Virat Kohli: करियर के इस पड़ाव पर भी विराट की फिटनेस और फील्डिंग का जलवा, पूर्व कोच टी. दिलीप ने की जमकर तारीफ
टी. दिलीप बोले- विराट कोहली की इंटेंसिटी से कोई समझौता नहीं, उनकी एनर्जी मैदान पर दूसरे खिलाड़ियों को भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करती है
Virat Kohli News: भारतीय क्रिकेट के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ फिटनेस और शानदार फील्डिंग के लिए भी लंबे समय से पहचाने जाते हैं। उम्र और करियर के इस पड़ाव पर भी उनकी मैदान पर सक्रियता और ऊर्जा कम नहीं हुई है। अब टीम इंडिया के पूर्व फील्डिंग कोच टी. दिलीप ने विराट कोहली की फिटनेस और फील्डिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है।
टी. दिलीप ने विराट की मैदान पर दिखाई देने वाली ऊर्जा और प्रतिस्पर्धी रवैये की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी इंटेंसिटी आज भी किसी भी तरह से कम नहीं हुई है। उनके मुताबिक, विराट केवल अपनी फील्डिंग तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके आसपास मौजूद खिलाड़ियों पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।
विराट कोहली की इंटेंसिटी से समझौता नहीं
टी. दिलीप ने विराट कोहली की फील्डिंग के बारे में बात करते हुए उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी इंटेंसिटी को बताया। उनका कहना है कि विराट जब मैदान पर होते हैं तो उनका पूरा ध्यान खेल पर रहता है।
दिलीप के मुताबिक, पावरप्ले के दौरान कवर या शॉर्ट मिड-विकेट जैसी पोजीशन पर विराट की प्रतिक्रिया बेहद तेज रहती है। गेंद की दिशा को पढ़ने, तुरंत मूव करने और डाइव लगाकर गेंद रोकने की उनकी क्षमता आज भी प्रभावशाली है।
पूर्व फील्डिंग कोच ने यह भी बताया कि हाल की सीरीज में भी विराट मैदान पर पूरी तरह सक्रिय नजर आए और उनकी फील्डिंग में वही चुस्ती देखने को मिली, जिसके लिए वह वर्षों से जाने जाते हैं।
मैदान पर विराट की ऊर्जा दूसरे खिलाड़ियों को करती है प्रभावित
विराट कोहली की खासियत केवल व्यक्तिगत फिटनेस तक सीमित नहीं है। टी. दिलीप के मुताबिक, जब विराट मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ खेलते हैं तो इसका असर उनके आसपास मौजूद खिलाड़ियों पर भी पड़ता है।
किसी भी टीम में अनुभवी खिलाड़ी का रवैया बाकी खिलाड़ियों के लिए उदाहरण बनता है। विराट के मामले में यह प्रभाव फील्डिंग के दौरान विशेष रूप से नजर आता है। उनकी तेज प्रतिक्रिया, गेंद के पीछे भागने का जज्बा और हर गेंद पर सक्रिय रहने की कोशिश टीम के युवा खिलाड़ियों को भी अपना स्तर ऊंचा रखने के लिए प्रेरित करती है।
दिलीप ने इसी प्रभाव को विराट की बड़ी खूबियों में शामिल किया है।
आखिरी ओवरों में भी मैदान पर एक्टिव रहते हैं कोहली
टी. दिलीप ने विराट की फिटनेस का उदाहरण देते हुए यह भी बताया कि मैच के अंतिम ओवरों में भी वह कठिन फील्डिंग पोजीशन लेने से पीछे नहीं हटते।
अक्सर मैच के आखिरी चरण में फील्डरों पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इस दौरान लगातार गेंद के पीछे दौड़ना और सही समय पर डाइव लगाना शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद विराट मैदान पर अपनी सक्रियता बनाए रखते हैं।
