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Uber पर €825 मिलियन का जुर्माना, एल्गोरिदम से ड्राइवरों के अकाउंट ब्लॉक करने पर कार्रवाई

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Published On: 22 August 2026
Uber Fined €825 Million by Dutch Regulator Over

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Uber पर €825 मिलियन का जुर्माना, एल्गोरिदम से ड्राइवरों के अकाउंट ब्लॉक करने पर कार्रवाई

डच डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी ने लगाया भारी जुर्माना, GDPR उल्लंघन का मामला; Uber ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही

Uber को यूरोप में डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामले में बड़ा झटका लगा है। नीदरलैंड्स की डच डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी (Dutch Data Protection Authority) ने कंपनी पर 824.99 मिलियन यूरो यानी करीब 825 मिलियन यूरो का भारी जुर्माना लगाया है। अमेरिकी कंपनी पर आरोप है कि उसने ड्राइवरों के अकाउंट को ऐसे मामलों में पूरी तरह ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए सस्पेंड या डीएक्टिवेट किया, जिनका उनकी कमाई और आजीविका पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता था।

यह जुर्माना यूरोप के जनरल डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन यानी GDPR के तहत अब तक लगाए गए सबसे बड़े जुर्मानों में दूसरा सबसे बड़ा है। इससे पहले 2023 में आयरलैंड के डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेटर ने Meta पर 1.2 बिलियन यूरो का जुर्माना लगाया था। वह मामला यूरोपीय Facebook यूजर्स के डेटा को अमेरिका ट्रांसफर करने से जुड़ा था।

क्या है Uber पर आरोप?

डच डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी के मुताबिक, Uber ने यूरोप में 2018 से 2022 के बीच ड्राइवरों के खिलाफ कुछ फैसले ऑटोमेटेड सिस्टम के जरिए लिए। नियामक की जांच में सामने आया कि कंपनी के सिस्टम ड्राइवरों के व्यवहार, ट्रिप से जुड़े डेटा और ग्राहकों की रेटिंग जैसे संकेतों का इस्तेमाल करते थे।

अगर सिस्टम को किसी ड्राइवर पर धोखाधड़ी का शक होता था या ग्राहक रेटिंग लगातार खराब होती थी, तो अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती थी। कुछ मामलों में ड्राइवरों के अकाउंट अस्थायी रूप से सस्पेंड किए गए, जबकि नियामक के मुताबिक कम ग्राहक रेटिंग वाले कुछ ड्राइवरों के अकाउंट स्थायी रूप से भी डीएक्टिवेट किए गए।

रेगुलेटर का मुख्य सवाल यह था कि जब किसी फैसले का सीधा असर किसी व्यक्ति की कमाई और रोजगार पर पड़ता है, तो क्या ऐसा फैसला केवल कंप्यूटर एल्गोरिदम के आधार पर लिया जा सकता है? GDPR ऐसे महत्वपूर्ण फैसलों में मानवीय समीक्षा और प्रभावित व्यक्ति को फैसले को चुनौती देने का अवसर देने से जुड़ी सुरक्षा प्रदान करता है।

ड्राइवरों को फैसले की पर्याप्त जानकारी नहीं मिली

डच रेगुलेटर के अनुसार, मामला सिर्फ ऑटोमेटेड निर्णय लेने तक सीमित नहीं था। Uber पर ड्राइवरों को इस प्रक्रिया के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं देने का भी आरोप लगा।

किसी ड्राइवर का अकाउंट बंद या सस्पेंड होने का मतलब उसके लिए Uber प्लेटफॉर्म से होने वाली कमाई का अचानक रुक जाना हो सकता है। इसलिए नियामक ने माना कि ऐसे फैसलों में पारदर्शिता और मानवीय हस्तक्षेप बेहद महत्वपूर्ण है।

GDPR के तहत किसी व्यक्ति के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव पैदा करने वाले फैसले केवल कंप्यूटर की प्रक्रिया पर नहीं छोड़े जा सकते। प्रभावित व्यक्ति को यह समझने का अधिकार होना चाहिए कि उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों हुई और वह उस फैसले को चुनौती कैसे दे सकता है।

फ्रांस के ड्राइवरों की शिकायत से शुरू हुआ मामला

यह मामला फ्रांस के Uber ड्राइवरों की शिकायत से सामने आया। शिकायत के बाद फ्रांस में इस मामले को उठाया गया, लेकिन जांच की जिम्मेदारी अंततः नीदरलैंड्स की डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी के पास पहुंची।

इसकी वजह Uber का यूरोपीय मुख्यालय नीदरलैंड्स के एम्सटर्डम में होना है। यूरोपीय डेटा प्रोटेक्शन व्यवस्था के तहत सीमा पार मामलों में कंपनी के मुख्य यूरोपीय मुख्यालय वाले देश का नियामक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, शिकायत फ्रांस में ड्राइवरों के एक समूह से जुड़ी थी और बाद में इसी शिकायत ने Uber की डेटा-प्रोसेसिंग और ड्राइवर अकाउंट से जुड़े फैसलों की जांच का रास्ता तैयार किया।

Uber ने क्या कहा?

