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Simhastha 2028 : Ujjain प्रशासन ने नर्सिंग घाट क्षेत्र में तीन मंजिला अवैध होटल ध्वस्त किया

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Published On: 25 February 2026
Ujjain Administration Demolishes 3-Storey Illegal Hotel in Nashik Ghat Area
— Ujjain Administration Demolishes 3-Storey Illegal Hotel in Nashik Ghat Area

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Ujjain News: सिंहस्थ 2028 को लेकर शंकराचार्य मठ में अवैध होटल पर बुलडोजर कार्रवाई

Ujjain: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के मद्देनजर उज्जैन प्रशासन ने शहर में व्यापक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों ने नर्सिंग घाट क्षेत्र स्थित शंकराचार्य मठ परिसर में संचालित अवैध तीन मंजिला होटल को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई स्थानीय प्रशासन द्वारा किए जा रहे सिंहस्थ मेले की तैयारियों के तहत सुरक्षा और खुली जगह सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई।

अवैध होटल पर बुलडोजर कार्रवाई

नगर निगम की टीम ने पुण्यानंद गिरी महाराज के आश्रम में अवैध रूप से चल रहे तीन मंजिला होटल पर बुलडोजर चलाया। आश्रम परिसर में कुल 54 कमरे बने हुए थे, जिनमें एसी और नॉन-एसी दोनों प्रकार के कमरे शामिल थे।

  • तीन मंजिला होटल में आधुनिक सुविधाएं थी, जो प्रशासन की अनुमति के बिना बनाई गई थी।
  • नगर निगम ने इसे पूरी तरह जमींदोज करने की कार्रवाई की, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा निर्माण अवैध रूप से न कर सके।

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि सिंहस्थ मेले के दौरान साधु-संतों के ठहराव, पार्किंग और टेंट व्यवस्था के लिए खुली जमीन की आवश्यकता होती है। इसलिए जो भी स्थायी और अवैध निर्माण हैं, उन्हें हटाया जा रहा है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में अभियान तेज

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने पूरे शहर में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है।

  • जोन क्रमांक 03 में नृसिंह घाट से लालपुल ब्रिज मार्ग तक पुलिस बल की मौजूदगी में पुराने और नए अवैध निर्माणों को तोड़ा जा रहा है।
  • यह अभियान पिछले कुछ वर्षों में हुए अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को हटाने का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा है।

अभियान का मुख्य उद्देश्य सिंहस्थ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन, आगरा मार्ग और सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना है।

अन्य आश्रमों और समाजों पर कार्रवाई

शहर में केवल शंकराचार्य मठ ही नहीं बल्कि अन्य कई धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं पर भी कार्रवाई की गई।

  • माधवानंद आश्रम, कलोता समाज, बागली समाज और महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी इंद्रदेव सरस्वती महाराज द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी नगर निगम का बुलडोजर चला।
  • इसमें धर्मशालाओं सहित अन्य चिन्हित अवैध निर्माण शामिल थे।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निर्माण को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा और सभी अवैध निर्माणों को चिन्हित कर हटाया जाएगा।

10 से 15 हजार वर्गफुट में बने अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया

शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रशासन ने 10,000 से 15,000 वर्गफुट में बने अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया।

  • इन निर्माणों में तीन मंजिला होटल, धर्मशाला, ठहरने के कमरे और सुविधायुक्त हॉल शामिल थे।
  • यह सभी निर्माण सिंहस्थ मेले के लिए जरूरी खुली जगहों की उपलब्धता में बाधा डाल रहे थे।
  • प्रशासन ने यह कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया और नगर निगम की अनुमति के तहत पूरी सावधानी के साथ की।

नगर निगम और पुलिस का समन्वय

कार्रवाई के दौरान नगर निगम टीम के साथ स्थानीय पुलिस बल भी मौजूद रहा।

  • पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि ध्वस्तीकरण के दौरान कानून और व्यवस्था बनी रहे।
  • किसी भी प्रकार की हिंसा या विवाद से बचने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए।

नगर निगम और पुलिस का यह समन्वय सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सिंहस्थ मेले में खुली जमीन की जरूरत

सिंहस्थ 2028 के दौरान उज्जैन में लाखों श्रद्धालु और साधु-संत आने की संभावना है। इसलिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है:

  • टेंट और ठहराव की व्यवस्था के लिए खुली जगह सुनिश्चित करना
  • सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन के लिए पर्याप्त स्थान रखना
  • भीड़ प्रबंधन और पार्किंग के लिए आवश्यक भूमि 확보 करना

नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के अनुसार, यह अभियान शहर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

  • शहरवासियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया।
  • उनका मानना है कि सिंहस्थ मेले में भीड़ और सुरक्षा की चुनौतियों को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी।
  • कई स्थानीय व्यवसायियों ने भी कहा कि अवैध निर्माण हटाने से नियमों का पालन और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित होगा।

भविष्य की कार्रवाई

प्रशासन ने साफ कहा है कि सिंहस्थ 2028 के पहले शहर के अन्य हिस्सों में भी अवैध निर्माण हटाने का अभियान जारी रहेगा।

  • सभी आश्रम, धर्मशाला और समाज जिनके पास अनुमति नहीं है, उन्हें चिन्हित किया जाएगा।
  • नगर निगम का यह अभियान सभी अवैध अतिक्रमण और निर्माणों को हटाने के लिए सतत रहेगा।

अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल सिंहस्थ मेले की सफलता सुनिश्चित करेगा, बल्कि उज्जैन को आकर्षक और व्यवस्थित तीर्थस्थल भी बनाएगा।

निष्कर्ष

उज्जैन प्रशासन की यह कार्रवाई दर्शाती है कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में शहर के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • शंकराचार्य मठ और अन्य आश्रमों के अवैध निर्माण को हटाकर प्रशासन ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने का संदेश दिया।
  • सिंहस्थ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और साधु-संतों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।
  • यह अभियान भविष्य में अवैध अतिक्रमणों को रोकने और नियमों का पालन करवाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।

उज्जैनवासियों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है कि शहर सिंहस्थ 2028 के लिए पूरी तरह तैयार है और प्रशासन सुरक्षित और व्यवस्थित मेले का आश्वासन दे रहा है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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