Ujjain: महाकाल के दरबार में पहुंचे भारतीय क्रिकेटर नीतीश कुमार रेड्डी, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
Ujjain कालों के काल भगवान श्री महाकालेश्वर के पावन दरबार में सोमवार सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के युवा खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी ने हाजिरी लगाई। तड़के ब्रह्म मुहूर्त में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती में शामिल होकर उन्होंने भगवान महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप के दर्शन किए और पूरे मन से बाबा की आराधना की। पहली बार उज्जैन पहुंचे नीतीश कुमार रेड्डी भक्ति भाव में इस कदर लीन नजर आए कि कभी वे ताली बजाते दिखे तो कभी “जय श्री महाकाल” के जयघोष करते हुए दिखाई दिए।
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। नीतीश रेड्डी नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की आराधना करते नजर आए। उन्होंने अपने मस्तक पर त्रिपुंड धारण किया और पूरे विधि-विधान के साथ आरती दर्शन किए। बाबा महाकाल के अलौकिक स्वरूप को निहारते हुए क्रिकेटर की आंखों में आस्था और श्रद्धा साफ झलक रही थी।
चांदी द्वार से किया पूजन-अर्चन, नंदी के कान में कही मनोकामना
भस्म आरती संपन्न होने के बाद नीतीश कुमार रेड्डी ने चांदी द्वार से भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन और जलाभिषेक किया। इसके बाद उन्होंने नंदी महाराज के कान में अपनी मनोकामना भी कही। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और पुजारियों ने बताया कि नीतीश रेड्डी पूरे समय शांत, विनम्र और भक्ति भाव में डूबे रहे।
दर्शन के बाद मंदिर समिति की ओर से भारतीय क्रिकेटर का स्वागत और सम्मान भी किया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन की ओर से उन्हें प्रसाद और दुपट्टा भेंट कर सम्मानित किया गया।
मंदिर प्रशासन ने दी जानकारी
श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया ने जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार सुबह भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी ने प्रातःकालीन भस्म आरती में भाग लिया। उन्होंने बताया कि भस्म आरती के दौरान नीतीश ने अपने मस्तक पर त्रिपुंड बनवाया और नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए। आरती के पश्चात उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन कर ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन लाभ प्राप्त किए।
पहली बार महाकाल के दर्शन, भावुक दिखे क्रिकेटर
बताया जा रहा है कि यह नीतीश कुमार रेड्डी का महाकाल मंदिर में पहला दर्शन था। पहली ही यात्रा में बाबा महाकाल की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से वे बेहद प्रभावित नजर आए। दर्शन के दौरान कई श्रद्धालुओं ने उन्हें पहचान लिया, हालांकि मंदिर प्रशासन की व्यवस्था के चलते दर्शन शांतिपूर्वक संपन्न हुए।

युवा क्रिकेटर नीतीश कुमार रेड्डी का सफर
नीतीश कुमार रेड्डी भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारों में से एक हैं। वे घरेलू क्रिकेट में आंध्र प्रदेश की ओर से खेलते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद टीम का हिस्सा हैं। उनका जन्म 26 मई 2003 को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में हुआ था।
नीतीश ने बहुत कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। महज 5 साल की उम्र में उन्होंने प्लास्टिक के बल्ले से क्रिकेट खेलना शुरू किया। बचपन से ही उनका सपना भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलना था। वे नियमित रूप से हिंदुस्तान जिंक के मैदान पर सीनियर खिलाड़ियों को खेलते हुए देखा करते थे और वहीं से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं।
पिता का त्याग बना प्रेरणा
नीतीश कुमार रेड्डी के क्रिकेट करियर के पीछे उनके पिता मुत्याला रेड्डी का बड़ा योगदान रहा है। उनके पिता हिंदुस्तान जिंक में कर्मचारी थे। बेटे के क्रिकेट करियर को संवारने के लिए उन्होंने बड़ा त्याग किया। जब उनका ट्रांसफर उदयपुर हुआ, तो उन्होंने नौकरी छोड़ने का फैसला किया ताकि नीतीश को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर मिल सकें। पिता के इस त्याग और समर्पण ने नीतीश के जीवन और करियर को नई दिशा दी।
घरेलू क्रिकेट से अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर
नीतीश कुमार रेड्डी ने 27 जनवरी 2020 को आंध्र प्रदेश के लिए 2019-20 रणजी ट्रॉफी में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके बाद उन्होंने 20 फरवरी 2021 को विजय हजारे ट्रॉफी में लिस्ट-ए डेब्यू किया। वहीं 4 नवंबर 2021 को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के जरिए उन्होंने टी20 क्रिकेट में कदम रखा।
उनकी प्रतिभा को देखते हुए 2023 के आईपीएल ऑक्शन में सनराइजर्स हैदराबाद ने उन्हें 20 लाख रुपये में खरीदा। आईपीएल में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा।
टीम इंडिया में एंट्री
नीतीश कुमार रेड्डी ने 6 अक्टूबर 2024 को भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। इसके बाद 22 नवंबर 2024 को 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में भी भारत के लिए पदार्पण किया। बेहद कम समय में उन्होंने खुद को एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के रूप में साबित किया है।
आध्यात्मिक ऊर्जा से मिलेगी नई प्रेरणा
महाकाल के दर्शन के बाद माना जा रहा है कि नीतीश कुमार रेड्डी को आध्यात्मिक ऊर्जा और मानसिक शांति मिली है, जो आने वाले मैचों में उनके प्रदर्शन को और बेहतर बना सकती है। कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लेते रहे हैं और नीतीश भी उसी परंपरा का हिस्सा बने।
श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह
भस्म आरती के दौरान जब श्रद्धालुओं को पता चला कि भारतीय क्रिकेट टीम का खिलाड़ी महाकाल के दर्शन के लिए आया है, तो उनमें भी उत्साह देखने को मिला। हालांकि मंदिर प्रशासन ने पूरी व्यवस्था बनाए रखी, जिससे अन्य भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा न हो
