राम मंदिर सुरक्षा को लेकर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, UPSSF के 1,155 अस्थायी पद किए गए स्थायी
अयोध्या धाम की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत, गृह विभाग ने जारी किया शासनादेश
अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंदिर की सुरक्षा में तैनात उत्तर प्रदेश विशेष सुरक्षा बल (UPSSF) के 1,155 अस्थायी पदों को अब स्थायी कर दिया गया है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश गृह विभाग द्वारा शासनादेश जारी कर दिया गया है।
सरकार के इस निर्णय से राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों और अधिकारियों की व्यवस्था को स्थायित्व मिलेगा। माना जा रहा है कि स्थायी पद होने के बाद सुरक्षा बल को लंबे समय की योजना के अनुसार बेहतर तरीके से तैनात किया जा सकेगा और मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।
चढ़ावा चोरी मामले के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार यह निर्णय राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी की ओर से भी चिंता जताई गई थी। बताया जा रहा है कि 23 जून को यूपीएसएसएफ की छठी वाहिनी ने डीजीपी मुख्यालय को पत्र भेजकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की थी।
इसके बाद सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अस्थायी पदों को स्थायी करने का फैसला लिया। अधिकारियों का मानना है कि इससे मंदिर परिसर में सुरक्षा प्रबंधन को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
कई सुरक्षा एजेंसियां संभाल रही हैं जिम्मेदारी
वर्तमान समय में राम मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी कई सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त हाथों में है। इनमें सीआरपीएफ, यूपीएसएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस, पीएसी और निजी सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
मंदिर परिसर की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को कई स्तरों में बांटा गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही, मंदिर परिसर की निगरानी, प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा जांच जैसे महत्वपूर्ण कार्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा किए जा रहे हैं।
UPSSF के पदों के स्थायी होने से सुरक्षा बल की तैनाती और संचालन में अधिक स्थिरता आने की संभावना जताई जा रही है।
किन पदों को किया गया स्थायी
सरकार द्वारा स्थायी किए गए पदों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। इनमें:
- सेनानायक
- उप सेनानायक
- सहायक सेनानायक
- दलनायक
- उपनिरीक्षक
- मुख्य आरक्षी
- आरक्षी
- आरक्षी चालक
- चिकित्साधिकारी
- फार्मासिस्ट
- रेडियो निरीक्षक
- प्रधान परिचालक
- सहायक परिचालक
- कार्यशाला सहायक
सहित अन्य पद शामिल हैं।
इन पदों के स्थायी होने से सुरक्षा बल को मानव संसाधन की दृष्टि से मजबूती मिलने की उम्मीद है।
चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी
वहीं दूसरी ओर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच भी लगातार जारी है। मामले में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और मनीष यादव से पूछताछ के लिए विवेचक द्वारा सात दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अदालत में आवेदन दिया गया है। इस पर सुनवाई शुक्रवार को होने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। संदिग्धों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है।
चोरी की रकम को लेकर जांच एजेंसियां जुटा रहीं जानकारी
मामले की जांच से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चोरी की वास्तविक रकम करोड़ों रुपये तक हो सकती है, जबकि अब तक जांच एजेंसियों के सामने लाखों रुपये की बरामदगी का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि चढ़ावे की राशि में कितनी अनियमितता हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
राम मंदिर की सुरक्षा पर सरकार का विशेष फोकस
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार लगातार कदम उठा रही है।
UPSSF के पदों को स्थायी करने का फैसला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे मंदिर परिसर में सुरक्षा तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।
