—Advertisement—

Ujjain: जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण स्वरूप में नजर आए बाबा महाकाल, मोर पंख और वैष्णव तिलक से हुआ दिव्य शृंगार

Author Picture
Published On: 4 September 2026
ujjain

—Advertisement—

Ujjain: जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण स्वरूप में नजर आए बाबा महाकाल, मोर पंख और वैष्णव तिलक से हुआ दिव्य शृंगार

Ujjain Mahakal News: जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल का विशेष और मनमोहक शृंगार किया गया। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी जन्माष्टमी के दिन शुक्रवार को भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजाया गया। बाबा के मस्तक पर वैष्णव तिलक लगाया गया और मोर पंख से उनका आकर्षक शृंगार किया गया। बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।

भस्म आरती के दौरान जैसे ही बाबा महाकाल के विशेष स्वरूप के दर्शन श्रद्धालुओं को हुए, पूरा मंदिर परिसर ‘जय श्री महाकाल’ और ‘जय श्री कृष्ण’ के जयघोष से गूंज उठा। भक्त बाबा महाकाल के दर्शन कर भाव-विभोर नजर आए और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की।

सुबह 3 बजे खुले मंदिर के पट

Ujjain श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती की परंपरा के अनुसार शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे मंदिर के पट खोले गए। मंदिर के पट खुलने के बाद पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित भगवान की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया गया।

जलाभिषेक के पश्चात भगवान महाकाल को पंचामृत से स्नान कराया गया। पंचामृत में दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस का प्रयोग किया गया। धार्मिक विधि पूरी होने के बाद बाबा महाकाल का आकर्षक शृंगार किया गया।

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा महाकाल के शृंगार को विशेष रूप दिया गया था। इस दौरान भगवान के स्वरूप को श्रीकृष्ण से जोड़ते हुए मोर पंख और वैष्णव तिलक का प्रयोग किया गया।

चांदी का मुकुट और मुंड माला से सजा स्वरूप

पंचामृत अभिषेक और पूजन के बाद बाबा महाकाल को विभिन्न धार्मिक विधियों के साथ शृंगारित किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर हरि ओम का जल अर्पित किया गया। इसके बाद कपूर आरती की गई।

बाबा महाकाल को चांदी का मुकुट और मुंड माला धारण कराई गई। जन्माष्टमी के कारण इस शृंगार में मोर पंख और वैष्णव तिलक विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। बाबा महाकाल का यह स्वरूप श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की छवि की याद दिला रहा था।

महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

विशेष शृंगार के बाद बाबा महाकाल के ज्योतिर्लिंग को महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भस्म अर्पित की गई। इसके बाद कपूर आरती हुई और भगवान को भोग लगाया गया।

महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में अपनी विशेष धार्मिक परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। जन्माष्टमी जैसे विशेष अवसर पर जब बाबा महाकाल का श्रीकृष्ण स्वरूप में शृंगार किया गया, तो श्रद्धालुओं में इसे लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि भस्म आरती के दर्शन को श्रद्धालु बेहद महत्वपूर्ण और पुण्यदायी मानते हैं।

बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु

जन्माष्टमी के अवसर पर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने बाबा के विशेष स्वरूप के दर्शन किए और मंदिर परिसर में धार्मिक जयघोष किया। श्रद्धालु भगवान महाकाल की भक्ति में लीन नजर आए।

बाबा महाकाल के श्रीकृष्ण स्वरूप को देखकर भक्तों में खास उत्साह दिखाई दिया। मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और जय श्री महाकाल के साथ जय श्री कृष्ण के उद्घोष सुनाई देते रहे।

जानिए आज की आरती का समय

Ujjain श्री महाकालेश्वर मंदिर में अलग-अलग आरतियों और पूजन की अपनी विशेष परंपरा है। वर्तमान में आरतियों का संशोधित समय आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगा।

  • भस्म आरती: सुबह 3:00 बजे से 6:00 बजे तक
  • दध्योदक आरती: सुबह 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • भोग आरती: सुबह 10:00 बजे से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन: शाम 5:00 बजे से 5:45 बजे तक
  • संध्या आरती: शाम 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • शयन आरती: रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक
जन्माष्टमी पर दिखी भक्ति और आस्था की अनोखी झलक

Ujjain के महाकालेश्वर मंदिर में जन्माष्टमी के मौके पर बाबा महाकाल का श्रीकृष्ण स्वरूप में किया गया शृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहा। मोर पंख, वैष्णव तिलक, चांदी का मुकुट और पारंपरिक शृंगार ने बाबा के स्वरूप को और भी मनमोहक बना दिया।

भस्म आरती के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। जन्माष्टमी के इस विशेष अवसर पर महाकाल मंदिर में शिव भक्ति के साथ कृष्ण भक्ति का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp