विष्णु उस्ताद हत्याकांड के आरोपी पवित्र प्रधान के बेटे हितेश प्रधान पर फिर गंभीर आरोप,
इंदौर में फिर सुर्खियों में आया चर्चित नाम
Indore शहर में अपराध जगत से जुड़े चर्चित नामों में शामिल हितेश प्रधान एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते चर्चा का विषय बन गया है। हितेश प्रधान, विष्णु उस्ताद हत्याकांड के आरोपी पवित्र प्रधान का बेटा है। हाल ही में उसके खिलाफ एमआईजी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले के दर्ज होते ही पुलिस ने जांच तेज कर दी है और विभिन्न पहलुओं से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस नए प्रकरण के सामने आने के बाद हितेश प्रधान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। यही कारण है कि ताजा केस के साथ-साथ उसके पुराने मामलों की भी समीक्षा की जा रही है।
दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ नया मामला
पुलिस द्वारा दर्ज किए गए ताजा प्रकरण में हितेश प्रधान पर दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एमआईजी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकरण में सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है।
जांच के दौरान पीड़ित पक्ष के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और अन्य उपलब्ध प्रमाणों को एकत्र किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी क्योंकि मामला अभी जांच के चरण में है।
पुराने मामलों का रिकॉर्ड फिर आया सामने
ताजा प्रकरण सामने आने के बाद हितेश प्रधान के खिलाफ पहले दर्ज मामलों की भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसका नाम अलग-अलग समय पर विभिन्न आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है।
जानकारी के मुताबिक, लसूड़िया थाने में उसके खिलाफ ब्लैकमेलिंग से जुड़ा एक मामला दर्ज है। इसके अलावा एमआईजी थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट के तहत भी उसके खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड में उसके नाम से अन्य आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
अधिकारियों का कहना है कि किसी व्यक्ति के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों का रिकॉर्ड जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण होता है, लेकिन प्रत्येक नए मामले की जांच स्वतंत्र रूप से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाती है।
अवैध हथियारों के मामले में भी हो चुकी है गिरफ्तारी
सूत्रों के अनुसार करीब दो से तीन वर्ष पहले इंदौर क्राइम ब्रांच ने हितेश प्रधान को अवैध हथियार और कारतूस की खरीद-फरोख्त के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार बरामद किए थे और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की भी जांच की गई थी।
क्राइम ब्रांच ने उस कार्रवाई के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया था कि हथियार कहां से लाए जा रहे थे और किन लोगों तक उनकी आपूर्ति की जा रही थी। हालांकि उस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष चली थी। अब नए मामले के सामने आने के बाद पुलिस पुराने रिकॉर्ड और कथित नेटवर्क से जुड़े तथ्यों की भी समीक्षा कर रही है।
परिवार की पृष्ठभूमि के कारण बढ़ी चर्चा
हितेश प्रधान का नाम केवल उसके खिलाफ दर्ज मामलों के कारण ही नहीं, बल्कि उसके पारिवारिक संबंधों की वजह से भी चर्चा में है। उसके पिता पवित्र प्रधान पहले से ही शहर के चर्चित विष्णु उस्ताद हत्याकांड के आरोपी हैं।
इसी कारण जब हितेश प्रधान के खिलाफ नया मामला दर्ज हुआ तो पूरे प्रकरण ने एक बार फिर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। शहर में इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि एक ही परिवार के दो सदस्यों के नाम अलग-अलग गंभीर आपराधिक मामलों में सामने आने से कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि यह भी महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक मामला अपने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अलग-अलग जांच और न्यायिक प्रक्रिया से गुजरता है।
पुलिस जुटा रही है हर तरह के साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मामले में जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जा रही है। जांच टीम शिकायतकर्ता के बयान, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है।
यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है या अन्य व्यक्तियों की भूमिका सामने आती है तो उसके आधार पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की अटकलों से बचना चाहिए।
पुराने आपराधिक नेटवर्क की भी होगी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार पुलिस केवल वर्तमान मामले की जांच तक सीमित नहीं रहना चाहती। अधिकारियों द्वारा हितेश प्रधान के पुराने संपर्कों, उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और पूर्व में दर्ज मामलों से जुड़े तथ्यों की भी समीक्षा की जा रही है।
यदि पुराने मामलों और वर्तमान प्रकरण के बीच किसी प्रकार का संबंध सामने आता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
कानून के अनुसार होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पूरी तरह उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित कानूनी धाराओं के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं यदि जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आपराधिक मामले में निष्पक्ष जांच सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और सभी पक्षों को कानून के अनुसार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है।
न्यायिक प्रक्रिया पर रहेगी सबकी नजर
इंदौर में यह मामला फिलहाल व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर गंभीर आरोपों के चलते पुलिस जांच तेज कर रही है, वहीं दूसरी ओर हितेश प्रधान के पुराने रिकॉर्ड और उसके पिता से जुड़े चर्चित मामले के कारण भी यह प्रकरण लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है और आरोप न्यायालय में सिद्ध होना बाकी हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की जांच, साक्ष्यों की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि इस प्रकरण में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है। तब तक मामले से जुड़े सभी पक्षों पर कानून के अनुसार कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।
