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Iran पर US-Israel का संयुक्त हमला, तेहरान में धमाके की आवाज़ें

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Published On: 28 February 2026
US-Israel Joint Attack on Iran: Explosions Heard Across Tehran
— US-Israel Joint Attack on Iran: Explosions Heard Across Tehran

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US-Israel ने ईरान पर मिलकर किया हमला

Iran और इज़राइल के बीच तनाव अब चरम पर पहुँच गया है। शनिवार सुबह, इज़राइल और US ने संयुक्त रूप से ईरान के कई शहरों पर बड़ा सैन्य हमला किया। इज़राइल ने इसे प्री-एम्प्टिव स्ट्राइक बताया, जिसका उद्देश्य संभावित खतरों को रोकना है। अमेरिकी नौसेना ने समुद्र से भी मिसाइलें दागीं।

हमले के दौरान तेहरान, इस्फहान, क़ोम और खोर्रमाबाद जैसे शहर निशाने पर रहे। राजधानी तेहरान के यूनिवर्सिटी स्ट्रीट, सुप्रीम कोर्ट और न्याय मंत्रालय के पास धमाके की आवाज़ें सुनी गई। इजरायली हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर को भी निशाना बनाया गया, लेकिन बताया गया कि वह सुरक्षित बंकर में थे।

Israel के हमले के पीछे उद्देश्य

इजरायली सुरक्षा सूत्रों के अनुसार यह ऑपरेशन महीनों से योजना बद्ध था। इसका लक्ष्य ईरान की सैन्य और सुरक्षा क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा कि यह हमला बड़े पैमाने पर हो रहा है और इजराइल के साथ मिलकर किया जा रहा है।

रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला कम से कम चार दिन तक जारी रह सकता है। इराक के आसमान में क्रूज मिसाइलें देखी गईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हमले कई दिशाओं से किए जा रहे हैं। इसी कारण इराक ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया।

Iran की प्रतिक्रिया

हमले के बाद ईरान ने पूरे एयरस्पेस को बंद कर दिया और चेतावनी दी कि यह संघर्ष उन्होंने शुरू किया है, लेकिन इसे वह समाप्त करेंगे। इजराइल में इमरजेंसी लागू कर दी गई और नागरिकों को शेल्टर में रहने के निर्देश दिए गए।

क़तर स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा। अर्जेंटीना, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, यूक्रेन और आइसलैंड ने तेहरान से अपने स्टाफ़ को वापस बुलाना शुरू कर दिया।

Read Also : Iran–Israel Conflict: बढ़ते तनाव से बढ़ी वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक चुनौतियाँ

Israel में सुरक्षा उपाय

ईरान पर हाल ही में हुए हमलों के बाद इज़राइल में सुरक्षा को अत्यधिक बढ़ा दिया गया है, विशेषकर यरुशलम में। शहर के प्रशासन ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। यरुशलम नगरपालिका ने ऐलान किया कि शहर के सभी स्कूल, सरकारी दफ्तर और अन्य सार्वजनिक कार्य सोमवार शाम तक पूरी तरह बंद रहेंगे। यह कदम नागरिकों को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए उठाया गया है। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे घरों में ही रहें और केवल अत्यावश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकलें। इसके अलावा, सुरक्षा एजेंसियां लगातार शहर के विभिन्न हिस्सों पर निगरानी कर रही हैं और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए तैयार हैं। नागरिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सुरक्षा टीमों के निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

भारत की सतर्कता

तेहरान में स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सतर्कता का अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें, अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थान पर ही रहें। सुरक्षा की दृष्टि से दूतावास ने एक हेल्पलाइन नंबर भी प्रदान किया है, ताकि किसी आपात स्थिति में तुरंत संपर्क किया जा सके। इसके अलावा, नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे लगातार समाचारों और दूतावास द्वारा जारी अपडेट पर नजर रखें, ताकि किसी भी संभावित खतरे से तुरंत अवगत हो सकें और समय पर उचित कदम उठा सकें। यह अलर्ट विशेष रूप से ईरान में हाल ही में हुए हमलों और बढ़ते तनाव को देखते हुए जारी किया गया है।

ट्रंप की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की नेवी और मिसाइल कार्यक्रम को पूरी तरह नष्ट कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड को हथियार डालने के लिए कहा गया है और यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस संघर्ष में अमेरिकी सैनिकों को खतरा हो सकता है, लेकिन परमाणु हथियार रखने की अनुमति ईरान को कभी नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरानी शासन को खतरनाक बताते हुए कहा कि उसकी गतिविधियां अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधे खतरे का कारण हैं।

ईरानी सेना प्रमुख की मौत का दावा

इजरायली मीडिया ने दावा किया कि ईरान के सेना प्रमुख अमीर हातमी हमले में मारे गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। तेहरान के आसमान में MiG-29 लड़ाकू विमान देखे गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान ने एयर डिफेंस और जवाबी कार्रवाई के लिए तैयारी तेज कर दी है।

वैश्विक प्रभाव

ईरान-इज़राइल संघर्ष अब केवल क्षेत्रीय विवाद नहीं रहा। इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल आपूर्ति, निवेश और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं जैसे कि संयुक्त राष्ट्र की भूमिका अब महत्वपूर्ण हो गई है।

तेल की कीमतों में वृद्धि, वैश्विक निवेश पर असर और मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने की संभावना से दुनिया भर के देशों की सुरक्षा चिंतित है।

निष्कर्ष

हालात इस समय बेहद संवेदनशील हैं। अमेरिका और इज़राइल का संयुक्त सैन्य अभियान ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को सीधे निशाने पर ले रहा है। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और वैश्विक आर्थिक स्थिरता पर इसके गंभीर परिणाम पड़ सकते हैं।

इस संघर्ष ने क्षेत्रीय विवाद को वैश्विक मुद्दा बना दिया है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और कूटनीति ही युद्ध की संभावनाओं को रोकने और मानवीय संकट से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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