—Advertisement—

बाबा महाकाल दीपावली 2025: उज्जैन महाकाल मंदिर में 56 भोग, धनतेरस-शनि प्रदोष और गोवर्धन पूजा की तैयारियां पूरी

Author Picture
Published On: 17 October 2025
hq720 6

—Advertisement—

🕉️ बाबा महाकाल के आंगन में ऐसे मनेगी दीपावली 2025 – जानें कब लगेगा 56 भोग, कब रखेंगे भोले भंडारी उपवास

स्थान: उज्जैन, मध्यप्रदेश


🌺 महाकालेश्वर मंदिर में दीपावली की तैयारियां पूरी

उज्जैन का विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर दीपावली के स्वागत में पूरी तरह सज चुका है। इस वर्ष भी बाबा महाकाल के आंगन में दीपों की झिलमिल रोशनी और भक्तों की भीड़ से माहौल भक्तिमय रहेगा।
18 अक्टूबर 2025 से शुरू हो रहे धनतेरस और शनि प्रदोष योग के साथ ही दीपोत्सव का शुभारंभ होगा।

मंदिर के पुजारी, पुरोहित और हजारों भक्त राष्ट्र में सुख, समृद्धि और आरोग्यता की कामना के साथ बाबा महाकाल की महापूजा करेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति ने कहा कि इस बार 20 अक्टूबर को दीपावली पर्व विशेष विधि-विधान से मनाया जाएगा, जबकि 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा आयोजित की जाएगी।


🪔 18 अक्टूबर को धनतेरस और शनि प्रदोष का पावन संयोग

महाकाल मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष दीपावली की शुरुआत शनि प्रदोष के संयोग में धनतेरस से हो रही है। शनिवार के दिन त्रयोदशी तिथि पड़ने से यह अद्भुत योग बन रहा है, जिसे शनि प्रदोष योग कहा गया है।

महाकालेश्वर मंदिर की पूजन परंपरा में शनि प्रदोष का विशेष महत्व होता है।
इस दिन भगवान महाकाल उपवास रखते हैं, और शाम 4 बजे विशेष मंत्रोच्चारण व वैदिक विधि से अभिषेक पूजन किया जाता है।

पूरे उज्जैन में इस अवसर पर विशेष दीपदान, रुद्राभिषेक, और भस्म आरती का आयोजन होगा। मंदिर के कोरिडोर, महालोक क्षेत्र और प्रवेश द्वार पर विद्युत सज्जा और पुष्पों की साज-सज्जा से माहौल दिव्य बनेगा।


💰 धनतेरस पर होगी चांदी के सिक्कों से महापूजा

धनतेरस के दिन (18 अक्टूबर) सुबह पुरोहित समिति द्वारा बाबा महाकाल का पूजन किया जाएगा।
शाम को 4 बजे पारंपरिक शनि प्रदोष पूजन के बाद महापूजा की जाएगी।
इस दौरान राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए भगवान को चांदी का सिक्का अर्पित किया जाएगा।

मान्यता है कि इस दिन चांदी का सिक्का चढ़ाने और दीपदान करने से घर-परिवार में धन, धान्य और समृद्धि बनी रहती है।
महाकाल की महापूजा के बाद मंदिर समिति द्वारा भगवान धन्वंतरि की आरोग्य पूजा भी संपन्न की जाएगी — जिसमें देश में स्वास्थ्य और कल्याण की कामना की जाएगी।


✨ रूप चतुर्दशी पर दीपावली मनाने की परंपरा

महाकाल मंदिर में रूप चतुर्दशी के दिन दीपावली मनाने की सदियों पुरानी परंपरा है।
इस वर्ष रूप चतुर्दशी 20 अक्टूबर 2025 (रविवार) को पड़ रही है, जब कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि का महासंयोग रहेगा।

इस दिन तड़के 4 बजे भस्म आरती के दौरान पुजारी भगवान महाकाल को केसर, चंदन और उबटन से स्नान कराएँगे।
इसके बाद उन्हें सोने-चांदी के आभूषणों और नवीन वस्त्रों से सजाया जाएगा।

भक्तों के दर्शन हेतु मंदिर विशेष रूप से फूलों और रोशनी से जगमगाया रहेगा।
दीपावली की मुख्य आरती में छप्पन प्रकार के व्यंजन (56 भोग) का अर्पण किया जाएगा — जिसमें पारंपरिक मिठाइयाँ, फल, सूखे मेवे, अनाज और देसी व्यंजन शामिल होंगे।
आरती के अंत में पुजारी फुलझड़ी जलाकर आरती करेंगे, जो महाकाल मंदिर की एकमात्र आतिशबाज़ी परंपरा है।


🐄 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा और गो सेवा

दीपावली के अगले दिन यानी 22 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर गोवर्धन पूजा होगी।
इस दिन महाकाल मंदिर की चिंतामन गोशाला में विशेष गोपूजन होगा।
गायों को फूलों की माला पहनाई जाएगी, उनके सींगों पर चंदन का लेप लगाया जाएगा और उन्हें विशेष पकवानों का भोग लगाया जाएगा।

गोवर्धन पूजा के साथ ही उज्जैन में अन्नकूट महोत्सव भी मनाया जाएगा।
इसमें भक्त मंदिर प्रांगण में प्रसाद वितरण करेंगे और भगवान महाकाल को अन्नकूट का अर्पण करेंगे।


⚠️ आतिशबाज़ी पर पूर्ण प्रतिबंध, परंपरा का सख्ती से पालन

महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति ने दीपावली पर्व के अवसर पर धार्मिक अनुशासन और परंपरा का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश जारी किए हैं।

मंदिर में केवल एक फूलझड़ी ही आरती के समय जलाई जाएगी।
इसके अलावा गर्भगृह, कोटीतीर्थ कुंड, मंदिर परिसर और श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आतिशबाज़ी, पटाखों, अनार या ज्वलनशील पदार्थों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

अगर कोई भक्त या पर्यटक इन नियमों का उल्लंघन करेगा, तो उस पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
इस निर्णय का उद्देश्य मंदिर की शांति, सुरक्षा और धार्मिक गरिमा बनाए रखना है।


🌼 भक्तों में उत्साह, उज्जैन में दीपोत्सव की रौनक

दीपावली से पहले ही उज्जैन में भक्तों का उत्साह चरम पर है।
मंदिर मार्गों पर दीपों की सजावट, रंगोली प्रतियोगिताएं, धार्मिक झांकियां और भजन संध्याओं की तैयारी जोरों पर है।
राजा महाकाल के दरबार में इस बार ‘एक दीप राष्ट्र के नाम’ अभियान भी चलाया जाएगा, जिसमें देशभर के श्रद्धालु एक दीप जलाकर राष्ट्र कल्याण की कामना करेंगे।


🌙 विशेष आरती समय (20 अक्टूबर 2025)

आरती प्रकार समय
भस्म आरती प्रातः 4:00 बजे
अभ्यंग स्नान आरती सुबह 6:30 बजे
संध्या आरती शाम 7:00 बजे
शयन आरती रात 10:30 बजे

🌷 निष्कर्ष

दीपावली 2025 पर उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर सिर्फ रोशनी से नहीं बल्कि भक्ति और परंपरा की ज्योति से जगमगाएगा।
शनि प्रदोष, धनतेरस, रूप चतुर्दशी और गोवर्धन पूजा के क्रम में होने वाले अनुष्ठान यह दर्शाते हैं कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर आज भी जीवंत है।
भक्तों के लिए यह अवसर केवल पूजा का नहीं बल्कि अध्यात्म, सेवा और लोकमंगल की भावना को आत्मसात करने का भी है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp