उज्जैन में शाही मस्जिद का हिस्सा हटाने पर विवाद, पथराव के बाद पुलिस ने छोड़ी आंसू गैस; महिला टीआई घायल
दैनिक स्वराज वाणी | उज्जैन
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण के दौरान सोमवार को शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने की कार्रवाई को लेकर तनाव पैदा हो गया। मौके पर जुटे लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। इस दौरान कुछ लोगों की ओर से पथराव होने की खबर है। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं। विरोध के दौरान क्राइम ब्रांच की महिला टीआई पुष्पा पांचाल के हाथ में चोट आई है।
कार्रवाई मस्जिद के उस हिस्से को लेकर है, जो सड़क चौड़ीकरण के लिए तय की गई सीमा में आ रहा है। अलग-अलग रिपोर्टों में इस हिस्से की चौड़ाई करीब 10 से 11 फीट बताई गई है। प्रशासन ने पूरी मस्जिद हटाए जाने की बात नहीं कही है। विरोध और सुरक्षा व्यवस्था के बीच संबंधित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया सोमवार सुबह शुरू हुई।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन के कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। प्रकाशित जानकारी के अनुसार, करीब 900 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने का प्रस्ताव है। यह सड़क महाकालेश्वर मंदिर, गोपाल मंदिर और शिप्रा तट की ओर आवाजाही से जुड़ी है। प्रशासन सड़क चौड़ीकरण को सिंहस्थ 2028 और अन्य धार्मिक आयोजनों के समय यातायात व्यवस्था बेहतर करने की तैयारियों का हिस्सा बता रहा है।
प्रस्तावित सड़क की सीमा में शाही मस्जिद का कुछ हिस्सा आने पर उसे हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मस्जिद से जुड़े लोगों ने कार्रवाई पर आपत्ति जताई है। यह विवाद पिछले दो दिनों से स्थानीय स्तर पर चर्चा में था और रविवार रात भी बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जुटे रहे।
बातचीत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
सोमवार सुबह प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, बातचीत के बाद समाज के कुछ लोग स्वयं सड़क की सीमा में आने वाला हिस्सा हटाने पहुंचे। इसी दौरान वहां मौजूद अन्य लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और नारेबाजी हुई। भीड़ जुटने के कारण पुलिस को मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।
रिपोर्टों में कहा गया है कि विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को हटाने की कोशिश की। पथराव में कितने लोग शामिल थे और इस संबंध में अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी पुष्ट आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए पथराव के लिए पूरे प्रदर्शन में शामिल लोगों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। www.naidunia.com
टीआई के हाथ में चोट, कारण पर अलग विवरण
विरोध के दौरान ड्यूटी पर मौजूद क्राइम ब्रांच की टीआई पुष्पा पांचाल घायल हुई हैं। कुछ शुरुआती खबरों में पथराव के साथ उनके घायल होने का उल्लेख है। हालांकि, एक रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से बताया गया कि महिलाओं को सुरक्षित हटाने के दौरान उनके हाथ में चादर के कोने से कट लगा। उपलब्ध विवरण के आधार पर यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता कि उनकी चोट पत्थर लगने से हुई।
इलाके में पुलिस बल और निगरानी
तनाव को देखते हुए मस्जिद तथा आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रकाशित रिपोर्ट में ड्रोन से निगरानी और वरिष्ठ पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी की जानकारी भी दी गई है। एक रिपोर्ट में पुलिसकर्मियों की संख्या करीब दो हजार बताई गई है, लेकिन इस आंकड़े की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पुलिस और प्रशासन के सामने फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने की चुनौती है। मार्ग चौड़ीकरण से जुड़ी कार्रवाई के दौरान लोगों की आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बातचीत का प्रयास भी किया गया है।
अदालत में भी पहुंचा है मामला
मस्जिद के हिस्से को हटाने के विरोध में मस्जिद कमेटी हाईकोर्ट पहुंची थी। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, एकलपीठ में याचिका निरस्त होने के बाद मामला युगलपीठ के समक्ष रखा गया। कमेटी ने मस्जिद के इतिहास और पूर्व में सड़क के लिए जमीन दिए जाने से संबंधित दावे किए हैं। ये कमेटी का पक्ष है; न्यायिक प्रक्रिया की आगे की स्थिति संबंधित अदालत के आदेश से ही स्पष्ट होगी।
सोमवार को हुई घटना के बाद सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई और उससे जुड़ा विरोध दोनों चर्चा में हैं। अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि मस्जिद के निर्धारित हिस्से को हटाने का काम कितना पूरा हुआ है और आगे प्रशासन क्या कदम उठाएगा। आधिकारिक सूचना तथा अदालत की कार्यवाही सामने आने के बाद इस मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
