वैभव सूर्यवंशी या संजू सैमसन: चौथे टी20 में किसे मिले मौका? आंकड़ों से समझें चयन की चुनौती
नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 14 अक्टूबर को हैदराबाद में खेला जाएगा। तीन मैचों के बाद भारत 2-1 से आगे है। ऐसे में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 को लेकर चर्चा तेज है। सवाल यह है कि क्या संजू सैमसन को एक और मौका दिया जाए या उनकी जगह युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को उतारा जाए। दोनों के बीच चयन का फैसला हालिया स्कोर के साथ-साथ टीम की जरूरत और खिलाड़ी की भूमिका को देखकर करना होगा।
तीन मैचों में संजू के नाम 96 रन
सीरीज के पहले मुकाबले में संजू सैमसन ने 9 गेंदों पर 11 रन बनाए। दूसरे टी20 में उन्होंने 41 गेंदों पर 82 रन की पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे। तीसरे मुकाबले में वह 6 गेंदों पर 3 रन बनाकर आउट हो गए। इस तरह तीन पारियों में उनके कुल 96 रन हैं। उनका औसत 32 और स्ट्राइक रेट करीब 171 रहा है।
ये आंकड़े संजू की फॉर्म को पूरी तरह खराब बताने वाली तस्वीर नहीं दिखाते। पहले मैच में छोटी पारी और तीसरे मैच में कम स्कोर के बीच उन्होंने दूसरे मुकाबले में तेज अर्धशतक से ज्यादा की पारी खेली। हालांकि, उनके प्रदर्शन में निरंतरता की कमी जरूर चर्चा का विषय है। टीम प्रबंधन के सामने यह देखना होगा कि एक बड़ी पारी को संजू की वापसी का संकेत माना जाए या लगातार प्रभावी शुरुआत नहीं मिलने के कारण बदलाव किया जाए।
वैभव को सीरीज में अब तक मौका नहीं
वैभव सूर्यवंशी भारत की टी20 टीम में शामिल हैं, लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरुआती तीन मुकाबलों में उन्हें प्लेइंग-11 में जगह नहीं मिली। भारतीय सरजमीं पर खेलने का अवसर मिलने का इंतजार कर रहे इस युवा बल्लेबाज को चौथे मैच में उतारने की मांग हो रही है। चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन के सामने उन्हें मौका देने का विकल्प है, लेकिन इस सीरीज में उनके प्रदर्शन के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, क्योंकि वह अब तक मैदान पर नहीं उतरे हैं।
संजू और वैभव की तुलना केवल इस सीरीज के रनों के आधार पर करना इसलिए संभव नहीं है कि वैभव ने अभी तक इसमें बल्लेबाजी नहीं की है। ऐसे में फैसला संजू के अब तक के प्रदर्शन, वैभव की भूमिका और टीम संयोजन की जरूरत को ध्यान में रखकर ही लिया जा सकता है। वैभव को मौका मिलने पर यह उनके लिए घरेलू मैदान पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर होगा, जबकि संजू के लिए चौथा मैच अपनी निरंतरता साबित करने का मौका बन सकता है।
भारत के पास सीरीज जीतने का मौका
भारत ने पहला टी20 आठ विकेट से और तीसरा मुकाबला 14 रन से जीता, जबकि दूसरा मैच वेस्टइंडीज ने छह विकेट से अपने नाम किया। भारत 2-1 की बढ़त के साथ चौथे मैच में उतरेगा। इस मुकाबले में जीत से टीम पांच मैचों की सीरीज अपने नाम कर सकती है। इसलिए प्लेइंग-11 में बदलाव का फैसला केवल एक खिलाड़ी के हालिया स्कोर पर निर्भर नहीं होगा; टीम प्रबंधन को जीत की लय और उपलब्ध विकल्पों पर भी विचार करना होगा।
चयन का फैसला किस दिशा में जा सकता है?
संजू के पक्ष में सबसे मजबूत आंकड़ा दूसरे टी20 में बनाए गए 82 रन हैं। यह पारी दिखाती है कि वह तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। उनके खिलाफ तर्क यह है कि पहले और तीसरे मैच में वह बड़ी पारी नहीं खेल सके। वैभव के पक्ष में चर्चा उनकी युवा बल्लेबाजी और उन्हें अवसर देने की मांग के कारण है, लेकिन इस सीरीज में उनके प्रदर्शन को परखने के लिए अभी कोई स्कोर मौजूद नहीं है।
चौथे टी20 में संजू को बनाए रखना अनुभव और हाल में खेली गई बड़ी पारी पर भरोसा जताने जैसा होगा। वहीं, वैभव को शामिल करना टीम के युवा विकल्प को आजमाने का फैसला होगा। अंतिम निर्णय मुकाबले से पहले घोषित होने वाली प्लेइंग-11 से स्पष्ट होगा। फिलहाल उपलब्ध सीरीज आंकड़ों के आधार पर संजू की फॉर्म को एकतरफा तौर पर खराब कहना ठीक नहीं होगा: उन्होंने तीन पारियों में एक बड़ी पारी खेली है, लेकिन बाकी दो में कम स्कोर बनाया। यही उतार-चढ़ाव चौथे टी20 के चयन को दिलचस्प बना रहा है।
