वर्धमान स्वाध्याय संघ का क्षमापना एवं मिलन समारोह सम्पन्न, सचिन भंडारी का सपत्नीक बहुमान
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी, महिदपुर रोड
उज्जैन। वर्धमान स्वाध्याय संघ का सामूहिक क्षमापना एवं मिलन समारोह उज्जैन के अभ्युदय पूरम जैन तीर्थ में श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। एकदिवसीय आयोजन में संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में भगवान पार्श्वनाथ का भक्तिभाव से अभिषेक किया गया। इस अवसर पर संघ में लंबे समय से सेवाएं दे रहे स्वाध्यायी सचिन भंडारी का सपत्नीक स्वागत एवं बहुमान भी किया गया।
जैन समाज मीडिया प्रभारी सचिन भंडारी ने बताया कि समारोह में संघ की स्वाध्याय सेवाओं, पर्यूषण महापर्व के दौरान विभिन्न स्थानों पर दी गई सेवाओं और सदस्यों की सहभागिता का उल्लेख किया गया। धार्मिक आराधना के साथ सामूहिक मिलन एवं क्षमापना कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।
संगीत और भक्तिभाव के साथ हुआ अभिषेक
आयोजन में पहुंचे स्वाध्याय संघ के श्रद्धालुओं ने परमात्मा की भक्ति में सहभागिता की। संगीत और भक्तिगीतों के बीच सदस्यों ने भावपूर्वक भगवान पार्श्वनाथ का अभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालु नाचते-गाते हुए भक्ति में भावविभोर नजर आए।
विभिन्न प्रकार के द्रव्यों से अभिषेक की धार्मिक क्रिया सम्पन्न की गई। संघ के सदस्यों और पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुए इस आयोजन में सामूहिक आराधना का वातावरण रहा। एकदिवसीय कार्यक्रम में धार्मिक गतिविधियों के साथ सदस्यों को एक-दूसरे से मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
33 वर्षों से संचालित है स्वाध्याय संघ
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्धमान स्वाध्याय संघ पिछले 33 वर्षों से संचालित है। संघ के सदस्य स्वाध्यायी बनकर उन स्थानों पर धार्मिक सेवाएं प्रदान करते हैं, जहां साधु-संतों का चातुर्मास नहीं होता है।
पर्यूषण महापर्व के दौरान संघ के 100 से अधिक सदस्य निःस्वार्थ भाव से इस सेवा कार्य में सहभागिता करते हैं। संघ की यह गतिविधि विभिन्न स्थानों के श्रद्धालुओं को स्वाध्याय से जोड़ने पर केंद्रित है। समारोह में संघ की इसी सेवा परंपरा और सदस्यों के योगदान का उल्लेख किया गया।
इस वर्ष 21 स्थानों पर दी गईं सेवाएं
सचिन भंडारी ने बताया कि संघ ने इस वर्ष 21 स्थानों पर अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। साधु-संतों के चातुर्मास से वंचित स्थानों पर संघ के सदस्य स्वाध्यायी के रूप में पहुंचते हैं और पर्यूषण महापर्व में धार्मिक सेवाएं देते हैं।
इन गतिविधियों में संघ के आधार स्तंभ नरेंद्र मेहता, विनोद दख, जावरा के मनीष कोचर, इंदौर के अध्यक्ष विनीत मेहता, दर्शन मारू तथा नामली के संतोष चत्तर का दिशा निर्देशन और नेतृत्व रहा। उनके मार्गदर्शन में सदस्यों ने विभिन्न स्थानों पर सेवाएं प्रदान कीं।
27 वर्षों की सेवा और सिद्धि तप पर बहुमान
विगत 27 वर्षों से संघ में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने वाले स्वाध्यायी सचिन भंडारी का समारोह में सपत्नीक बहुमान किया गया। चातुर्मास के दौरान उनके द्वारा सपत्नीक की गई विशिष्ट 45 दिवसीय सिद्धि तप आराधना भी सम्मान का प्रमुख आधार रही।
वर्धमान स्वाध्याय संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उनका स्वागत करते हुए बहुमान किया। इस अवसर पर उनकी दीर्घकालीन स्वाध्याय सेवा तथा तप आराधना के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। संघ के सदस्यों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रसंग सम्पन्न हुआ।
सामूहिक क्षमापना और मिलन में सहभागिता
समारोह में आए सदस्यों ने सामूहिक क्षमापना एवं मिलन कार्यक्रम में भाग लेकर धर्मलाभ प्राप्त किया। धार्मिक आराधना, स्वाध्याय सेवाओं के उल्लेख और बहुमान के साथ आयोजन में आपसी मिलन का भाव रहा।
संघ के विभिन्न सदस्यों और पदाधिकारियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामूहिक स्वरूप प्रदान किया। पर्यूषण के दौरान सेवाएं देने वाले स्वाध्यायियों के लिए भी यह एक स्थान पर मिलने और संघ की गतिविधियों से जुड़ने का अवसर रहा।
गौरव बम ने किया संचालन, मनीष कोचर ने माना आभार
कार्यक्रम का संचालन नलखेड़ा के गौरव बम ने किया। संघ के वरिष्ठ सदस्य मनीष कोचर, जावरा ने आयोजन में पधारे सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। अभ्युदय पूरम जैन तीर्थ में धार्मिक भक्ति, सामूहिक क्षमापना, मिलन और बहुमान के साथ एकदिवसीय समारोह सम्पन्न हुआ।
