कैलारस की ग्राम पंचायत में नाली और सड़क निर्माण की मांग तेज, ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई शिकायत
जिला ब्यूरो: भीमरतन चौबे
मुरैना।
मूलभूत सुविधाओं के अभाव से ग्रामीणों में बढ़ा आक्रोश
जनपद पंचायत कैलारस के अंतर्गत आने वाली एक ग्राम पंचायत में लंबे समय से नाली और सड़क निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव ने दैनिक जीवन को प्रभावित कर दिया है। बरसात के दिनों में स्थिति और अधिक विकट हो जाती है, जब गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है तथा लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार कई वर्षों से नालियों का निर्माण नहीं कराया गया है, जिसके कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़कों और गलियों में फैल जाता है। इससे न केवल दुर्गंध फैलती है, बल्कि कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह समस्या सबसे अधिक गंभीर बन गई है।
जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बढ़ रही परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण पानी लंबे समय तक गलियों में जमा रहता है। इससे आसपास का वातावरण अस्वच्छ बना रहता है और संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या कई गुना बढ़ जाती है। सड़कें तालाब जैसी दिखाई देती हैं और कई स्थानों पर लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। वहीं छोटे बच्चों को स्कूल जाने और किसानों को खेतों तक पहुंचने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
सड़क निर्माण न होने से आवागमन प्रभावित
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की कई सड़कें लंबे समय से जर्जर स्थिति में हैं, जबकि कुछ स्थानों पर आज तक पक्की सड़क का निर्माण ही नहीं कराया गया। सड़कें कच्ची होने के कारण हल्की बारिश में भी कीचड़ फैल जाता है, जिससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कें विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करती हैं। गांव में एंबुलेंस, स्कूल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को भी कई बार आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ता है। यदि किसी मरीज को तत्काल अस्पताल ले जाना पड़े तो रास्ते की खराब स्थिति बड़ी समस्या बन जाती है।
कई बार पंचायत से की शिकायत, नहीं हुआ समाधान
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर कई बार ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की। मौखिक रूप से भी कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक न तो नाली निर्माण का कार्य शुरू हुआ और न ही सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक बार उन्हें केवल आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर कोई कार्य दिखाई नहीं दिया। लगातार अनदेखी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक निर्माण कार्य करा दिए जाते, तो आज गांव के लोगों को इतनी कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ता।
सीएम हेल्पलाइन में दर्ज कराई शिकायत
जब पंचायत स्तर पर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में गांव की नाली और सड़क निर्माण की समस्या का विस्तृत उल्लेख करते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से उनकी शिकायत संबंधित विभाग तक पहुंचेगी और प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा। उनका कहना है कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा जब गांवों में मूलभूत सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
संक्रमण और स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका
ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। इससे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा दुर्गंध और गंदगी के कारण आसपास का वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों का निर्माण और नियमित सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई तो आने वाले समय में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और बढ़ सकती हैं। उन्होंने प्रशासन से इस विषय को केवल निर्माण कार्य के रूप में नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में देखने की अपील की है।
प्रशासन से जांच और शीघ्र कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनपद पंचायत के अधिकारियों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा गांव में नाली और सड़क निर्माण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए, ताकि समस्या की गंभीरता का सही आकलन हो सके।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि आवश्यक निर्माण कार्य शीघ्र शुरू नहीं किए गए तो उन्हें आगे भी अपनी मांग को लेकर उच्च अधिकारियों के समक्ष आवाज उठानी पड़ेगी। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विरोध करना नहीं, बल्कि गांव में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं—
- गांव में पक्की नालियों का शीघ्र निर्माण कराया जाए।
- जर्जर एवं कच्ची सड़कों का निर्माण एवं मरम्मत कराई जाए।
- जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- जलभराव वाले क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कर समस्या का समाधान किया जाए।
- निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी कर समय सीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए।
निष्कर्ष
कैलारस क्षेत्र की संबंधित ग्राम पंचायत में नाली और सड़क निर्माण का मुद्दा अब ग्रामीणों के लिए गंभीर जनसमस्या बन चुका है। लंबे समय से जल निकासी और खराब सड़कों की समस्या के कारण लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। पंचायत स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन का सहारा लिया है और प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद जताई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग शिकायत पर कितनी शीघ्रता और गंभीरता से कार्रवाई करता है तथा गांव के लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
