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पढ़ाना से उमराह के लिए रवाना हुआ यात्रियों का जत्था, फूल-मालाओं से स्वागत कर दी भावभीनी विदाई

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Published On: 31 August 2026
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पड़ाना से उमराह के लिए रवाना हुआ यात्रियों का जत्था, फूल-मालाओं से स्वागत कर दी भावभीनी विदाई

हाफिज अखलाक साहब ने बताया उमराह यात्रा का धार्मिक महत्व, यात्रियों से देश में अमन-चैन, तरक्की और आपसी भाईचारे के लिए दुआ करने की अपील

रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद

पड़ाना। धार्मिक यात्रा उमराह के लिए पढ़ाना क्षेत्र से श्रद्धालुओं का एक जत्था रविवार को पवित्र शहर मक्का और मदीना की यात्रा के लिए अकीदत और उत्साह के साथ रवाना हुआ। उमराह के लिए रवाना होने वाले यात्रियों को विदाई देने बड़ी संख्या में उनके परिजन, रिश्तेदार, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक पहुंचे। इस दौरान पूरे क्षेत्र में धार्मिक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला।

उमराह यात्रा पर जाने वाले जत्थे में रुस्तम खां, जन्नत बी और उमराव बाई प्रमुख रूप से शामिल हैं। यात्रियों की रवानगी के अवसर पर स्थानीय लोगों ने उन्हें फूलों की मालाएं पहनाकर मुबारकबाद दी और उनकी यात्रा के सुरक्षित, सुखद और सफल होने की कामना की।

विदाई के दौरान लोगों ने यात्रियों से मक्का-मदीना पहुंचकर क्षेत्र, प्रदेश और देश की खुशहाली के लिए विशेष दुआ करने की गुजारिश भी की। यात्रियों ने सभी लोगों का आभार जताते हुए पवित्र स्थलों पर क्षेत्र की शांति, समृद्धि और भाईचारे के लिए दुआ करने की बात कही।

अकीदत के माहौल में उमराह यात्रियों को किया रवाना

रविवार को पढ़ाना में उमराह यात्रियों की रवानगी के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ नगर के सामाजिक एवं गणमान्य नागरिक भी यात्रियों को विदाई देने पहुंचे।

यात्रियों को फूलों की मालाएं पहनाई गईं और लोगों ने उन्हें गले लगाकर मुबारकबाद दी। इस दौरान कई लोगों के लिए यह भावुक क्षण भी रहा। स्थानीय नागरिकों ने यात्रियों से पवित्र स्थलों पर उनके परिवार और क्षेत्र के लोगों के लिए भी दुआ करने का आग्रह किया।

उमराह यात्रियों ने कहा कि उनके लिए यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और वे मक्का-मदीना पहुंचकर सभी की सलामती और खुशहाली के लिए दुआ करेंगे।

हाफिज अखलाक साहब ने बताया उमराह का महत्व

इस अवसर पर हाफिज अखलाक साहब ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए इस्लामी परंपरा में उमराह के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उमराह एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है, जिसमें व्यक्ति पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ इबादत करता है।

हाफिज अखलाक साहब ने कहा कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार उमराह अल्लाह की रजा हासिल करने और अपने जीवन को नेक कार्यों की दिशा में आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने यात्रियों को यात्रा के दौरान इबादत, अनुशासन और धार्मिक मर्यादाओं का पालन करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि पवित्र काबा का दीदार करना प्रत्येक मुस्लिम के लिए अत्यंत भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव होता है।

मक्का और मदीना की यात्रा को बताया विशेष

हाफिज अखलाक साहब ने अपने संबोधन में मक्का और मदीना के धार्मिक महत्व के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मक्का में पवित्र काबा के दर्शन और वहां इबादत करने का अवसर मिलना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसी तरह मदीना शरीफ पहुंचकर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की बारगाह में सलाम पेश करना भी आस्था से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर होता है।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों को इन पवित्र स्थलों की यात्रा का अवसर मिलता है, उन्हें इस समय का उपयोग अधिक से अधिक इबादत, दुआ और नेक कार्यों में करना चाहिए।

देश में अमन-चैन और भाईचारे के लिए दुआ की अपील

हाफिज अखलाक साहब ने उमराह पर रवाना हो रहे यात्रियों से विशेष रूप से देश में शांति और आपसी भाईचारे के लिए दुआ करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि मक्का और मदीना की पवित्र धरती पर पहुंचकर यात्री अपने परिवार और परिचितों के साथ पूरे देश के लिए भी दुआ करें। समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बना रहे तथा देश लगातार प्रगति करे, इसके लिए प्रार्थना की जानी चाहिए।

उन्होंने युवाओं को भी धार्मिक शिक्षाओं के साथ समाज में प्रेम, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया।

सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी पहुंचे

उमराह यात्रियों को विदाई देने के लिए पढ़ाना और आसपास के क्षेत्र से विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग भी पहुंचे।

इस अवसर पर अंजुमन के सदर एडवोकेट अनवर अंसारी और अल्पसंख्यक मोर्चा मंडल अध्यक्ष शरीफ मंसूरी विशेष रूप से मौजूद रहे।

उनके साथ जाकिर आमिर, अकरम अंसारी, आमिर मंसूरी, दिनेश गुर्जर, अब्बास मंसूरी, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह तोमर, दिनेश पाटीदार, मंडलम अध्यक्ष कमल गुर्जर, सौरभ वर्मा मेडिकल, मोहन परमार, रामबाबू शर्मा, दुर्गा प्रसाद माली और धर्मेंद्र खाती सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

सभी ने यात्रियों को मुबारकबाद देते हुए उनकी यात्रा सफल और मंगलमय होने की कामना की।

गले मिलकर दी विदाई, यात्रा की सफलता की कामना

कार्यक्रम के दौरान लोगों ने उमराह यात्रियों को गले लगाकर विदाई दी। परिजनों और रिश्तेदारों ने उनके सुरक्षित सफर और सकुशल वापस लौटने की कामना की।

लोगों ने यात्रियों से मक्का और मदीना में अपने परिवारों के साथ पूरे पढ़ाना क्षेत्र के लिए भी दुआ करने की गुजारिश की। विदाई के दौरान आपसी सौहार्द और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।

उमराह यात्रियों ने भी लोगों से मिली शुभकामनाओं और सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पवित्र यात्रा के दौरान वे क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक की सुख-समृद्धि के साथ देश में शांति और खुशहाली के लिए दुआ करेंगे।

क्षेत्र की खुशहाली के लिए दुआ करने का दिया भरोसा

उमराह के लिए रवाना हुए यात्रियों ने कहा कि मक्का और मदीना की पवित्र धरती पर पहुंचना उनके लिए आस्था और सौभाग्य का विषय है। वहां पहुंचकर वे अपने परिवार के साथ पढ़ाना क्षेत्र और देश की खुशहाली के लिए विशेष दुआ करेंगे।

यात्रियों की विदाई के अवसर पर मौजूद लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव का भी संदेश दिया। बड़ी संख्या में अलग-अलग वर्गों से जुड़े नागरिकों की मौजूदगी ने आयोजन को आपसी भाईचारे और एकता का स्वरूप दिया।

अंत में सभी ने उमराह यात्रियों के सुरक्षित सफर, सफल धार्मिक यात्रा और सकुशल घर वापसी की कामना करते हुए उन्हें विदा किया।

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