उत्तम मार्दव धर्म पर मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने Indore के दलाल बाग में प्रेरक प्रवचन देते हुए अहंकार छोड़कर विनम्रता अपनाने का संदेश दिया।
दलाल बाग में गूंजा उत्तम मार्दव धर्म का संदेश, मुनि सुधासागर जी बोले—झुकने में ही महानता
Indore। उत्तम मार्दव धर्म मनुष्य को अहंकार से मुक्त होकर विनम्रता, प्रेम और सद्भाव का जीवन जीने की प्रेरणा देता है। यह संदेश मुनिपुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज ने दलाल बाग में आयोजित धर्मसभा के दौरान दिया। धर्मसभा 33वें श्रावक संस्कार शिविर एवं दशलक्षण महापर्व के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
उत्तम मार्दव धर्म का वास्तविक अर्थ बताया
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि मुनि सुधासागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि मार्दव धर्म केवल मीठा बोलने तक सीमित नहीं है। इसका वास्तविक अर्थ मन में मौजूद अहंकार को समाप्त करना है। मनुष्य जितना बड़ा और योग्य बनता है, उसके व्यवहार में उतनी ही अधिक विनम्रता आनी चाहिए।
मुनिश्री ने उदाहरण देते हुए कहा, “फलदार वृक्ष ही झुकता है, ठूंठ कभी नहीं झुकता।” इसी प्रकार ज्ञानवान और गुणवान व्यक्ति अपने पद, प्रतिष्ठा और उपलब्धियों का अहंकार करने के बजाय सरलता तथा विनय को अपनाता है।
अहंकार से टूटते हैं रिश्ते
मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज ने कहा कि जहां अहंकार होता है, वहां रिश्तों में दूरी और टकराव पैदा होता है। इसके विपरीत जहां विनम्रता होती है, वहां प्रेम, विश्वास और आपसी सम्मान बढ़ता है। भगवान बनने की यात्रा अहंकार से नहीं, बल्कि विनय से प्रारंभ होती है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि सबसे पहले गुरु, माता-पिता और गुणवान व्यक्तियों के सामने झुकना सीखना चाहिए। इसके बाद मनुष्य को अपने भीतर छिपे अहंकार को झुकाने का प्रयास करना चाहिए। यही उत्तम मार्दव धर्म की सच्ची साधना है।
श्रद्धालुओं ने लिया विनम्रता का संकल्प
धर्मसभा में उपस्थित शिविरार्थियों और श्रद्धालुओं ने पद, धन, प्रतिष्ठा तथा विद्या का अहंकार नहीं करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने दैनिक जीवन में विनम्रता, सरलता और मधुर व्यवहार को स्थान देने की प्रतिज्ञा भी की।कार्यक्रम में चक्रवर्ती अध्यक्ष मनीष-सपना गोधा, आनंद गोधा, हुकम काका, अशोक डोशी, हर्ष जैन, राजेश जैन दद्दू, विजय धुर्रा, संजय पाटोदी और राहुल सेठी सहित हजारों श्रावक उपस्थित रहे।
प्रेषक: राजेश जैन दद्दू, प्रचार प्रमुख
