विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल में 24 जुलाई से आरंभ होगा। तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव में भव्य प्रवेश, गुरु भक्ति और गुरु पूर्णिमा के विशेष आयोजन होंगे। जानें पूरा कार्यक्रम और महत्व।
विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल में: 24 जुलाई से भव्य धार्मिक महोत्सव की शुरुआत
विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल में
विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल इस वर्ष जैन समाज के लिए अत्यंत श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बनने जा रहा है। परम पूज्य जिनशासन के महान ज्योतिर्धर, योगनिष्ठ जैनाचार्य श्री बुद्धिसागर सूरीश्वरजी महाराज की परंपरा में सागरगच्छ गौरव, वर्तमान तपागच्छाधिपति आचार्य श्री मनोहर कीर्तिसागर सूरीश्वरजी महाराज तथा प्रभावक प्रवचनकार आचार्य श्री उदय कीर्तिसागर सूरीश्वरजी महाराज की मंगल आज्ञा एवं आशीर्वाद से प्रवचन प्रभावक मुनिवर्य श्री विश्वोदय कीर्तिसागर जी महाराज (वी.के. गुरुजी) आदि ठाणा का चातुर्मास राजस्थान के पाली जिले स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी नाडोल में संपन्न होगा।
यह चातुर्मास न केवल साधना और तप का पर्व होगा बल्कि धर्म, ज्ञान, संस्कार और समाज को एक सूत्र में जोड़ने का भी माध्यम बनेगा।
नाडोल का धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व
पाली जिले के गोड़वाड़ क्षेत्र में स्थित नाडोल जैन धर्म की प्राचीन और पवित्र भूमि मानी जाती है। यह वही पुण्यभूमि है जहां लघुशांति स्तोत्र के रचयिता आचार्य भगवंत श्री मानदेव सूरीश्वरजी महाराज का जन्म हुआ था।इसी ऐतिहासिक धरा पर विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल आयोजित होना पूरे जैन समाज के लिए अत्यंत गौरव का विषय माना जा रहा है।
24 जुलाई को होगा भव्य प्रवेश
श्री जैन संघ नाडोल एवं श्री जैन सोशल ग्रुप नाडोल (मुंबई) के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय विशाल धार्मिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
प्रमुख कार्यक्रम
- 24 जुलाई 2026 – मुनिवर्य श्री विश्वोदय कीर्तिसागर जी महाराज का भव्य नगर प्रवेश एवं चातुर्मास स्थापना
- 28 जुलाई 2026 – भव्य गुरु भक्ति महोत्सव
- 29 जुलाई 2026 – गुरु पूर्णिमा का विशाल धार्मिक आयोजन एवं विशेष आराधना
इन आयोजनों में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
साधना, प्रवचन और धर्म आराधना का केंद्र बनेगा नाडोल
चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन धर्मसभा, प्रवचन, स्वाध्याय, तप, जप, ध्यान, सामायिक, प्रतिक्रमण तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।मुनिवर्य श्री विश्वोदय कीर्तिसागर जी महाराज के प्रेरणादायी प्रवचन श्रद्धालुओं को आत्मकल्याण, संयम, सदाचार तथा अहिंसा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।धर्मप्रेमियों के लिए यह चातुर्मास आध्यात्मिक उन्नति का विशेष अवसर माना जा रहा है।
श्रद्धालुओं से दर्शन-वंदन की अपील
श्री जैन संघ नाडोल के अध्यक्ष राजेंद्र मरलेचा ने देशभर के श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर दर्शन, वंदन एवं धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।उन्होंने कहा कि विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल समाज में धर्म, संस्कार और एकता का संदेश देगा तथा युवा पीढ़ी को जैन संस्कृति से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
निष्कर्ष
विश्वोदय कीर्तिसागर का चातुर्मास नाडोल केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि श्रद्धा, साधना, सेवा और संस्कार का विराट महापर्व है। 24 जुलाई से प्रारंभ होने वाला यह चातुर्मास जैन समाज के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। गुरु भक्ति और गुरु पूर्णिमा के आयोजन इसे और अधिक भव्य बनाएंगे। देशभर के श्रद्धालु इस पावन अवसर पर नाडोल पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे।
