UIMR Master Plan MP के तहत मध्य प्रदेश के 6 जिले, 2781 गांव और सवा करोड़ आबादी को मिलेगा विकास का लाभ। 14 इंडस्ट्रियल पार्क, 5 लाख रोजगार, टूरिज्म कॉरिडोर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से मालवा क्षेत्र की तस्वीर बदलने जा रही है।
UIMR Master Plan MP: मालवा के 6 जिलों की चमकेगी किस्मत, 2781 गांवों को मिलेगा विकास का लाभ, 5 लाख युवाओं को रोजगार
UIMR Master Plan MP क्या है?
UIMR Master Plan MP मध्य प्रदेश सरकार की अब तक की सबसे बड़ी क्षेत्रीय विकास परियोजनाओं में शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रस्तुत इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य इंदौर को ग्रोथ इंजन बनाकर मालवा अंचल के प्रमुख जिलों को आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।इस परियोजना का दायरा अब बढ़ाकर 16 हजार वर्ग किलोमीटर से अधिक कर दिया गया है, जिससे करीब सवा करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
UIMR Master Plan MP से किन जिलों को मिलेगा लाभ?
इस मेगा प्रोजेक्ट में शामिल जिले:
- इंदौर
- उज्जैन
- देवास
- धार
- रतलाम
- शाजापुर
इन 6 जिलों की 38 तहसीलों और 2781 गांवों को इस योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
2781 गांवों में पहुंचेगा विकास
सरकार का दावा है कि यह परियोजना केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक विकास की धारा पहुंचाएगी।सड़क, बिजली, औद्योगिक निवेश, पर्यटन, रोजगार और आधुनिक सुविधाओं का लाभ गांवों तक पहुंचाया जाएगा।ग्रामीण युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
5 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार
UIMR Master Plan MP का सबसे बड़ा आकर्षण रोजगार सृजन है।सरकार 13,500 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर औद्योगिक विकास की तैयारी कर रही है।अनुमान है कि इस परियोजना से:
- 5 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार
- हजारों नए उद्योग
- MSME सेक्टर को मजबूती
- स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा
मिलेगा।
14 नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे
मालवा क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिए 14 नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे।इन पार्कों में:
- ऑटोमोबाइल
- इलेक्ट्रिक व्हीकल
- लॉजिस्टिक्स
- इंजीनियरिंग
- टेक्नोलॉजी
- एग्री प्रोसेसिंग
जैसे क्षेत्रों में निवेश आएगा।
पीथमपुर बनेगा EV और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल सेंटर
मध्य प्रदेश का औद्योगिक शहर पीथमपुर अब नई पहचान हासिल करेगा।यहां:
- EV मैन्युफैक्चरिंग
- बैटरी टेक्नोलॉजी
- एडवांस इंजीनियरिंग
- ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स
के बड़े निवेश प्रस्तावित हैं।
उज्जैन और रतलाम को मिलेगी नई पहचान
उज्जैन
विक्रम उद्योगपुरी को औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा।
रतलाम
रतलाम को लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
60 मिनट एक्सेस मॉडल क्या है?
UIMR Master Plan MP के तहत “60 मिनट एक्सेस मॉडल” लागू होगा।इसका मतलब है कि पूरे क्षेत्र में ऐसा परिवहन नेटवर्क तैयार होगा जिससे कोई भी व्यक्ति एक घंटे के भीतर प्रमुख आर्थिक केंद्र तक पहुंच सकेगा।इसके लिए:
- इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर
- इंदौर-भोपाल एक्सप्रेसवे
- मेट्रो विस्तार
- नई हाईस्पीड सड़कें
विकसित की जाएंगी।
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से मिलेगा सीधा फायदा
पूरे क्षेत्र को DMIC (Delhi Mumbai Industrial Corridor) से जोड़ा जाएगा।
इसके फायदे:
- परिवहन लागत कम होगी
- निर्यात बढ़ेगा
- विदेशी निवेश आकर्षित होगा
- उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी
किसानों के लिए अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल
इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर में देश का अनूठा लैंड पूलिंग मॉडल लागू होगा।17 गांवों के किसानों की भूमि विकास के लिए ली जाएगी।सबसे खास बात यह है कि विकास कार्यों के बाद किसानों को उनकी 60 प्रतिशत विकसित भूमि वापस दी जाएगी।इससे किसान परियोजना के भागीदार बनेंगे।
ब्लू-ग्रीन डेवलपमेंट पॉलिसी पर होगा विकास
सरकार पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।मुख्य बिंदु:
- नर्मदा नदी संरक्षण
- जल स्रोतों की सुरक्षा
- जंगलों के आसपास निर्माण नियंत्रण
- जीरो लिक्विड डिस्चार्ज नीति
- कार्बन न्यूट्रल औद्योगिक क्लस्टर
टूरिज्म सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट
सरकार ने वर्ष 2047 तक राज्य की GDP में पर्यटन की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।इसके लिए विकसित होगा:
आध्यात्मिक एवं हेरिटेज टूरिज्म सर्किट
- उज्जैन
- ओंकारेश्वर
- मांडू
- महेश्वर
को जोड़कर विश्वस्तरीय पर्यटन सर्किट तैयार किया जाएगा।
साथ ही:
- नर्मदा रिवरफ्रंट
- रूरल टूरिज्म
- धार्मिक पर्यटन
को बढ़ावा दिया जाएगा।
डेटा आधारित प्लानिंग करेगी मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी
मध्य प्रदेश महानगरीय क्षेत्र नियोजन एवं विकास अधिनियम-2025 के तहत एक हाईटेक अथॉरिटी बनाई जाएगी।यह संस्था:
- ट्रैफिक विश्लेषण
- जनसंख्या अनुमान
- शहरी विस्तार
- बुनियादी ढांचे की जरूरत
का वैज्ञानिक अध्ययन कर भविष्य की प्लानिंग करेगी।
निष्कर्ष
UIMR Master Plan MP केवल एक विकास परियोजना नहीं बल्कि मालवा क्षेत्र के लिए आर्थिक क्रांति का रोडमैप माना जा रहा है। 6 जिले, 2781 गांव, 14 इंडस्ट्रियल पार्क, 5 लाख रोजगार और विश्वस्तरीय पर्यटन एवं औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह योजना मध्य प्रदेश को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में नई गति दे सकती है।
