ग्रामीणों की हुंकार रंग लाई, करणी सेना परिवार के समर्थन के बाद सड़क निर्माण को मिली स्वीकृति, आंदोलन फिलहाल टला
संवाददाता : चंद्रेश जैन
वर्षों पुरानी सड़क की मांग पर प्रशासन हरकत में
Shajapur जिले के बमोरी, पचोला, रिछोदा, पिंदोनिया, खेड़ा पिंदोनिया, लड़ावद, भाटखेड़ी, मेंहदी, रामपुरा मेवासा सहित आसपास के करीब 12 गांवों के ग्रामीणों की वर्षों पुरानी सड़क निर्माण की मांग आखिरकार रंग लाती नजर आ रही है। लंबे समय से खराब सड़क और आवागमन की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने आंदोलन का ऐलान किया था, जिसके बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और सड़क निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। करणी सेना परिवार, शाजापुर के समर्थन के बाद इस मुद्दे ने और अधिक गंभीरता प्राप्त की, जिसके चलते प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने समाधान का आश्वासन दिया। फिलहाल ग्रामीणों ने प्रस्तावित आंदोलन स्थगित कर दिया है।
आंदोलन की चेतावनी से बढ़ा प्रशासन पर दबाव
ग्रामीणों ने पहले आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया था कि यदि सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग पूरी नहीं की गई तो 21 जुलाई को विधायक कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इस निर्णय के बाद गांव-गांव में आंदोलन की तैयारियां शुरू हो गई थीं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही थी।
ग्रामीणों का कहना था कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजाना आवागमन में भारी परेशानी होती है। बरसात के मौसम में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जिससे स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
करणी सेना परिवार के समर्थन से आंदोलन को मिली मजबूती
सड़क निर्माण की मांग को उस समय और अधिक बल मिला जब करणी सेना परिवार, शाजापुर ने खुले तौर पर आंदोलन का समर्थन किया। संगठन के जिला अध्यक्ष सोनू बन्ना सापखेड़ा ने ग्रामीणों की मांग को जायज बताते हुए उनके साथ खड़े रहने की बात कही।
ग्रामीणों का मानना है कि संगठन के समर्थन के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और सड़क निर्माण की दिशा में तेजी से पहल की गई। आंदोलन को मिले इस समर्थन के कारण स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा प्रमुख चर्चा का विषय बन गया।
विधायक की ओर से सड़क निर्माण का आश्वासन
सोमवार शाम घटनाक्रम में महत्वपूर्ण मोड़ आया। ग्रामीणों के अनुसार शाजापुर विधायक अरुण भीमावद की ओर से सड़क निर्माण की मांग स्वीकार कर ली गई। विधायक प्रतिनिधि मंडल ने जानकारी दी कि ग्राम पिंदोनिया और ग्राम बमोरी के सरपंचों को सड़क निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ करने के लिए एक-एक लाख रुपये की राशि चेक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू कराया जाएगा, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
ग्रामीणों ने निर्णय का किया स्वागत
सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने और प्रशासन की पहल के बाद ग्रामीणों ने खुशी व्यक्त की। उनका कहना है कि वर्षों से जिस सड़क के निर्माण की मांग की जा रही थी, अब उसके पूरा होने की उम्मीद जगी है।

ग्रामीणों का मानना है कि आंदोलन की चेतावनी, गांवों की एकजुटता और करणी सेना परिवार के समर्थन के बाद प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
करणी सेना परिवार और जिला अध्यक्ष का जताया आभार
ग्रामीणों ने करणी सेना परिवार तथा जिला अध्यक्ष सोनू बन्ना सापखेड़ा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क निर्माण की उनकी वर्षों पुरानी मांग को मजबूती से उठाने में संगठन की भूमिका महत्वपूर्ण रही। ग्रामीणों का कहना है कि जब करणी सेना परिवार ने उनके आंदोलन को समर्थन दिया, तब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान इस मुद्दे की ओर गंभीरता से गया। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास और जनसमर्थन के कारण ही सड़क निर्माण की दिशा में सकारात्मक पहल संभव हो सकी।
ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से खराब सड़क के कारण क्षेत्र के लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि कार्यों में अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों के सहयोग से उनकी मांग को व्यापक स्तर पर पहचान मिली। उन्होंने आशा जताई कि सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय में शुरू होगा और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों ने यह भी उम्मीद व्यक्त की कि करणी सेना परिवार भविष्य में भी जनहित और क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर इसी प्रकार सकारात्मक सहयोग देता रहेगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि सड़क निर्माण का कार्य बिना किसी अनावश्यक विलंब के शुरू कराया जाए, ताकि लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
फिलहाल स्थगित किया गया आंदोलन
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मिले आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने 21 जुलाई को प्रस्तावित विधायक कार्यालय घेराव और आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय के भीतर सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो भविष्य में फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाया जा सकता है।
हजारों लोगों को मिलेगा लाभ
सड़क निर्माण होने के बाद बमोरी, पचोला, रिछोदा, पिंदोनिया, खेड़ा पिंदोनिया, लड़ावद, भाटखेड़ी, मेंहदी, रामपुरा मेवासा सहित आसपास के 12 गांवों के हजारों लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज आने-जाने में राहत मिलेगी तथा मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
ग्रामीणों का विश्वास है कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और वर्षों से चली आ रही बुनियादी समस्या का स्थायी समाधान होगा।
सड़क निर्माण की प्रगति पर रहेगी नजर
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। वहीं, स्वराज वाणी शाजापुर से रिपोर्टर चंद्रेश जैन इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और सड़क निर्माण कार्य की प्रगति से पाठकों को समय-समय पर अवगत कराते रहेंगे।
