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Twisha Sharma Suicide Case: व्हाट्सएप चैट्स से हुआ बड़ा खुलासा, परिवार ने पोस्टमार्टम और जांच पर उठाए सवाल

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Published On: 19 May 2026
Twisha Sharma Suicide Case: व्हाट्सएप चैट्स से हुआ बड़ा खुलासा, परिवार ने पोस्टमार्टम और जांच पर उठाए सवाल

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Twisha Sharma Suicide Case: व्हाट्सएप चैट्स से हुआ बड़ा खुलासा,

भोपाल में चर्चित Twisha Sharma सुसाइड केस में नए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। मृतका की सामने आई व्हाट्सएप चैट्स, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित विरोधाभास और परिवार द्वारा लगाए गए प्रभाव के आरोपों ने पूरे मामले पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि जांच में लापरवाही बरती गई और कई महत्वपूर्ण तथ्यों को नजरअंदाज किया गया।

मामले में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह द्वारा दायर जमानती आवेदन में ट्विशा को ड्रग्स का आदी बताया गया था। दावा किया गया कि उसका इलाज भी चल रहा था। वहीं दूसरी ओर अब सामने आई चैट्स में ट्विशा ने अपनी मां से बातचीत में मानसिक प्रताड़ना और रिश्तों में तनाव की बात कही है।

व्हाट्सएप चैट्स में छलका Twisha का दर्द

सामने आई चैट्स में ट्विशा शर्मा ने अपनी मां को लिखा कि घरवालों को लगता है कि वह ड्रग्स लेती है और इसी वजह से उसका मूड खराब रहता है। उसने मैसेज में लिखा:

“इन्हें लगता है कि मैं ड्रग लेती हूं, जिससे मेरा मूड खराब रहता है।”

ट्विशा ने आगे लिखा कि उसे सबसे ज्यादा तकलीफ इस बात की है कि परिवार वाले अपने बेटे के व्यवहार को नजरअंदाज कर रहे हैं।

“बस ये दिल में नहीं आता कि इनका बेटा ही छोड़कर बैठा है।”

उसने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर भी दर्द जाहिर किया और कहा:

“ये लोग न रोने देंगे और न हंसने की वजह देंगे।”

पति समर्थ पर लगाए गंभीर आरोप

व्हाट्सएप चैट्स में ट्विशा ने अपने पति समर्थ पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया कि समर्थ ने उस पर बेहद अपमानजनक टिप्पणी की थी।

ट्विशा ने लिखा कि समर्थ कहता था:

“गर्भपात से पहले तुम्हारे पेट में किसी और का बच्चा था।”

चैट्स में ट्विशा ने यह भी लिखा कि:

“घटियापन की सभी हदें पार हो चुकी हैं।”

इन संदेशों के सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और मानसिक प्रताड़ना के एंगल से भी जांच की मांग तेज हो गई है।

परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उठाए सवाल

मृतका के परिवार ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवार का कहना है कि ट्विशा एक मॉडल थी और उसकी लंबाई लगभग 173 सेंटीमीटर थी, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी लंबाई 161 सेंटीमीटर दर्ज की गई।

परिवार पूछ रहा है कि पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में 12 सेंटीमीटर की इतनी बड़ी गलती कैसे हो सकती है। उनका कहना है कि इससे पूरी जांच की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं।

अंत:वस्त्रों के रंग को लेकर भी विवाद

परिवार ने फर्स्ट ऑब्जर्वेशन रिपोर्ट में दर्ज विवरणों पर भी आपत्ति जताई है। उनका दावा है कि मृतका के ब्राउन रंग के अंत:वस्त्र को दस्तावेजों में ब्लैक बताया गया।

परिवार का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में सबूतों का गलत विवरण बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

फांसी में इस्तेमाल बेल्ट को लेकर उठे सवाल

मामले में सबसे बड़ा सवाल उस बेल्ट को लेकर उठ रहा है, जिससे कथित तौर पर फांसी लगाने की बात कही गई है। आरोप है कि कटाराहिल्स पुलिस ने उस बेल्ट को पोस्टमार्टम के दौरान एम्स अस्पताल में जमा ही नहीं कराया।

ऐसे में परिवार पूछ रहा है कि बिना उस अहम साक्ष्य के डॉक्टरों ने फांसी की परिस्थितियों का परीक्षण कैसे किया।

यह सवाल अब जांच एजेंसियों और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

प्रभाव और दबाव के आरोप

मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहन एक निजी अस्पताल में वरिष्ठ पद पर हैं और इसी वजह से एम्स के डॉक्टरों पर प्रभाव पड़ने की आशंका है।

हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिवार लगातार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

परिवार ने पुलिस पर भी लगाए आरोप

परिवार का दावा है कि जब वे मौत के बाद एम्स अस्पताल पहुंचे, तब वहां कुछ पुलिसकर्मी पहले से मौजूद थे और पूरे मामले को जल्दबाजी में संभालने की कोशिश की जा रही थी।

परिजनों का कहना है कि कई अहम तथ्यों को नजरअंदाज किया गया और शुरुआती जांच में पारदर्शिता नहीं बरती गई।

सोशल मीडिया पर उठी निष्पक्ष जांच की मांग

ट्विशा शर्मा केस अब सोशल मीडिया पर भी चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। लोग इस मामले में निष्पक्ष जांच और सभी डिजिटल व फॉरेंसिक सबूतों की गहराई से जांच की मांग कर रहे हैं।

कई यूजर्स का कहना है कि सामने आई चैट्स मानसिक प्रताड़ना की ओर इशारा करती हैं और इस एंगल से गंभीर जांच होनी चाहिए।

पुलिस जांच में क्या-क्या हो सकता है शामिल?

विशेषज्ञों के मुताबिक पुलिस अब निम्न बिंदुओं पर जांच तेज कर सकती है:

  • मोबाइल और चैट डेटा की फॉरेंसिक जांच
  • कॉल रिकॉर्ड्स की जांच
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट का पुनर्मूल्यांकन
  • घटनास्थल के साक्ष्यों का परीक्षण
  • मानसिक प्रताड़ना और घरेलू विवाद के पहलुओं की जांच
  • परिवार और करीबियों के बयान

मामला क्यों बना चर्चा का केंद्र?

यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें कई संवेदनशील पहलू सामने आए हैं:

  • मानसिक प्रताड़ना के आरोप
  • ड्रग्स की बात
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित गड़बड़ी
  • प्रभाव और दबाव के आरोप
  • डिजिटल चैट्स से सामने आई निजी बातचीत

इन सभी कारणों से यह केस अब सिर्फ एक सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं माना जा रहा।

निष्कर्ष

Twisha Sharma सुसाइड केस में सामने आई व्हाट्सएप चैट्स और परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों ने जांच को नई दिशा दे दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित विसंगतियां, सबूतों को लेकर सवाल और मानसिक प्रताड़ना के आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में आत्महत्या, मानसिक प्रताड़ना या किसी अन्य एंगल की क्या भूमिका रही।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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