सिंहस्थ-2028 के लिए एम.पी. ट्रांसको के कार्य एक वर्ष पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य,
Ujjain । मध्यप्रदेश सरकार ने सिंहस्थ-2028 के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ और विश्वसनीय बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना पर तेजी से कार्य शुरू कर दिया है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (एम.पी. ट्रांसको) को निर्देशित किया गया है कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित सभी कार्य आयोजन तिथि से कम से कम एक वर्ष पूर्व पूर्ण किए जाएं। यह सुनिश्चित करेगा कि पारेषण तंत्र की स्थिरता, विश्वसनीयता और विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता के लिए पर्याप्त समय रहते परीक्षण और सुधार किए जा सकें।
प्रबंध संचालक द्वारा सतत मॉनिटरिंग
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी स्वयं इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रगति की नियमित समीक्षा करें और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करें।
इस पहल का उद्देश्य न केवल सिंहस्थ-2028 के दौरान विद्युत आपूर्ति को निर्बाध बनाना है, बल्कि दीर्घकालिक आधार पर उज्जैन क्षेत्र के विद्युत ढांचे को मजबूत करना भी है।
चिंतामन सबस्टेशन का निर्माण
सिंहस्थ-2028 अवधि में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रथम चरण में 132 के.व्ही. चिंतामन सबस्टेशन के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है।
इसके साथ ही उज्जैन-चंद्रावती गंज और देपालपुर-चिंतामन 132 के.व्ही. ट्रांसमिशन लाइन का “लाइन इन लाइन आउट” कार्य भी प्रगति पर है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि ट्रांसमिशन लाइन की विश्वसनीयता और क्षमता दोनों बढ़ें।
साथ ही त्रिवेणी विहार क्षेत्र से संबंधित विद्युत अवसंरचना कार्य भी तेजी से प्रगति पर हैं। इससे स्थानीय लोड प्रबंधन में सुधार होगा और किसी भी आकस्मिक मांग को पूरा करने की क्षमता बढ़ेगी।
शंकरपुर सबस्टेशन में क्षमता वृद्धि
उज्जैन क्षेत्र के 220 के.व्ही. शंकरपुर सबस्टेशन में पहले स्थापित 20 एम.व्ही.ए. क्षमता वाले ट्रांसफार्मर को अपग्रेड कर 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है।
इस उन्नयन से क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और संभावित अतिरिक्त मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि इस अपग्रेड के बाद शंकरपुर सबस्टेशन सिंहस्थ-2028 के दौरान और भविष्य में बिजली आपूर्ति के लिए पर्याप्त क्षमता वाला बन जाएगा।
ताजपुर सबस्टेशन का विस्तार
उज्जैन स्थित 400 के.व्ही. ताजपुर सबस्टेशन में 132 के.व्ही. नेटवर्क के विस्तार की योजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस परियोजना के अंतर्गत:
- 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का एक अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा।
- 33 के.व्ही. के चार नए फीडर विकसित किए जाएंगे।
इससे सिंहस्थ-2028 के दौरान विद्युत वितरण व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, संतुलित और भरोसेमंद होगी। श्रद्धालुओं और आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लक्ष्य: समयबद्ध और विश्वसनीय कार्य
ऊर्जा मंत्री तोमर ने आश्वस्त किया कि एम.पी. ट्रांसको सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण कर रही है।
उन्होंने बताया कि:
- प्रबंध संचालक और वरिष्ठ अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा कर रहे हैं।
- सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं का कार्य निर्धारित उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया जा रहा है।
- विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी परीक्षण और सुधार कार्य समय रहते पूरे किए जाएंगे।
सिंहस्थ-2028 में लाभ
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में भारी संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु आने वाले हैं। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि समय पर परियोजनाओं के पूरा होने से:
- निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- यात्रियों और स्थानीय लोगों को किसी भी प्रकार की बिजली से संबंधित असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- उच्च लोड और अचानक मांग में भी पारेषण तंत्र स्थिर और भरोसेमंद रहेगा।
इसके अलावा, यह योजना उज्जैन क्षेत्र में दीर्घकालिक विद्युत अवसंरचना सुदृढ़ता और भविष्य के किसी भी बड़े आयोजन के लिए तैयार रहने में मदद करेगी।
स्थानीय विकास और लोड प्रबंधन
चिंतामन और शंकरपुर सबस्टेशन के उन्नयन तथा ताजपुर सबस्टेशन के विस्तार से:
- स्थानीय लोड प्रबंधन में सुधार होगा।
- विद्युत आपूर्ति का वितरण संतुलित और स्थिर रहेगा।
- किसी भी आकस्मिक मांग या आपातकालीन स्थिति में उच्च विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
इस कार्ययोजना से उज्जैन क्षेत्र के घर, व्यवसाय और सार्वजनिक स्थल विद्युत आपूर्ति की दृष्टि से और अधिक सक्षम और भरोसेमंद बनेंगे।
भविष्य की तैयारियां
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि एम.पी. ट्रांसको केवल सिंहस्थ-2028 तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि:
- यह योजना उज्जैन क्षेत्र की दीर्घकालिक विद्युत आपूर्ति क्षमता को मजबूत बनाएगी।
- भविष्य में किसी भी बड़े आयोजन या औद्योगिक मांग के समय भी विद्युत आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर रहेगी।
- सभी परियोजनाओं में सुरक्षा, स्थिरता और विश्वसनीयता के मानक सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में रखे गए हैं।
निष्कर्ष
सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए:
- एम.पी. ट्रांसको द्वारा सबस्टेशन निर्माण, क्षमता वृद्धि और ट्रांसमिशन लाइन कार्य तेजी से प्रगति पर हैं।
- प्रबंध संचालक और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा जारी है।
- बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक परीक्षण और सुधार कार्य समय रहते किए जा रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आश्वस्त किया कि इन परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा होने से सिंहस्थ-2028 में उज्जैन में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी। यह श्रद्धालुओं और आम जनता दोनों के लिए किसी भी असुविधा से बचाव करेगा और उज्जैन क्षेत्र की विद्युत अवसंरचना को भविष्य के लिए मजबूत बनाएगा।
