उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने रचा नया कीर्तिमान, ‘काम करने के लिए भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों 2026’ में हासिल किया 8वाँ स्थान
ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया की प्रतिष्ठित रैंकिंग में बड़ी छलांग, लगातार 16वीं बार मिला ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ का सम्मान
भारत के अग्रणी स्मॉल फाइनेंस बैंकों में शामिल उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank – Ujjivan SFB) ने कार्यस्थल संस्कृति (वर्कप्लेस कल्चर) के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम की है। बैंक को ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया द्वारा जारी ‘India’s Best Companies to Work For 2026’ की प्रतिष्ठित सूची में 8वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि न केवल बैंक की पिछले वर्षों की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि उज्जीवन एसएफबी देश के सबसे पसंदीदा और भरोसेमंद कार्यस्थलों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
बैंक ने इस उपलब्धि के साथ यह संदेश भी दिया है कि किसी भी संगठन की वास्तविक सफलता केवल उसके वित्तीय प्रदर्शन से नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता, विश्वास और सकारात्मक कार्य संस्कृति से भी तय होती है।
देश के शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ कार्यस्थलों में बनाई जगह
ग्रेट प्लेस टू वर्क® इंडिया की ओर से जारी वर्ष 2026 की सूची में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक को भारत की 100 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में 8वाँ स्थान मिला है।
यह रैंकिंग कर्मचारियों के अनुभव, कार्यस्थल पर विश्वास, नेतृत्व की पारदर्शिता, संगठनात्मक संस्कृति, करियर विकास के अवसर और कर्मचारी संतुष्टि जैसे अनेक मानकों के आधार पर तैयार की जाती है।
बैंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सीधे कर्मचारियों की राय और उनके अनुभवों पर आधारित है। इससे स्पष्ट होता है कि बैंक ने अपने कर्मचारियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार किया है, जहां वे सुरक्षित, सम्मानित और प्रेरित महसूस करते हैं।
तीन प्रतिष्ठित श्रेणियों में मिली राष्ट्रीय पहचान
मुख्य रैंकिंग के अलावा उज्जीवन एसएफबी को दो अन्य महत्वपूर्ण श्रेणियों में भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है।
बैंक को—
- ‘India’s Best Workplaces in BFSI 2026’ की टॉप 25 सूची में स्थान मिला।
- ‘India’s Best Workplaces in Health & Wellness 2026’ की टॉप 10 सूची में भी शामिल किया गया।
ये दोनों सम्मान इस बात का प्रमाण हैं कि बैंक केवल व्यावसायिक विकास पर ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण पर भी विशेष ध्यान देता है।
लगातार 16 वर्षों से बना हुआ है ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि उसे लगातार 16 वर्षों से ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ प्रमाणन प्राप्त हो रहा है।
बैंक के अनुसार—
- वर्ष 2009 से 2016 तक यह सम्मान उज्जीवन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (UFSL) को मिला।
- वर्ष 2017 से 2026 तक उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (USFB) लगातार यह सम्मान प्राप्त कर रहा है।
यह निरंतरता इस बात का संकेत है कि बैंक ने वर्षों से अपने संगठनात्मक मूल्यों और कर्मचारी-केंद्रित संस्कृति को लगातार मजबूत किया है।
कर्मचारियों के विश्वास पर आधारित है यह उपलब्धि
उज्जीवन एसएफबी की हेड–ह्यूमन रिसोर्स सुश्री चंद्रलेखा चौधरी ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान कर्मचारियों की ईमानदार राय और विश्वास का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि—
“काम करने के लिए भारत की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में शामिल होना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। यह सम्मान कर्मचारियों के फीडबैक और उनके वास्तविक अनुभवों पर आधारित है। यह दर्शाता है कि हमारे कर्मचारी संगठन पर कितना भरोसा करते हैं और हमारी कार्य संस्कृति को किस प्रकार अनुभव करते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि बैंक अपने प्रत्येक कर्मचारी का आभार व्यक्त करता है, क्योंकि उन्हीं के सहयोग और समर्पण से यह उपलब्धि संभव हो सकी है।
कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए किए गए कई बड़े प्रयास
उज्जीवन एसएफबी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- नेतृत्व और कर्मचारियों के बीच बेहतर संवाद
- नियमित फीडबैक प्रणाली
- करियर ग्रोथ के अवसर
- नवाचार को प्रोत्साहन
- कर्मचारियों की भलाई पर विशेष ध्यान
- पारदर्शी कार्य संस्कृति
- टीम आधारित कार्य प्रणाली
इन पहलों ने कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच विश्वास को और अधिक मजबूत किया है।
सीखने और करियर विकास पर विशेष फोकस
बैंक का मानना है कि किसी भी संगठन की सफलता उसके कर्मचारियों के निरंतर विकास पर निर्भर करती है।
इसी सोच के तहत उज्जीवन एसएफबी ने व्यवस्थित प्रशिक्षण और डिजिटल लर्निंग को प्राथमिकता दी है।
मुख्य उपलब्धियां—
