ. अंबेडकर नगर एसएफ एक्सप्रेस – 2 घंटे 20 मिनट
इन सभी ट्रेनों में देरी का मुख्य कारण ग्वालियर, मुरैना और भिंड के आसपास घना कोहरा है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य लें।
सड़क यातायात पर भी असर
घना कोहरा केवल रेल यातायात पर ही नहीं, बल्कि सड़क मार्गों पर भी प्रभावित कर रहा है। कई जिलों में विजिबिलिटी इतनी कम हो गई है कि वाहन चालकों को धीरे चलने और हेडलाइट ऑन रखने की सलाह दी गई है। कुछ क्षेत्रों में एक्सीडेंट की संभावना बढ़ गई है, इसलिए स्थानीय प्रशासन ने सड़क मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है।
आगामी मौसम का पूर्वानुमान
MP मौसम विभाग के अनुसार, 5 और 6 फरवरी को प्रदेश के विभिन्न जिलों में कोहरे का असर जारी रहेगा। 5 फरवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में घना कोहरा रहेगा। वहीं भोपाल, गुना, अशोकनगर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास में हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। 6 फरवरी को भी कई जिलों में हल्का कोहरा रहने की संभावना है।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा उपाय
कोहरे और ट्रेनों की देरी को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। रेलवे और सड़क दोनों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए गए हैं। ग्वालियर और उज्जैन में रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस को अतिरिक्त ड्यूटी पर तैनात किया गया है। ट्रेनों की समय-सारणी अपडेट करने और यात्रियों को लगातार सूचना देने के लिए रेलवे प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की है।
सड़क मार्गों पर बैरिकेडिंग और ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से यातायात को सुचारू बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों को घने कोहरे में सुरक्षित यात्रा के लिए सलाह दी गई है कि वे समय पर निकलें, हेडलाइट चालू रखें और दूरी बनाए रखें।
घने कोहरे का कारण
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ओले और बारिश के बाद ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी और मध्य जिलों में कोहरा जमकर छा गया है। सुबह के समय तापमान गिरने से नमी हवा में जमकर धुंध का रूप ले लेती है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है। विशेषकर ग्वालियर, मुरैना और भिंड जिले में धुंध इतनी अधिक थी कि दृश्यता केवल 50 मीटर तक रह गई।
सामान्य जनता पर असर
घने कोहरे के कारण लोगों के सामान्य जीवन में भी असर पड़ा है। स्कूलों और कॉलेजों में समय पर पहुंचना मुश्किल हो रहा है। बाजार और कार्यालय भी प्रभावित हुए। प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है कि सुबह और देर रात को बाहर निकलते समय अधिक सतर्क रहें।
आगामी दो दिनों में सावधानी
मौसम विभाग ने अगले दो दिन को बेहद संवेदनशील बताया है। 5 और 6 फरवरी को भी कई जिलों में कोहरे का असर जारी रहेगा। इसलिए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति चेक करने की सलाह दी है। सड़क मार्ग पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की चेतावनी दी गई है।
निष्कर्ष
MP में घने कोहरे ने न केवल रेलवे और सड़क यातायात प्रभावित किया है, बल्कि आम जनता के जीवन को भी प्रभावित किया है। प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को बढ़ाकर और यात्रियों को जागरूक कर इस स्थिति से निपटने की पूरी कोशिश की है। आगामी दो दिनों में मौसम विभाग ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। यात्रियों और आम लोगों के लिए मुख्य संदेश यही है कि वे समय पर निकलें, सतर्क रहें और मौसम विभाग और प्रशासन की सलाह का पालन करें।
यह स्थिति दर्शाती है कि घने कोहरे जैसी प्राकृतिक आपदाओं के समय उचित प्रशासनिक तैयारी और समय पर सूचना देना कितना महत्वपूर्ण होता है।
