डोनाल्ड ट्रम्प और पाकिस्तान के रिश्ते सुधरते जा रहे है। एक समय था जब ट्रंप पाकिस्तान को ‘झूठ और धोखे’ वाला देश कहते थे , पर अब पाक के आर्मी चीफ उनके ‘फेवरेट फील्ड मार्शल’ बन चुके हैं। पाकिस्तान की कड़ी म्हणत के बाद अब पाकिस्तान और अमेरिका के रिश्ते सुधर ने जा रहे है।
पाकिस्तान यु तो खुद एक गरीब देश है लेकिन अमेरिका से रिश्ते सुधरने के चलते उसने कई करोड़ खर्च कर दिए बता दे की पाकिस्तान के चीफ ने वॉशिंगटन की कई लॉबिंग फर्म्स के साथ करोड़ों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट किए, जिसमें ऐसे लोग भी शामिल थे जो ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे हैं।
पाकिस्तान ने ट्रम्प को किया था नॉमिनी
पाकिस्तान ने ट्रंप को भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 के युद्धविराम का श्रेय देकर नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित भी किया था, लेकिन यह नॉमिनेशन नोबेल समिति द्वारा खारिज कर दिया गया। ट्रंप प्रशासन में अमेरिका ने पाकिस्तान के लिए अपने टैरिफ भी घटाए, जबकि भारत के लिए टैरिफ बढ़ाए गए।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने सितंबर 2025 में व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण खनिजों से भरा ब्रीफकेस भी दिखाया। इसके अलावा पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ 500 मिलियन डॉलर की मिनरल एक्सट्रैक्शन डील की और अमेरिकी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोले।
विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की लॉबिंग ने आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर इसे अमेरिकी दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण बना दिया है,दोनों देशो के बीच ऐसी कॉन्ट्रेक्ट्सभारत के लिए चिंता का विषय बन सकते है।
लॉबिंग की प्रक्रिया में सरकारी नीतियों और फैसलों को प्रभावित करने के लिए लॉबिस्ट पेशेवर डेटा, व्यक्तिगत संबंधों और प्रभावशाली संचार का इस्तेमाल करते हैं। वे सरकारी अधिकारियों को अपने क्लाइंट के पक्ष में मनाने के लिए काम करते हैं, जिससे व्यापारिक या राजनीतिक हित साधे जाते हैं।