- प्रत्येक कर्मचारी को 48 घंटे से अधिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है।
- डिजिटल लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) का उपयोग 99 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
- कर्मचारियों के लिए नेतृत्व विकास कार्यक्रम नियमित रूप से संचालित किए जाते हैं।
- नई तकनीकों और डिजिटल बैंकिंग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।
इन प्रयासों से कर्मचारियों के कौशल विकास के साथ-साथ संगठन की कार्यक्षमता भी लगातार बढ़ रही है।
महिलाओं की भागीदारी को मिला बढ़ावा
उज्जीवन एसएफबी ने कार्यस्थल पर लैंगिक समानता और समावेशिता को भी प्राथमिकता दी है।
बैंक के अनुसार—
- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में 56 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।
- शीर्ष प्रबंधन में 20 प्रतिशत महिला प्रतिनिधित्व है।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि बैंक नेतृत्व के प्रत्येक स्तर पर महिलाओं को आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
एआई आधारित फीडबैक सिस्टम से कर्मचारियों की आवाज को मिला मंच
बैंक ने कर्मचारियों की राय को महत्व देने के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया है।
इसके अंतर्गत—
- एआई आधारित फीडबैक प्लेटफॉर्म
- लीडरशिप टाउन हॉल
- कर्मचारी संवाद मंच
- नियमित सुझाव प्रणाली
जैसी पहलें लागू की गई हैं।
इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि बैंक ने 93 प्रतिशत GPTW Trust Index हासिल किया है, जो कर्मचारियों के उच्च स्तर के विश्वास को दर्शाता है।
आंतरिक पदोन्नति और नेतृत्व विकास को प्राथमिकता
उज्जीवन एसएफबी कर्मचारियों को केवल नौकरी ही नहीं बल्कि दीर्घकालिक करियर निर्माण का अवसर भी प्रदान करता है।
बैंक में—
- आंतरिक पदोन्नति को प्रोत्साहन दिया जाता है।
- नेतृत्व विकास कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं।
- उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को नियमित सम्मान दिया जाता है।
- प्रतिभा पहचान और उत्तराधिकार योजना पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ता है और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता भी मजबूत होती है।
स्वास्थ्य और मानसिक कल्याण पर विशेष जोर
आज के प्रतिस्पर्धी कार्य वातावरण में कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य किसी भी संगठन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसी को ध्यान में रखते हुए उज्जीवन एसएफबी ने—
- स्वास्थ्य बीमा सुविधाएं
- मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- वेलनेस कार्यक्रम
- लचीली कार्य प्रणाली
- परिवारों के लिए स्वास्थ्य सहायता
जैसी अनेक योजनाएं लागू की हैं।
इन सुविधाओं का लाभ 26,500 से अधिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिल रहा है।
देशभर में 26,500 से अधिक कर्मचारियों के साथ मजबूत नेटवर्क
आज उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक पूरे भारत में 26,500 से अधिक कर्मचारियों के साथ अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।
बैंक का उद्देश्य केवल बैंकिंग सेवाएं देना नहीं, बल्कि कर्मचारियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है जहां वे—
- सीख सकें,
- आगे बढ़ सकें,
- नवाचार कर सकें,
- और लाखों ग्राहकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकें।
मानव संसाधन नीति बनी सफलता की सबसे बड़ी ताकत
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी संगठन की सबसे बड़ी पूंजी उसके कर्मचारी होते हैं।
उज्जीवन एसएफबी ने मानव संसाधन प्रबंधन को अपनी व्यावसायिक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। यही कारण है कि बैंक लगातार राष्ट्रीय स्तर पर कार्यस्थल संस्कृति के लिए सम्मान प्राप्त कर रहा है।
यह उपलब्धि अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणा है कि कर्मचारी-केंद्रित नीतियां केवल कार्य संतुष्टि ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि संगठन के दीर्घकालिक विकास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत करती हैं।
उज्जीवन एसएफबी ने स्थापित किया नई कार्य संस्कृति का मानक
भारत के बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे समय में उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक का देश की शीर्ष 10 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में शामिल होना यह साबित करता है कि उत्कृष्ट कार्य संस्कृति, कर्मचारी कल्याण और नेतृत्व में पारदर्शिता किसी भी संगठन की सबसे बड़ी ताकत हो सकती है।
लगातार 16 वर्षों तक ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क’ का सम्मान प्राप्त करना और वर्ष 2026 में देश की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में 8वाँ स्थान हासिल करना उज्जीवन एसएफबी की उस मजबूत सोच का प्रमाण है, जिसमें कर्मचारियों को संगठन की सबसे मूल्यवान संपत्ति माना जाता है।
बैंक की यह उपलब्धि न केवल उसके कर्मचारियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि भारतीय बैंकिंग उद्योग के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि बेहतर कार्य संस्कृति और कर्मचारी संतुष्टि के माध्यम से उत्कृष्ट व्यावसायिक सफलता प्राप्त की जा सकती है।
