उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास स्थित शुद्ध शाकाहारी होटल सम्राट विक्रमादित्य में नॉनवेज पकाने का वीडियो वायरल होने से विवाद खड़ा हो गया।
उज्जैन शुद्ध शाकाहारी होटल में नॉनवेज विवाद
उज्जैन भारत के सबसे पवित्र धार्मिक शहरों में से एक है। यहां स्थित महाकालेश्वर मंदिर में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। इस धार्मिक आस्था के केंद्र के आसपास कई नियम लागू हैं, जिनका उद्देश्य मंदिर की पवित्रता और धार्मिक वातावरण को बनाए रखना है।इसी बीच हाल ही में उज्जैन शुद्ध शाकाहारी होटल में नॉनवेज विवाद सामने आने के बाद भक्तों और स्थानीय लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है। यह मामला महाकाल मंदिर से करीब 100 मीटर दूर स्थित एमपी टूरिज्म के हेरिटेज होटल “सम्राट विक्रमादित्य” से जुड़ा हुआ है।वायरल वीडियो में कथित तौर पर होटल के कुछ कर्मचारी रात के समय नॉनवेज बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और धार्मिक संगठनों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
महाकाल मंदिर के पास होटल में वायरल वीडियो
CCTV फुटेज ने बढ़ाया विवाद
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ यह वीडियो होटल के सीसीटीवी कैमरे का है। इसमें कुछ कर्मचारी किचन में मांस-मछली बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह होटल खुद को शुद्ध शाकाहारी घोषित करता है। ऐसे में वहां नॉनवेज पकाना न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि भक्तों की आस्था से भी खिलवाड़ माना जा रहा है।आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि नॉनवेज पकाने के दौरान कैमरे का एंगल भी बदल दिया गया था ताकि गतिविधि रिकॉर्ड न हो सके। हालांकि यह आरोप अभी जांच के अधीन है।
18 करोड़ की लागत से बना था होटल
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया
“सम्राट विक्रमादित्य” होटल को मध्यप्रदेश पर्यटन निगम द्वारा लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। इसका उद्घाटन मार्च 2025 में हुआ था।इस होटल का उद्देश्य उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इसे हेरिटेज शैली में तैयार किया गया है ताकि शहर की सांस्कृतिक पहचान भी बनी रहे।लेकिन अब उज्जैन शुद्ध शाकाहारी होटल में नॉनवेज विवाद सामने आने से इस होटल की छवि पर सवाल उठने लगे हैं।
हिंदू संगठनों का विरोध और एफआईआर की मांग
मंदिर क्षेत्र में नॉनवेज प्रतिबंध
धार्मिक संगठनों का कहना है कि महाकाल मंदिर के आसपास 200 मीटर की परिधि में नॉनवेज पूरी तरह प्रतिबंधित है।ऐसे में यदि होटल में नॉनवेज पकाया गया है तो यह नियमों का सीधा उल्लंघन है। कई संगठनों ने प्रशासन से जांच कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।कुछ संगठनों ने यह भी कहा कि मंदिर क्षेत्र में ऐसी घटनाएं श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और इससे धार्मिक वातावरण प्रभावित होता है।
होटल प्रबंधन का बयान
आरोपों को बताया गलत
होटल प्रबंधन ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया है।होटल के मैनेजर सतीश पाठक के अनुसार वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली डिश नॉनवेज नहीं बल्कि वेज डिश थी।उन्होंने दावा किया कि कुछ पूर्व कर्मचारियों ने आपसी विवाद के कारण सीसीटीवी फुटेज लीक किया ताकि होटल की छवि खराब हो सके।प्रबंधन ने इस मामले में चार पूर्व कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है।
धार्मिक शहरों में नियमों का महत्व
भारत में कई शहर ऐसे हैं जिन्हें धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। जैसे:
- उज्जैन
- वाराणसी
- हरिद्वार
- तिरुपति
इन शहरों में कई विशेष नियम लागू होते हैं। उदाहरण के लिए कुछ क्षेत्रों में नॉनवेज या शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है।इसका उद्देश्य धार्मिक वातावरण और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना होता है।इसी वजह से उज्जैन शुद्ध शाकाहारी होटल में नॉनवेज विवाद इतना बड़ा मुद्दा बन गया है।
प्रशासन की जिम्मेदारी
इस घटना के बाद प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।लोगों का कहना है कि यदि होटल शुद्ध शाकाहारी घोषित है तो वहां नियमित निरीक्षण होना चाहिए।प्रशासन की जिम्मेदारी है कि:
- मंदिर क्षेत्र के नियमों का पालन सुनिश्चित करे
- होटल और रेस्टोरेंट की निगरानी करे
- धार्मिक भावनाओं का सम्मान बनाए रखे
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर काफी चर्चा हो रही है।कई लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया है, जबकि कुछ लोग जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचने की बात कह रहे हैं।सोशल मीडिया के इस दौर में किसी भी घटना का वीडियो तेजी से फैल जाता है और जनमत भी तेजी से बन जाता है।
निष्कर्ष
उज्जैन जैसे धार्मिक शहर में इस तरह का विवाद सामने आना निश्चित रूप से चिंताजनक है।यदि वास्तव में शुद्ध शाकाहारी घोषित होटल में नॉनवेज पकाया गया है तो यह नियमों और श्रद्धालुओं की भावनाओं दोनों का उल्लंघन है।हालांकि होटल प्रबंधन ने इन आरोपों को गलत बताया है और मामले की जांच चल रही है।अब सभी की नजर प्रशासन की जांच पर है कि आखिर सच्चाई क्या है और इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
