UP मानसून अपडेट: प्रदेश की सीमा पर थमा मानसून, भीषण गर्मी और लू से हालात खराब, 25 जिलों में अलर्ट
UP में मानसून का इंतजार लगातार लंबा होता जा रहा है। राज्य की सीमा तक पहुंचने के बावजूद मानसून की रफ्तार फिलहाल थम गई है और यह पिछले कई दिनों से यूपी बॉर्डर के आसपास ही रुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की एंट्री में अभी लगभग एक सप्ताह का और समय लग सकता है। इसी देरी के कारण राज्य में भीषण गर्मी और लू का प्रभाव तेजी से बढ़ गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मानसून की रफ्तार थमी, यूपी में एंट्री में देरी
UP मौसम विभाग के अनुसार मानसून ने उत्तर प्रदेश की सीमा तक पहुंचने के बाद अपनी गति लगभग रोक दी है। पिछले पांच दिनों से यह आगे नहीं बढ़ पाया है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि प्रदेश के ऊपर कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है, जिससे नमी और बादलों का निर्माण बाधित हो रहा है। इस स्थिति के चलते मानसून को आगे बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा है।
भीषण गर्मी और उमस से बढ़ी परेशानी
शुक्रवार से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस भरा मौसम बना हुआ है। हवा की गति कम होने के कारण वातावरण में चिपचिपाहट काफी बढ़ गई है। दिन के समय सूरज की तीखी किरणें लोगों को झुलसा देने वाली गर्मी का एहसास करा रही हैं। रात के समय भी तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं हो रही, जिससे राहत लगभग नहीं मिल पा रही है।
25 जिलों में लू का अलर्ट, 16 जिलों में बारिश की संभावना
UP मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों के लिए अलर्ट जारी किया है।
जहां 16 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं 25 जिलों में लू को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है। यह संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य में मौसम का मिजाज काफी अस्थिर रह सकता है।
बुंदेलखंड और पूर्वांचल में रिकॉर्ड तापमान
पिछले 24 घंटों में बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई जिलों में तापमान बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। बांदा जिले में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश के सबसे गर्म शहरों में से एक रहा। अन्य कई जिलों में भी तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लू का असर और बढ़ गया है।
मौसम विशेषज्ञों की राय: कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फिलहाल उत्तर प्रदेश के ऊपर कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। यही कारण है कि मानसून की प्रगति रुकी हुई है। उन्होंने बताया कि मानसून के आगे बढ़ने के लिए जरूरी वायुमंडलीय परिस्थितियां अभी विकसित नहीं हो पाई हैं, इसलिए इसमें कुछ और समय लग सकता है।
अगले 5 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
20 जून: अधिकांश जिलों में बादल छाए रहेंगे, कुछ स्थानों पर तेज बारिश संभव।
21 जून: मौसम मुख्यतः साफ रहेगा, तेज हवाएं और हल्की बूंदाबांदी संभव।
22 जून: पूर्वी यूपी में तेज बारिश, अन्य क्षेत्रों में आंशिक बादल।
23 जून: कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं।
24 जून: अधिकांश जिलों में बादल, कुछ जगहों पर अच्छी बारिश की संभावना।
NOAA रिपोर्ट और ITCZ का असर
अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन (ITCZ) अभी सक्रिय गति से उत्तर की ओर नहीं बढ़ पाया है। यह मानसून को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन इसकी धीमी गतिविधि के कारण मानसून कमजोर पड़ रहा है।
अल नीनो की आशंका से बढ़ी चिंता
रिपोर्ट में अल नीनो जैसी परिस्थितियों के विकसित होने के संकेत भी मिले हैं। यदि यह स्थिति मजबूत होती है तो आने वाले महीनों में बारिश का पैटर्न असमान हो सकता है। कुछ क्षेत्रों में अधिक वर्षा और कुछ में कम बारिश या सूखे जैसी स्थिति बन सकती है।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश इस समय भीषण गर्मी, लू और मानसून की देरी की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार लोगों को मानसून के आगमन के लिए अभी लगभग एक सप्ताह और इंतजार करना पड़ सकता है।
