—Advertisement—

Ujjain की 5 महीने की काशी SMA टाइप-1 से जूझ रही, 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए परिवार की मदद की अपील

Author Picture
Published On: 17 April 2026
Ujjain की 5 महीने की काशी SMA टाइप-1 से जूझ रही, 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए परिवार की मदद की अपील

—Advertisement—

Ujjain की 5 महीने की काशी SMA टाइप-1 से जूझ रही, 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए परिवार की मदद की अपील

मध्य प्रदेश के Ujjain और भोपाल से एक बेहद भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां महज 5 महीने की मासूम बच्ची काशी एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रही है। काशी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 नामक गंभीर जेनेटिक बीमारी है, जिसका इलाज बेहद महंगा और सीमित है।

इस बीमारी के इलाज के लिए लगभग 15 करोड़ रुपये की जीन थेरेपी इंजेक्शन की जरूरत है, जो परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर है। ऐसे में काशी के माता-पिता ने आम जनता और सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

क्या है SMA टाइप-1 बीमारी?

स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी (SMA) टाइप-1 एक गंभीर आनुवांशिक बीमारी है, जिसमें शरीर की मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर होने लगती हैं और काम करना बंद कर देती हैं।

यह बीमारी बच्चों में जन्म के कुछ महीनों के भीतर ही गंभीर रूप ले लेती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है। इसमें बच्चे के हाथ-पैरों की हरकत धीरे-धीरे कम हो जाती है और सांस लेने में भी दिक्कत होने लगती है।

जन्म के बाद सामने आई समस्या

काशी के पिता डॉ. रोहित दुबे पुरिया, जो भोपाल AIIMS में सीनियर रेजिडेंट हैं, और मां डॉ. प्रकृति, जो स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं, ने बताया कि जन्म के लगभग एक महीने बाद ही बच्ची में असामान्य लक्षण दिखाई देने लगे।

जब काशी के हाथ-पैरों में सामान्य हरकत नहीं दिखी, तब डॉक्टरों ने जांच कराई और रिपोर्ट में SMA टाइप-1 की पुष्टि हुई। इसके बाद से ही परिवार लगातार इलाज और समाधान की तलाश में है।

15 करोड़ का इंजेक्शन ही एकमात्र उम्मीद

काशी के इलाज के लिए जिस दवा की जरूरत है, वह है Zolgensma। यह एक अत्याधुनिक जीन थेरेपी है, जिसे दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक माना जाता है।

इस इंजेक्शन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 1.72 मिलियन डॉलर (करीब 15 करोड़ रुपये) है। यह दवा भारत में उपलब्ध नहीं है और इसे विदेश से विशेष अनुमति के साथ मंगवाना पड़ता है।

डॉक्टरों के अनुसार, यह इंजेक्शन जितनी जल्दी दिया जाए, बच्चे के बचने और सामान्य जीवन की संभावना उतनी अधिक होती है।

भोपाल AIIMS में चल रहा इलाज

फिलहाल काशी का इलाज भोपाल स्थित एम्स में चल रहा है, जहां डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों की टीम उसकी मेडिकल कंडीशन को स्थिर रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्थायी इलाज के लिए जीन थेरेपी ही एकमात्र विकल्प है।

आर्थिक संकट में फंसा परिवार

काशी के माता-पिता दोनों ही डॉक्टर हैं, लेकिन इतनी बड़ी राशि जुटाना उनके लिए भी असंभव साबित हो रहा है। उन्होंने अपनी पूरी बचत इलाज में लगा दी है, लेकिन अभी भी लक्ष्य से बहुत दूर हैं।

परिवार का कहना है कि वे हर संभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन समय तेजी से निकल रहा है और काशी की हालत को देखते हुए तुरंत इलाज जरूरी है।

अब तक जुटी मदद

ऑनलाइन क्राउडफंडिंग और चैरिटी इवेंट्स के जरिए अब तक करीब 30 लाख रुपये की मदद जुटाई जा चुकी है। लेकिन यह राशि कुल 15 करोड़ रुपये के मुकाबले बेहद कम है।

परिवार लगातार सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म्स के जरिए मदद की अपील कर रहा है।

मुख्यमंत्री से भी लगाई गुहार

परिवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी आर्थिक सहायता की अपील की है। उनका कहना है कि यदि समय पर मदद मिल जाए, तो काशी की जान बचाई जा सकती है।

मां ने छोड़ी नौकरी, पूरी तरह देखभाल में जुटी

काशी की मां डॉ. प्रकृति ने अपनी बेटी की देखभाल के लिए पिछले एक साल से नौकरी छोड़ दी है। परिवार का पूरा ध्यान अब सिर्फ काशी के इलाज और उसकी जिंदगी बचाने पर केंद्रित है।

समय के साथ बढ़ रहा खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि SMA टाइप-1 में समय सबसे महत्वपूर्ण कारक होता है। जैसे-जैसे बच्चे की उम्र बढ़ती है, बीमारी का असर बढ़ता जाता है और इलाज की प्रभावशीलता कम होती जाती है।

इसलिए परिवार और डॉक्टर दोनों ही जल्द से जल्द जीन थेरेपी उपलब्ध कराने की कोशिश में जुटे हैं।

मदद की अपील

परिवार ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था काशी की मदद करना चाहता है, तो वह क्राउडफंडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए योगदान दे सकता है।

एक छोटी सी मदद भी इस मासूम बच्ची को जीवनदान दे सकती है और उसके भविष्य को सुरक्षित कर सकती है।

निष्कर्ष

काशी का मामला न केवल एक परिवार की पीड़ा है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा की महंगी व्यवस्था और आम लोगों की पहुंच के बीच की चुनौती को भी उजागर करता है। अब पूरा परिवार और समाज इस उम्मीद में है कि समय रहते मदद मिले और यह मासूम बच्ची एक नया जीवन प्राप्त कर सके।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp