उदयगढ़ में सफाई और मूलभूत सुविधाओं पर सवाल, ग्रामीणों ने शुल्क वसूली का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की
ब्यूरो रिपोर्ट: खलील मंसूरी
अलीराजपुर विकासखंड उदयगढ़ की ग्राम पंचायत उदयगढ़ में स्वच्छता, बाजार की सुविधाओं और पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों एवं स्थानीय दुकानदारों ने नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि सार्वजनिक शौचालयों, नालियों और बाजार क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने व्यवस्थाएं सुधारने के साथ बाजार, दुकानों और गुमटियों से वसूले जाने वाले शुल्क का लेखा-जोखा सार्वजनिक करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन उदयगढ़ में जमीनी व्यवस्था संतोषजनक नहीं है। सार्वजनिक शौचालयों में नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बनी रहती है। लोगों के अनुसार, इन सुविधाओं का उपयोग करने वाले ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों को असुविधा होती है। उन्होंने शौचालयों की नियमित सफाई और उचित रखरखाव सुनिश्चित करने की मांग की है।
नालियों और मुख्य बाजार की सफाई पर शिकायत
स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कई स्थानों पर नालियों की सफाई नियमित नहीं होती। इससे गंदा पानी और कचरा जमा रहता है। आसपास रहने वाले लोगों तथा दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पंचायत से नालियों की सफाई के लिए नियमित व्यवस्था बनाने और जमा कचरा हटाने की मांग की है।
मुख्य बाजार में कचरा संग्रहण और निपटान की पर्याप्त सुविधा नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। दुकानदारों का कहना है कि बाजार में प्रतिदिन कचरा निकलता है, लेकिन उसे एकत्र करने और हटाने की प्रभावी व्यवस्था नहीं होने से जगह-जगह गंदगी दिखाई देती है। लोगों ने बाजार की नियमित सफाई और कचरा डालने के लिए व्यवस्थित सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
शुल्क के बावजूद सुविधाएं पर्याप्त नहीं होने का आरोप
छोटे दुकानदारों और ठेला व्यवसायियों का कहना है कि उनसे बाजार शुल्क लिया जाता है। कुछ ठेला व्यवसायियों ने प्रतिदिन करीब 20 रुपये की रसीद काटे जाने की बात कही है। उनका सवाल है कि शुल्क वसूली के बावजूद बाजार में सफाई और अन्य आवश्यक सुविधाएं पर्याप्त क्यों नहीं हैं।
उदयगढ़ में गुरुवार और रविवार को लगने वाले बाजार में बड़ी संख्या में ग्रामीण तथा व्यापारी पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, मुर्गी एवं अन्य सामग्री बेचने वाले छोटे व्यापारियों से भी शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद बाजार क्षेत्र में पीने के पानी, बैठने की उचित व्यवस्था और साफ सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि नियमित शुल्क के बदले जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए।
खराब स्ट्रीट लाइटों से आवागमन में परेशानी
ग्रामीणों ने स्ट्रीट लाइटों की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, कुछ लाइटें कई दिनों से ठीक से काम नहीं कर रही हैं। कुछ कभी बंद तो कभी चालू होती रहती हैं, जिससे रात में सड़क और बाजार क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी नहीं रहती। लोगों ने खराब लाइटों की मरम्मत और नियमित रखरखाव की मांग की है।
वसूली और खर्च में पारदर्शिता की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थायी एवं अस्थायी गुमटियों तथा दुकानों से मासिक शुल्क लिया जाता है, लेकिन वसूली और खर्च का स्पष्ट विवरण ग्रामीणों के सामने नहीं रखा जाता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कभी-कभी रात्रि चौकीदार अथवा सफाई से जुड़े कर्मचारियों के माध्यम से रसीद काटकर राशि वसूली जाती है।
ग्रामीणों ने पंचायत की आय और खर्च का विवरण सार्वजनिक करने तथा संबंधित अधिकारियों से शिकायतों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सफाई, पेयजल, प्रकाश और बाजार सुविधाओं में सुधार किया जाए। ये शिकायतें ग्रामीणों एवं दुकानदारों के आरोपों पर आधारित हैं। सरपंच और सचिव का पक्ष मिलने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
