विप्र फाउंडेशन पुष्कर अधिवेशन 2026 में राष्ट्रीय नियुक्तियां, EWS आरक्षण 14% की मांग और ब्राह्मण शोध अभियान जैसे बड़े फैसले लिए गए।
विप्र फाउंडेशन पुष्कर अधिवेशन 2026: बड़ा आयोजन, ऐतिहासिक फैसले
विप्र फाउंडेशन पुष्कर अधिवेशन 2026 में देश-विदेश से हजारों ब्राह्मण प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे ऐतिहासिक बना दिया। राजस्थान के तीर्थराज पुष्कर में आयोजित इस 18वें राष्ट्रीय परिषद अधिवेशन में संगठन विस्तार, सामाजिक चिंतन और नीतिगत मांगों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
भीनमाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस अधिवेशन में सामाजिक संरचना, शिक्षा, आरक्षण और संगठनात्मक मजबूती जैसे कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
नई नियुक्तियां: नेतृत्व को मिला नया विस्तार
विप्र फाउंडेशन पुष्कर अधिवेशन 2026 में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गईं।
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चिरंजीलाल दवे को जोधपुर जोन 1C का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया
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जितेन्द्र गौड़ (आबूरोड, सिरोही) को राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया
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एस.एन. श्रीमाली को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया
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टाइगर अशोक राजपुरोहित को राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया
इसके साथ ही 2026-28 के लिए 401 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।
राष्ट्रीय शोध अभियान की शुरुआत
अधिवेशन का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ‘ब्राह्मण सदृशता पहचान रूपरेखा’ नामक राष्ट्रीय शोध अभियान का शुभारंभ रहा।
इस अभियान का उद्देश्य ब्राह्मण समाज को केवल जन्म आधारित पहचान तक सीमित न रखते हुए उसे ज्ञान, नैतिकता, तप और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ना है।
संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करेगी और समाज के ऐतिहासिक योगदान को समझने में मदद करेगी।
EWS आरक्षण 14% करने की मांग
विप्र फाउंडेशन पुष्कर अधिवेशन 2026 में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के आरक्षण को बढ़ाकर 14 प्रतिशत करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई।
ओझा ने कहा कि वर्तमान आरक्षण व्यवस्था में कई जटिल शर्तों के कारण वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से जुड़े प्रस्तावित विधेयक का भी विरोध किया गया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की गई।
संगठन को मजबूत बनाने पर जोर
संगठन महामंत्री डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के लिए कोर टीम का गठन जरूरी है।
अधिवेशन में देशभर के 40 क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों पर भी सहमति बनी, जिससे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके।
शिक्षा, संस्कार और स्वावलंबन पर फोकस
राष्ट्रीय सचिव जितेन्द्र गौड़ ने संगठन के 20 प्रमुख उद्देश्यों की जानकारी दी।
इनमें मुख्य रूप से:
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शिक्षा का प्रसार
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संस्कारों का संरक्षण
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आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा
जैसे बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई।
प्रमुख प्रकल्पों को मिला समर्थन
दिनेश दवे ने अधिवेशन में दो महत्वपूर्ण प्रकल्पों—
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श्री परशुराम ज्ञानपीठ
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परशुराम स्टेचू
की विस्तृत जानकारी दी, जिन्हें उपस्थित प्रतिनिधियों का व्यापक समर्थन मिला।

