यूपी के लघु और सीमांत किसानों को 6% ब्याज पर ₹6 लाख तक ऋण देने की योजना
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत दीर्घकालीन कृषि निवेश के लिए ऋण का प्रावधान; आवेदन से पहले बैंक शाखा से शर्तें जांचें
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े दीर्घकालीन निवेश के लिए अधिकतम ₹6 लाख का ऋण 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराने की योजना सामने आई है। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत यह सुविधा उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से दिए जाने की जानकारी है। इसका उद्देश्य किसानों को खेती में उपयोगी संसाधन जुटाने के लिए संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।
₹6 लाख ऋण की अधिकतम सीमा है, हर आवेदक को मिलने वाली निश्चित राशि नहीं। किसान को कितना ऋण मिलेगा, यह उसकी पात्रता, प्रस्तावित कृषि कार्य, दस्तावेजों और बैंक की जांच पर निर्भर करेगा।
किन किसानों के लिए है योजना?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योजना उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है। आवेदक के पास खेती से संबंधित वैध दस्तावेज होने चाहिए। बैंक आवेदन के समय जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, पहचान और प्रस्तावित कार्य की जानकारी मांग सकता है।
किसान आवेदन करने से पहले अपनी खतौनी तथा अन्य भूमि अभिलेख जांच लें। यदि दस्तावेजों में नाम या अन्य विवरण अलग-अलग हैं, तो बैंक शाखा में पहले यह पता कर लें कि आवेदन के लिए क्या सुधार आवश्यक होगा। पुराने ऋण की जानकारी भी आवेदन में सही-सही देना जरूरी है। पात्रता की अंतिम पुष्टि संबंधित बैंक करेगा।
खेती में किस काम के लिए मिल सकता है ऋण?
योजना का जोर कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों में दीर्घकालीन निवेश पर है। उपलब्ध विवरण में सिंचाई के साधन विकसित करने, कृषि उपकरण खरीदने और खेती से जुड़ी अन्य परिसंपत्तियां तैयार करने जैसे कार्यों का उल्लेख है। किसान को जिस काम के लिए धन चाहिए, उसका उद्देश्य आवेदन में स्पष्ट करना होगा।
ऋण लेने से पहले किसान प्रस्तावित खर्च का हिसाब तैयार करें। उदाहरण के लिए, उपकरण या सिंचाई व्यवस्था के लिए आवेदन करते समय उसकी अनुमानित लागत की जानकारी उपयोगी होगी। बैंक जरूरत और नियमों के अनुसार परियोजना से संबंधित अतिरिक्त विवरण या रिपोर्ट भी मांग सकता है। ऋण स्वीकृत होने से पहले किसान को राशि, ब्याज और किस्तों की शर्तें लिखित रूप में समझ लेनी चाहिए। (abplive.com)
6 प्रतिशत ब्याज और अनुदान को ऐसे समझें
योजना से संबंधित प्रकाशित विवरण के मुताबिक, पात्र किसानों के लिए ऋण की रियायती ब्याज दर 6 प्रतिशत वार्षिक बताई गई है। इसमें राज्य सरकार की ओर से ब्याज अनुदान का प्रावधान भी बताया गया है। समय पर किस्त चुकाने जैसी शर्तों का पालन अनुदान के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान और 6 प्रतिशत देय ब्याज दर को जोड़कर या घटाकर अपनी अंतिम दर का अनुमान नहीं लगाना चाहिए। किस्त की वास्तविक राशि, अनुदान कैसे समायोजित होगा और देर से भुगतान करने पर क्या शर्त लागू होगी, यह बैंक से लिखित ऋण विवरण लेकर समझें।
आवेदन के लिए क्या तैयारी करें?
प्रकाशित जानकारी के अनुसार, आवेदन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड की नजदीकी शाखा के माध्यम से किया जा सकेगा। एक ई-पोर्टल शुरू किए जाने की बात भी कही गई है। हालांकि, आवेदन करने से पहले पोर्टल के आधिकारिक पते और उसके चालू होने की स्थिति की पुष्टि बैंक या सरकारी सूचना से करना उचित होगा।
आवेदन के समय आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक खाते की जानकारी, निवास प्रमाण और जमीन के रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं। प्रस्तावित कृषि कार्य की लागत बताने वाले दस्तावेज या परियोजना रिपोर्ट की जरूरत भी पड़ सकती है। आवश्यक कागजात की अंतिम सूची शाखा से प्राप्त करें, क्योंकि आवेदन की प्रक्रिया और दस्तावेजों की शर्तें आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार तय होंगी। e.com)
ऋण लेने से पहले इन शर्तों को पढ़ें
किसान शाखा में आवेदन जमा करते समय यह जरूर पूछें कि ऋण कितने वर्षों में चुकाना होगा, किस्त कब देनी होगी और समय पर भुगतान से मिलने वाला लाभ किस तरह लागू होगा। साथ ही स्वीकृत राशि में कोई शुल्क या अन्य लागत शामिल है या नहीं, इसकी जानकारी भी लें। आवेदन जमा करना ऋण स्वीकृति की गारंटी नहीं है; बैंक दस्तावेजों और पात्रता की जांच के बाद निर्णय करेगा।
प्रकाशन के समय आवेदन पोर्टल और विस्तृत सरकारी दिशा-निर्देशों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी। इसलिए पाठक आवेदन या किसी भुगतान से पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की अधिकृत शाखा से अद्यतन प्रक्रिया की पुष्टि करें।
