छात्र-छात्राओं की अनूठी पहल: बीजों से खुद तैयार किए पौधे, ग्राम सराली में 70 पौधों का रोपण
हर विद्यार्थी ने लिया एक पौधे को गोद लेने का संकल्प, 2 से 3 वर्षों तक करेंगे देखभाल; स्कूल परिसर के साथ श्मशान घाट और अस्पताल क्षेत्र में भी बढ़ाएंगे हरियाली
विद्यार्थियों ने वर्षा ऋतु के दौरान अपने घरों के आसपास, नदी-नालों और रास्तों के किनारे गिरे बीजों एवं गुठलियों को एकत्रित किया। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से अंकुरित कर पौधों के रूप में विकसित किया गया। पर्याप्त रूप से विकसित होने के बाद इन्हीं पौधों को स्कूल परिसर सहित गांव के अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर रोपित करने का अभियान शुरू किया गया।
यह पहल केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। प्रत्येक छात्र-छात्रा ने अपने लगाए एक पौधे की जिम्मेदारी लेते हुए उसकी नियमित देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण करने का संकल्प भी लिया है।
आम, नीम और बरगद के बीजों से खुद तैयार किए पौधे
पौधारोपण अभियान की सबसे खास बात विद्यार्थियों का स्वावलंबन रहा। सामान्यतः पौधारोपण कार्यक्रमों के लिए पौधे नर्सरी से मंगवाए जाते हैं, लेकिन ग्राम सराली के विद्यार्थियों ने प्रकृति में उपलब्ध बीजों का उपयोग कर स्वयं पौधे तैयार करने का प्रयास किया।
वर्षा के दौरान आम की गुठलियां तथा नीम और बरगद सहित अन्य वृक्षों के बीज बड़ी संख्या में जमीन पर गिरते हैं। विद्यार्थियों ने इन्हें बेकार समझकर छोड़ने के बजाय एकत्रित किया और उनसे नए पौधे तैयार किए। इस प्रक्रिया के माध्यम से विद्यार्थियों ने न केवल पौधों को विकसित करना सीखा, बल्कि यह भी समझा कि सीमित संसाधनों में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रभावी प्रयास किए जा सकते हैं।
विद्यार्थियों की यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वावलंबन का संदेश भी दे रही है। छोटी उम्र में बच्चों को बीज से पौधा तैयार करने और फिर उसे वृक्ष के रूप में विकसित करने की जिम्मेदारी से जोड़ने का उद्देश्य उनमें प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है।
70 पौधों से स्कूल परिसर को हरा-भरा बनाने की पहल
अभियान के तहत ग्राम सराली के हाई स्कूल परिसर में करीब 70 पौधे लगाए गए। पौधारोपण के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखाई दिया। छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों और संस्था से जुड़े सदस्यों के मार्गदर्शन में पौधे लगाए और उनके आसपास आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी की।
स्कूल परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करने के साथ विद्यालय की हरियाली बढ़ाने में भी मददगार साबित होंगे। पौधों के बड़े होने पर विद्यालय परिसर में प्राकृतिक वातावरण विकसित होने की उम्मीद है।
इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को कक्षा में पर्यावरण संरक्षण के बारे में पढ़ने के साथ उसे व्यवहार में अपनाने का अवसर भी मिला।
श्मशान घाट और अस्पताल सहित अन्य स्थानों पर भी पौधारोपण
अभियान को केवल स्कूल परिसर तक सीमित नहीं रखा गया है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए पौधों को श्मशान घाट, अस्पताल परिसर और गांव के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी रोपित किया जा रहा है। इसके अलावा छात्र-छात्राएं अपने घरों की बागवानी और खेल मैदान के आसपास भी पौधे लगाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
इससे गांव के विभिन्न हिस्सों में हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों का प्रयास है कि जिन स्थानों पर पौधे लगाए जाएं, वहां उनकी नियमित निगरानी भी हो, ताकि पौधारोपण केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रह जाए।
हर विद्यार्थी ने अपनाया एक पौधा
पौधारोपण अभियान में सबसे महत्वपूर्ण पहल पौधों की देखभाल को लेकर की गई है। अक्सर देखा जाता है कि पौधारोपण कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में पौधे तो लगा दिए जाते हैं, लेकिन बाद में उचित देखरेख नहीं होने के कारण कई पौधे विकसित नहीं हो पाते।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ग्राम सराली के प्रत्येक सहभागी छात्र-छात्रा ने एक पौधे को अपनाकर उसकी जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया है। विद्यार्थी अपने पौधे की नियमित देखभाल करेंगे और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे।
विद्यार्थियों ने अगले दो से तीन वर्षों तक पौधों की देखभाल और संरक्षण करने की जिम्मेदारी ली है। आवश्यकता के अनुसार पौधों को पानी देना, उनकी सुरक्षा करना और नुकसान से बचाना इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वावलंबन की सीख
इस पहल का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। जब विद्यार्थी स्वयं बीज एकत्रित करते हैं, उनसे पौधा तैयार करते हैं और फिर उसका रोपण कर वर्षों तक उसकी देखभाल करते हैं, तो वे सीधे तौर पर प्रकृति के जीवन चक्र से जुड़ते हैं।
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद की प्रेरणा और ग्राम विकास एवं जन चेतना समिति के मार्गदर्शन में संचालित इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों या सामाजिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता आवश्यक है।
छात्र-छात्राओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे भी इसी तरह सक्रिय भूमिका निभाने और अन्य लोगों को पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
शिक्षकगण और जन अभियान परिषद के अध्यक्ष रहे मौजूद
विद्यालय परिसर में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान हाई स्कूल के शिक्षकगण ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर जन अभियान परिषद के अध्यक्ष रामविलास लोधी भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पौधारोपण के साथ पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का महत्व बताया गया। साथ ही इस बात पर जोर दिया गया कि पौधा लगाने से ज्यादा महत्वपूर्ण उसे जीवित रखकर वृक्ष के रूप में विकसित करना है।
‘आज का पौधा, कल का जीवन’ का दिया संदेश
ग्राम सराली के विद्यार्थियों की यह पहल पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक संदेश दे रही है। बच्चों ने अपने प्रयासों से साबित किया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े संसाधनों की ही आवश्यकता नहीं होती। आसपास उपलब्ध बीजों और गुठलियों से भी पौधे तैयार कर हरियाली बढ़ाने की दिशा में योगदान दिया जा सकता है।
अभियान के माध्यम से “आज का पौधा, कल का जीवन” और “पौधा लगाएं, पौधा बचाएं—हरियाली बढ़ाएं” का संदेश दिया गया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की भावना को भी आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
अब इन छात्र-छात्राओं का लक्ष्य लगाए गए पौधों को अगले दो से तीन वर्षों तक सुरक्षित रखकर वृक्ष के रूप में विकसित करना है। यदि विद्यार्थियों का यह प्रयास इसी तरह जारी रहा तो ग्राम सराली में हरियाली बढ़ने के साथ नई पीढ़ी में प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत होगी।
