Ujjain-Indore मार्ग पर सुगम परिवहन की बस में आग, 12 यात्रियों ने कूदकर बचाई जान
रामवास के पास टायर फटने के बाद आग लगने की प्रारंभिक जानकारी; बस पूरी तरह जलकर खाक, स्वामित्व और संचालन को लेकर जांच जारी
उज्जैन। Ujjain-Indore जा रही एक यात्री बस में मंगलवार दोपहर रामवास क्षेत्र के पास अचानक आग लग गई। हादसे के समय बस में करीब 12 यात्री सवार थे। बस से धुआं और आग उठते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने समय रहते बस से उतरकर अपनी जान बचाई। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस का टायर फटने के बाद आग लगने की बात सामने आई है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
कुछ ही देर में पूरी बस आग की चपेट में
घटना उज्जैन से करीब 15 किलोमीटर दूर रामवास क्षेत्र में हुई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार टायर फटने के बाद बस असंतुलित हुई और इसके बाद आग तेजी से फैल गई। चालक ने बस रोककर यात्रियों को बाहर निकलने का मौका दिया। यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने के बाद आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
सूचना मिलने के बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।
‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की ब्रांडिंग से उठे सवाल
हादसे के बाद बस पर दिखाई दे रही ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की ब्रांडिंग भी चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों में बस के स्वामित्व और योजना के तहत उसके संचालन को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। एक रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बस को निजी ऑपरेटर की पुरानी डीजल बस बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में इसे मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बस के रूप में रिपोर्ट किया गया है। ऐसे में वाहन के स्वामित्व, संचालन और ब्रांडिंग की वास्तविक स्थिति आधिकारिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच अहम
घटना के बाद यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि संबंधित बस की फिटनेस, परमिट, तकनीकी स्थिति और नियमित रखरखाव की स्थिति क्या थी। साथ ही बस में अग्निशमन उपकरण और आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध थी या नहीं, इसकी भी जांच जरूरी है।
हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी ऑपरेटर, विभाग या अधिकारी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। आग लगने का वास्तविक कारण और बस के संचालन से जुड़े दस्तावेज जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

नई परिवहन सेवा के बीच सामने आई घटना
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को शहरी और अंतरशहरी बस परिवहन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। राज्य सरकार की जानकारी के अनुसार इस व्यवस्था में निजी बस ऑपरेटरों को शासन नियंत्रित बस कंपनियों के माध्यम से अनुबंधित कर उनके सुपरविजन में बस संचालन की व्यवस्था का प्रावधान है।
ऐसे में उज्जैन-इंदौर मार्ग पर हुई आग की घटना के बाद वाहन की तकनीकी जांच और संचालन से जुड़े रिकॉर्ड की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
यात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण
सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम पहलू है। इस घटना में करीब 12 यात्रियों के समय रहते बस से बाहर निकल जाने के कारण बड़ी जनहानि टल गई। अब जांच के जरिए यह स्पष्ट होना जरूरी है कि बस में आग किस वजह से लगी और क्या वाहन की फिटनेस, रखरखाव या सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कोई तकनीकी कमी थी।
बस के स्वामित्व और ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की ब्रांडिंग को लेकर सामने आई अलग-अलग जानकारियों की भी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि आवश्यक है। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस मामले में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती
