—Advertisement—

₹945.20 करोड़ की उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना से विकास को बड़ी रफ्तार

Author Picture
Published On: 19 August 2026

—Advertisement—

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के तहत ₹945.20 करोड़ की लागत से इन्द्रा नगर से नीलगंगा और निकास चौराहा से इंदौर गेट तक कॉरिडोर बनेगा। सिंहस्थ 2028 और शहर की यातायात व्यवस्था को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उज्जैन के विकास को नई गति, ₹945.20 करोड़ के एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन

इन्द्रा नगर से नीलगंगा और निकास चौराहा से इंदौर गेट तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर, यातायात व्यवस्था को मिलेगी राहत

दैनिक स्वराज वाणी | प्रियंका गुजराती

उज्जैन। उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के रूप में शहर के विकास और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में उज्जैन को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में ₹945.20 करोड़ की लागत से बनने वाले एलिवेटेड कॉरिडोर का भूमिपूजन संपन्न हुआ। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम होने तथा आवागमन को सुगम बनाने की उम्मीद है।

प्रस्तावित उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के तहत इन्द्रा नगर चौराहा से नीलगंगा चौराहा तथा निकास चौराहा से इंदौर गेट चौराहा तक यातायात को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे। परियोजना को उज्जैन के बढ़ते यातायात और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना से यातायात व्यवस्था में होगा सुधार

उज्जैन में धार्मिक पर्यटन और लगातार बढ़ती आबादी के चलते प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ रहा है। सिंहस्थ महापर्व 2028 को देखते हुए भी शहर में सड़क एवं यातायात अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के निर्माण से वाहनों के आवागमन को बेहतर बनाने और प्रमुख चौराहों पर यातायात दबाव कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। शहर के व्यस्त क्षेत्रों में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

इन्द्रा नगर से नीलगंगा तक बनेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के तहत इन्द्रा नगर चौराहा से नीलगंगा चौराहा तक महत्वपूर्ण निर्माण कार्य किए जाएंगे। यह क्षेत्र शहर के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है।

कॉरिडोर बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात का दबाव कम होने और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय यातायात के साथ शहर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी यह परियोजना उपयोगी साबित हो सकती है।

निकास चौराहा से इंदौर गेट तक भी मिलेगी राहत

उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत निकास चौराहा से इंदौर गेट चौराहा तक भी यातायात को सुगम बनाने के लिए निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इंदौर गेट शहर के महत्वपूर्ण प्रवेश और आवागमन क्षेत्रों में शामिल है।

इस हिस्से में यातायात व्यवस्था बेहतर होने से व्यस्त समय में लगने वाले दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। एलिवेटेड व्यवस्था के माध्यम से यातायात के बेहतर प्रबंधन का प्रयास किया जाएगा।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को भी मिलेगा बल

उज्जैन में आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 को लेकर बड़े पैमाने पर विकास कार्य चल रहे हैं। सड़क, पुल, फ्लाईओवर और यातायात से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

इसी कड़ी में ₹945.20 करोड़ की उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना शहर के भविष्य के यातायात प्रबंधन के लिहाज से अहम मानी जा रही है। सिंहस्थ के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर की यातायात अधोसंरचना को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

धार्मिक पर्यटन को भी मिलेगा फायदा

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के कारण उज्जैन देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। विशेष पर्वों और श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ जाती है।

ऐसे में उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में सहायक हो सकती है। बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय नागरिकों के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

₹945.20 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना

एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण पर ₹945.20 करोड़ की लागत प्रस्तावित है। इतनी बड़ी लागत वाली यह परियोजना उज्जैन की महत्वपूर्ण अधोसंरचना परियोजनाओं में शामिल है।

कॉरिडोर तैयार होने के बाद शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही प्रमुख चौराहों पर वाहनों के दबाव और आवागमन में लगने वाले समय को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

उज्जैन के भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उज्जैन में लगातार विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति दी जा रही है। एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होने के बाद शहरवासियों के साथ ही बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

सिंहस्थ 2028 से पहले शहर की यातायात और सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में उज्जैन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन्द्रा नगर, नीलगंगा, निकास चौराहा और इंदौर गेट जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp