विरियाखेड़ी उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण कार्य रुकने पर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। स्वीकृत भूमि पर निर्माण शुरू कराने, अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई।
विरियाखेड़ी उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण रुका, ग्रामीणों ने किया धरना प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
खाचरौद के ग्राम विरियाखेड़ी में स्वास्थ्य सुविधा और पीएम आवास योजना को लेकर बढ़ा आक्रोश
उज्जैन/खाचरौद। विरियाखेड़ी उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। उज्जैन जिले की खाचरौद तहसील के ग्राम विरियाखेड़ी में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वीकृत उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कार्य लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने मंगलवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2023 में उपस्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा सर्वे क्रमांक 327 की भूमि आवंटित की गई थी। इसी भूमि पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में भूमिपूजन भी संपन्न हुआ था। इसके बाद निर्माण एजेंसी द्वारा प्रारंभिक कार्य शुरू किया गया, लेकिन अचानक निर्माण कार्य रोक दिया गया।
स्वीकृत भूमि पर ही निर्माण की मांग
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों और कथित भू-माफियाओं के दबाव में निर्माण स्थल बदलने का प्रयास किया जा रहा है। जबकि मूल रूप से स्वीकृत भूमि पर पर्याप्त स्थान उपलब्ध है और वहीं निर्माण कार्य होना चाहिए।
धरना प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने कहा कि यदि निर्माण स्थल बदला जाता है तो इससे सरकारी प्रक्रिया और जनहित दोनों प्रभावित होंगे। ग्रामीणों ने मांग की कि स्वीकृत स्थान पर ही उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटक रहे ग्रामीण
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार उपस्वास्थ्य केंद्र नहीं बनने के कारण विरियाखेड़ी और आसपास के गांवों के लोगों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नागदा और खाचरौद जाना पड़ता है।इससे सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उठानी पड़ रही है। आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाने से लोगों में चिंता का माहौल है।ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य केंद्र बनने से हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो सकेंगी।
पीएम आवास योजना के हितग्राहियों ने भी उठाई आवाज
धरना प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मुद्दे भी उठाए।ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के 13 पात्र हितग्राहियों का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना में हो चुका है, लेकिन उन्हें अब तक आवास निर्माण की राशि नहीं मिली है।कुछ हितग्राहियों ने समूह से ऋण लेकर मकान निर्माण शुरू कर दिया है, जिसके कारण अब उन्हें किस्तें चुकाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ गरीब दलित परिवारों की झोपड़ियां हटवा दी गईं, लेकिन उन्हें आवास निर्माण के लिए समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई।
पहले भी दी जा चुकी हैं शिकायतें
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि इस मामले को लेकर पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री से की गई प्रमुख मांगें
धरना प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने निम्नलिखित मांगें रखीं—
- स्वीकृत भूमि पर ही उपस्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण कराया जाए।
- रुके हुए निर्माण कार्य को तत्काल शुरू किया जाए।
- निर्माण कार्य रोकने के कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र राशि उपलब्ध कराई जाए।
- गरीब और दलित परिवारों के आवास संबंधी मामलों का त्वरित समाधान किया जाए।
प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
24 जून को आयोजित एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन और राज्य सरकार की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।अब देखना होगा कि प्रशासन विरियाखेड़ी उपस्वास्थ्य केंद्र निर्माण और प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े इन मामलों पर क्या कदम उठाता है और ग्रामीणों को कब तक राहत मिलती है।


