US के साथ हुई ट्रेड डील में GM उत्पादों पर विवाद: कृषि मंत्री का विस्तृत जवाब
US-India के बीच हाल ही में हुई ट्रेड डील को लेकर राजनीतिक वाद-विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाए थे कि इस डील के तहत भारत में अमेरिकी GM (Genetically Modified) मक्का और अन्य उत्पादों के आयात की अनुमति दी जाएगी, जो भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने ट्वीट कर सवाल उठाया कि क्या डीडीजी (Distillers Dried Grains with Solubles – DDGS) आयात करने का मतलब यह होगा कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने चारे पर निर्भर होना पड़ेगा और इससे देश की कृषि स्वतंत्रता प्रभावित होगी। साथ ही उन्होंने नॉन ट्रेड बैरियर्स को हटाने और एमएसपी (Minimum Support Price) नीति पर दबाव बनने जैसे मुद्दों को भी उठाया।
इस पर कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि US-India ट्रेड डील में किसी भी GM उत्पाद को भारत में अनुमति नहीं दी गई है। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी झूठ फैला रहे हैं और देशहित के खिलाफ राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ट्रेड डील पर राहुल गांधी और कांग्रेस की नकारात्मक और भ्रम फैलाने वाली राजनीति शर्मनाक है। उनके पास तथ्य नहीं हैं और न ही किसानों के हित की समझ है।”
डीडीजी और GM मक्का विवाद
डीडीजी यानी Distillers Dried Grains with Solubles को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाया था कि क्या इसका इस्तेमाल भारतीय मवेशियों के लिए GM मक्का के रूप में किया जाएगा। उनका आरोप था कि इससे भारत की डेयरी और कृषि उद्योग अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर हो जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर भारत GM सोया तेल या मक्का का आयात करता है, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के सोया और मक्का किसानों को नुकसान होगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि डील में GM उत्पादों की कोई अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ने किसानों के बीच भ्रम फैलाने और डर पैदा करने के लिए झूठ फैलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय किसान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनकी फसलों और पशुधन पर कोई विदेशी नियंत्रण नहीं होगा।
नॉन ट्रेड बैरियर्स पर विवाद
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि नॉन ट्रेड बैरियर्स हटाने का क्या मतलब है। उनका आरोप था कि इससे भारत को भविष्य में GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, खरीद को कमजोर करने या MSP और बोनस को कम करने का दबाव पड़ सकता है। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने MSP व्यवस्था को पहले से ही बेहतर तरीके से लागू किया है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों से कई गुना अधिक खरीद सुनिश्चित की जा रही है और यह प्रक्रिया लगातार जारी है।
कृषि मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने अपने किसानों की सुरक्षा और हित को प्राथमिकता दी है और कोई भी कदम ऐसा नहीं उठाया जाएगा जिससे देश के किसानों का नुकसान हो। उन्होंने कहा कि भारत की कृषि नीति और MSP व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत और स्वतंत्र बनी रहेगी।
कांग्रेस पर आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कृषि मंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे देश की कृषि और किसानों के हितों के खिलाफ झूठ फैलाकर राजनीतिक लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ने किसानों के नाम पर भ्रम फैलाया है। उन्होंने झूठ फैला कर यह संदेश देने की कोशिश की कि अमेरिका की डील भारत के किसानों को नुकसान पहुंचा सकती है। यह पूरी तरह से निराधार और तथ्यहीन है।”
मंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू नहीं किया और फसलों की लागत का डेढ़ गुना MSP देने की बात नहीं मानी। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वे किस मुंह से किसानों के हित की बात कर रहे हैं, जबकि उनके अपने शासनकाल में यह नीति लागू नहीं की गई थी।
ट्रेड डील और किसानों की सुरक्षा
कृषि मंत्री ने साफ किया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में किसानों की सुरक्षा और हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कदम ऐसा नहीं होगा जिससे भारतीय कृषि पर विदेशी कंपनियों का नियंत्रण बढ़े। उन्होंने कहा कि डील का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ाना है, न कि भारतीय किसानों के हितों के खिलाफ कदम उठाना।
कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने MSP नीति को मजबूत किया है और किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि किसानों से खरीदी गई फसलों की मात्रा लगातार बढ़ रही है और यह खरीद किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रही है।
राजनीतिक और मीडिया प्रभाव
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, राहुल गांधी और कांग्रेस की आलोचना का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है। उन्होंने कहा कि देश की कृषि नीति और किसानों की सुरक्षा वास्तविकता पर आधारित है, न कि विपक्ष की दावों पर। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया में फैलाई जा रही झूठी खबरों और भ्रम को रोकने के लिए सरकार सभी कदम उठा रही है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, US-India ट्रेड डील में GM उत्पादों को लेकर कोई छूट नहीं दी गई है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ शब्दों में कहा कि भारत सरकार किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। MSP नीति को मजबूत किया गया है, किसानों से अधिक मात्रा में खरीदी सुनिश्चित की जा रही है और देश की कृषि स्वतंत्रता सुरक्षित है।
कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचनाओं का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना और किसानों के बीच भ्रम फैलाना है। सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी तरह से भारतीय किसानों की आजादी और उनके आर्थिक हितों को प्रभावित नहीं किया जाएगा। इस डील के तहत केवल व्यापारिक सहयोग और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ावा मिलेगा।
इस विवाद से स्पष्ट होता है कि भारत में कृषि नीति और विदेशी ट्रेड डील पर राजनीतिक बहस अक्सर तीव्र होती है, लेकिन वास्तविक नीतियां और किसानों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर हैं। भारत सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि किसानों की आय और सुरक्षा में कोई कमी न आए और विदेशी सहयोग से केवल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