Uber ने डच नियामक के फैसले से असहमति जताई है। कंपनी ने जुर्माने को जरूरत से ज्यादा और अनुपातहीन बताया है तथा कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

कंपनी का कहना है कि ड्राइवरों के अधिकारों को गंभीरता से लिया जाता है और उसकी मौजूदा नीतियों में मानवीय समीक्षा की व्यवस्था मौजूद है। Uber के मुताबिक, ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से सस्पेंड किए जाने के फैसले को चुनौती देने का अवसर भी दिया जाता है।
Uber ने यह भी कहा है कि नियामक ने ऐसी पुरानी नीतियों की जांच की है जिन्हें कंपनी वर्षों पहले बदल चुकी है। कंपनी का दावा है कि वह ड्राइवरों की कमाई को प्रभावित करने वाले फैसलों को लेकर अब मानवीय समीक्षा और अपील की व्यवस्था रखती है।

Uber और रेगुलेटर के दावों में अंतर

इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि Uber और डच रेगुलेटर ऑटोमेटेड डीएक्टिवेशन को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं।

डच अथॉरिटी के अनुसार, कुछ ड्राइवरों के अकाउंट खास परिस्थितियों में ऑटोमेटेड तरीके से डीएक्टिवेट किए गए। दूसरी ओर, Uber का कहना है कि वह किसी ड्राइवर का अकाउंट स्थायी रूप से बिना मानवीय समीक्षा के बंद नहीं करती थी।
रिपोर्टों के अनुसार, Uber ने यह भी तर्क दिया है कि कम ग्राहक रेटिंग के आधार पर प्रभावित होने वाले ड्राइवरों की संख्या सीमित थी। कंपनी ने इसी तरह के तथ्यों को जुर्माने की राशि को अनुपातहीन बताने के अपने तर्क का हिस्सा बनाया है।

GDPR के तहत क्यों अहम है यह मामला?

Uber पर लगा यह जुर्माना केवल एक कंपनी की डेटा नीति का मामला नहीं है। यह इस बड़े सवाल से भी जुड़ा है कि कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एल्गोरिदम के जरिए कर्मचारियों या प्लेटफॉर्म वर्कर्स से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले किस हद तक ले सकती हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म अब बड़ी मात्रा में डेटा का इस्तेमाल करके ड्राइवरों, डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य कर्मचारियों के प्रदर्शन का आकलन करते हैं। एल्गोरिदम तेजी से फैसले ले सकते हैं, लेकिन यदि उस फैसले से किसी व्यक्ति की आय प्रभावित होती है, तो गलत या अधूरी जानकारी के आधार पर लिया गया निर्णय गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।

इसी वजह से यूरोपीय डेटा सुरक्षा कानून महत्वपूर्ण फैसलों में मानवीय निगरानी, पारदर्शिता और अपील जैसे अधिकारों पर जोर देता है।

Uber पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब नीदरलैंड्स के डेटा प्रोटेक्शन रेगुलेटर ने Uber पर भारी जुर्माना लगाया है। कंपनी पर इससे पहले भी डेटा प्राइवेसी से जुड़े मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।

2024 में डच रेगुलेटर ने Uber पर 290 मिलियन यूरो का जुर्माना लगाया था। वह मामला यूरोपीय ड्राइवरों के व्यक्तिगत डेटा को अमेरिका ट्रांसफर करने से जुड़ा था। इसके अलावा 2018 और 2023 में भी Uber पर क्रमशः 600,000 यूरो और 10 मिलियन यूरो के जुर्माने लगाए गए थे।

नया 825 मिलियन यूरो का जुर्माना इन पिछली कार्रवाइयों की तुलना में बहुत बड़ा है और इससे यूरोप में Uber की डेटा प्राइवेसी नीतियों पर नियामकीय दबाव और बढ़ गया है।

आगे क्या होगा?

Uber अब इस फैसले के खिलाफ अपील करने की तैयारी में है। अपील की प्रक्रिया में कंपनी यह तर्क रख सकती है कि नियामक ने पुरानी नीतियों और ऑटोमेटेड फैसलों की प्रकृति को सही तरीके से नहीं समझा या जुर्माने की राशि परिस्थितियों की तुलना में बहुत अधिक है।

दूसरी ओर, डच नियामक का फैसला यूरोप में डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है। कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि एल्गोरिदम के जरिए लिए गए फैसले लोगों के मौलिक डेटा अधिकारों और रोजगार से जुड़े हितों का उल्लंघन न करें।

कुल मिलाकर, Uber पर लगा 825 मिलियन यूरो का जुर्माना यूरोप में एल्गोरिदम आधारित फैसलों और डेटा प्राइवेसी को लेकर बढ़ती सख्ती को दिखाता है। मामला अब अपील की प्रक्रिया में जा सकता है, लेकिन इससे एक बात साफ है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले लोगों के रोजगार और आय को प्रभावित करने वाले फैसलों में पारदर्शिता, मानवीय समीक्षा और अपील का अधिकार आने वाले समय में और महत्वपूर्ण होने वाला है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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