दिलीप के अनुसार, विराट की यही ऊर्जा टीम के बाकी खिलाड़ियों के लिए भी एक तरह का मानक तैयार करती है। जब टीम का अनुभवी खिलाड़ी आखिरी गेंद तक पूरी गंभीरता से फील्डिंग करता है, तो युवा खिलाड़ियों के लिए भी उसी स्तर की मेहनत करना स्वाभाविक रूप से जरूरी हो जाता है।
प्रैक्टिस और मैच के रवैये में ज्यादा अंतर नहीं
विराट कोहली को लंबे समय से अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग को लेकर बेहद अनुशासित क्रिकेटर माना जाता है। टी. दिलीप ने भी उनके रवैये की इसी निरंतरता को महत्वपूर्ण बताया।
मैदान पर विराट जिस तरह से हर गेंद को लेकर सक्रिय रहते हैं, उसका आधार उनकी तैयारी और अभ्यास में भी दिखाई देता है। यही वजह है कि मैच के दबाव में भी उनकी फील्डिंग की ऊर्जा और प्रतिक्रिया में ज्यादा गिरावट नजर नहीं आती।
दिलीप की बातों से यह संकेत मिलता है कि विराट के लिए फील्डिंग केवल एक जिम्मेदारी नहीं बल्कि खेल का अहम हिस्सा है।
टी. दिलीप का भारतीय टीम के साथ कार्यकाल हुआ खत्म
टी. दिलीप नवंबर 2021 में भारतीय क्रिकेट टीम के फील्डिंग कोच के रूप में जुड़े थे। करीब पांच साल तक टीम के साथ काम करने के बाद हाल ही में इंग्लैंड दौरे के बाद उनका कार्यकाल समाप्त हुआ।
उनके कार्यकाल में भारतीय टीम ने फील्डिंग के स्तर को लेकर काफी चर्चा बटोरी। टीम में फिटनेस और फील्डिंग को लेकर मानक ऊंचे करने की कोशिशों में दिलीप की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम ने कई बड़े टूर्नामेंटों में सफलता हासिल की। दिलीप ने अपने कार्यकाल की कई यादों को साझा किया है, जिनमें 2024 टी20 विश्व कप की जीत भी प्रमुख रही।
विराट कोहली अब केवल वनडे क्रिकेट पर फोकस कर रहे हैं
विराट कोहली टेस्ट और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं और अब भारतीय टीम के लिए वनडे क्रिकेट में उपलब्ध हैं। ऐसे में उनकी फिटनेस और फील्डिंग क्षमता टीम के लिए और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
सीमित संख्या में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेलने के बावजूद विराट के अनुभव का टीम को फायदा मिलता है। मैदान पर उनकी मौजूदगी युवा खिलाड़ियों के लिए सीखने का अवसर भी देती है।
विराट की फील्डिंग क्यों है खास?
विराट कोहली की फील्डिंग की सबसे बड़ी विशेषताओं में उनकी तेज प्रतिक्रिया, गेंद की दिशा को जल्दी पढ़ना और जरूरत पड़ने पर डाइव लगाकर गेंद रोकना शामिल है। इसके अलावा उनका लगातार सक्रिय रहना उन्हें अन्य फील्डरों से अलग बनाता है।
फील्डिंग में छोटी-सी गलती भी मैच का रुख बदल सकती है। ऐसे में हर गेंद पर ध्यान बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। विराट का यही रवैया उन्हें लंबे समय से एक भरोसेमंद फील्डर बनाए हुए है।
कोहली की फिटनेस पर दिलीप का बयान क्यों है खास?
टी. दिलीप ने लंबे समय तक भारतीय टीम के खिलाड़ियों के साथ काम किया है। ऐसे में विराट की फिटनेस और फील्डिंग को लेकर उनकी राय विशेष महत्व रखती है।
दिलीप की बातों से साफ है कि उम्र और करियर के इस चरण के बावजूद विराट ने अपनी फिटनेस और मैदान पर ऊर्जा के स्तर को बनाए रखा है। उनकी इंटेंसिटी केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि टीम के वातावरण पर भी असर डालती है।
विराट कोहली की यही प्रतिस्पर्धी भावना और मैदान पर पूरी ऊर्जा के साथ मौजूद रहने की आदत भारतीय क्रिकेट में उनकी पहचान का अहम हिस्सा बन चुकी है।
