यूपी में तबादला एक्सप्रेस: आठ आईपीएस अधिकारियों के स्थानांतरण, तीन जिलों के एसपी बदले
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए आठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। इन फेरबदल में तीन जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) भी शामिल हैं। शासन ने आदेश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नए पदभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। इसे कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिस प्रशासन को और अधिक चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद माना जा रहा है।
किस अफसर को कहां मिली नई जिम्मेदारी
तबादले की सूची के अनुसार कई अहम जिलों और इकाइयों में बदलाव किए गए हैं:
-
राम सेवक गौतम – पुलिस अधीक्षक शामली से हटाकर उन्हें पुलिस अधीक्षक, पीटीएस मुरादाबाद भेजा गया है।
-
अरविंद मिश्र – पुलिस अधीक्षक कानपुर देहात से स्थानांतरित होकर अब पुलिस अधीक्षक, आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) लखनऊ बने।
-
घनश्याम – श्रावस्ती के एसपी रहे, अब उन्हें पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ की जिम्मेदारी दी गई।
-
श्रद्धा नरेंद्र पांडेय – सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ से हटाकर उन्हें पुलिस अधीक्षक, कानपुर देहात नियुक्त किया गया।
-
राहुल भाटी – एसपी एसएसएफ लखनऊ से ट्रांसफर होकर अब पुलिस अधीक्षक, श्रावस्ती बने।
-
लाखन सिंह यादव – पुलिस उपायुक्त, गौतमबुद्धनगर से हटाकर उन्हें सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी, अलीगढ़ भेजा गया।
-
नरेंद्र प्रताप सिंह – बागपत में एसपी/अपर पुलिस अधीक्षक रहे, अब उन्हें पुलिस अधीक्षक, शामली की कमान दी गई है।
-
डॉ. प्रवीण रंजन सिंह – पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में पुलिस उपायुक्त/अपर पुलिस उपायुक्त पद से अब पुलिस उपायुक्त, पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर नियुक्त किए गए हैं।
कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने की पहल
सरकार का मानना है कि इस तरह के बदलाव से जिले स्तर पर कानून-व्यवस्था की स्थिति और बेहतर होगी तथा पुलिसिंग में कार्यकुशलता बढ़ेगी। खास तौर पर जिन जिलों में हाल ही में अपराध की घटनाएं सामने आईं हैं, वहां नए अधिकारियों से सख्ती और सक्रियता की उम्मीद की जा रही है।
निष्कर्ष
रविवार को हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल ने एक बार फिर साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर किसी तरह की ढिलाई नहीं चाहती। तीन जिलों के एसपी बदले जाने से लेकर अहम इकाइयों में नए अधिकारियों की तैनाती तक—हर कदम प्रदेश में पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में है।
