शुरुआत में झटका: U19 वर्ल्ड कप में Vaibhav Sooryavanshi सस्ते में आउट, टीम इंडिया टेंशन में
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत भारतीय टीम के लिए भले ही जीत के साथ हुई हो, लेकिन पहले ही मुकाबले में टीम के युवा स्टार बल्लेबाज Vaibhav Sooryavanshi की असफलता ने क्रिकेट एक्सपर्ट्स और फैंस की चिंता जरूर बढ़ा दी है। जिस खिलाड़ी से बड़े स्कोर की उम्मीद थी, वह अमेरिका जैसी अपेक्षाकृत कमजोर मानी जाने वाली टीम के खिलाफ सस्ते में आउट हो गया। खास बात यह रही कि वैभव को आउट करने वाला गेंदबाज कोई बड़ा नाम नहीं, बल्कि अमेरिका की अंडर-19 टीम का एक युवा तेज गेंदबाज था, जिसने अपनी शानदार लाइन और लेंथ से भारतीय बल्लेबाज को चौंका दिया।
पहले मैच में ही टूटा वैभव का भरोसा
Vaibhav Sooryavanshi अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहे थे। घरेलू टूर्नामेंट्स और प्रैक्टिस मैचों में उन्होंने लगातार रन बनाए थे, जिसके चलते उन्हें टीम इंडिया का अहम बल्लेबाज माना जा रहा था। लेकिन टूर्नामेंट के पहले ही मैच में उनका बल्ला खामोश रहा। अमेरिका के खिलाफ मैच में Vaibhav Sooryavanshi बड़ी पारी खेलने की कोशिश में थे, लेकिन संयम की कमी और गेंदबाज की सटीक रणनीति के सामने वह टिक नहीं सके। कुछ शुरुआती गेंदें खेलने के बाद उन्होंने एक शॉट खेलने की कोशिश की, जो उनके विकेट का कारण बन गया।
किस गेंदबाज ने उड़ाई Vaibhav की गिल्ली?
अमेरिका की ओर से गेंदबाजी कर रहे युवा तेज गेंदबाज ने Vaibhav को आउट किया। इस गेंदबाज ने ऑफ स्टंप के बाहर लगातार अच्छी लेंथ पर गेंदबाजी की और बल्लेबाज को ड्राइव खेलने के लिए उकसाया। आखिरकार Vaibhav एक ऐसी गेंद पर चूक गए, जो हल्की अंदर की ओर आई और सीधे स्टंप्स से जा टकराई। इस विकेट ने न सिर्फ भारतीय डगआउट को चौंकाया, बल्कि स्टेडियम में मौजूद दर्शकों को भी हैरान कर दिया। सोशल मीडिया पर यह विकेट तेजी से वायरल हो गया और लोग अमेरिकी गेंदबाज की तारीफ करने लगे।
बड़े टूर्नामेंट्स में फॉर्म क्यों हो जाता है डिप?
Vaibhav की यह असफलता पहली बार नहीं है। इससे पहले अंडर-19 एशिया कप में भी देखा गया था कि बड़े मैचों में उनका प्रदर्शन अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा। ग्रुप स्टेज में रन बनाने के बाद नॉकआउट मुकाबलों में उनका बल्ला शांत हो गया था। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि Vaibhav पर उम्मीदों का दबाव ज्यादा रहता है। जैसे ही टूर्नामेंट बड़ा होता है, उनसे रन की उम्मीद बढ़ जाती है और यही दबाव उनके खेल पर असर डालता है। तकनीकी तौर पर मजबूत होने के बावजूद मानसिक मजबूती की कमी बड़े मुकाबलों में नजर आती है।
अमेरिका जैसी टीम के खिलाफ फ्लॉप होना क्यों चिंता का विषय?
अमेरिका की अंडर-19 टीम को आमतौर पर भारत जैसी क्रिकेटिंग पावरहाउस के सामने कमजोर माना जाता है। ऐसे में Vaibhav का जल्दी आउट होना टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का विषय है। वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में हर मैच अहम होता है और टॉप ऑर्डर का जल्दी ढहना टीम पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। हालांकि भारतीय टीम के अन्य बल्लेबाजों ने स्थिति संभाल ली, लेकिन Vaibhav जैसे खिलाड़ी से लंबे समय तक क्रीज पर टिकने की उम्मीद की जाती है।
कोच और टीम मैनेजमेंट का नजरिया
टीम के कोचिंग स्टाफ का मानना है कि एक मैच के आधार पर किसी खिलाड़ी को जज नहीं किया जाना चाहिए। Vaibhav में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और वह अगले मुकाबलों में जरूर वापसी करेंगे। कोच ने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसे टूर्नामेंट सीखने का बेहतरीन मौका होते हैं। टीम मैनेजमेंट अब Vaibhav के साथ मेंटल स्ट्रेंथ और गेम अवेयरनेस पर खास काम कर रहा है, ताकि वह दबाव में बेहतर फैसले ले सकें।
