Twisha Sharma डेथ केस: न्यायिक हिरासत के बाद सास गिरिबाला और समर्थ को जेल अस्पताल में रखा गया, मेडिकल जांच जारी
न्यायिक हिरासत के बाद जेल में मेडिकल निगरानी
भोपाल के चर्चित Twisha Sharma डेथ केस में एक नया अपडेट सामने आया है। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद आरोपी सास गिरिबाला और समर्थ को जेल में चिकित्सा निगरानी के तहत रखा गया है। दोनों को दो दिन पहले कोर्ट के आदेश पर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इसके बाद स्वास्थ्य कारणों और मेडिकल जांच की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें जेल के इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया।
सूत्रों के अनुसार, गिरिबाला को महिला वार्ड के एक बेड पर रखा गया है, जबकि समर्थ को खंड ‘B’ स्थित जेल अस्पताल में भर्ती किया गया है। मंगलवार रात दोनों ने जेल में ही बिताई थी, जहां कथित तौर पर वे ठीक से सो नहीं पाए थे।
समर्थ के वकील ने चोट और एक्स-रे का किया दावा
समर्थ के वकील एनोश जॉर्ज कोराली ने जानकारी दी है कि पिछली पेशी के दौरान समर्थ के पैर में चोट लगी थी। इसी कारण डॉक्टरों ने उनका एक्स-रे कराने की सलाह दी है। वकील के अनुसार, मेडिकल जांच के चलते उन्हें जेल अस्पताल में भर्ती किया गया है ताकि उचित इलाज मिल सके।
वहीं दूसरी ओर, सास गिरिबाला को उनकी उम्र और सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए महिला वार्ड के अस्पताल बेड पर रखा गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि दोनों की नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही है और स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है।
जेल में पहले दिन का अनुभव और भोजन व्यवस्था
जेल में प्रवेश के पहले दिन दोनों आरोपियों को सामान्य कैदियों की तरह भोजन उपलब्ध कराया गया था। नाश्ते में उन्हें नमकीन, दलिया और चाय दी गई थी। हालांकि बताया जा रहा है कि इस दौरान गिरिबाला ने चने की दाल खाने से इनकार कर दिया था।
सूत्रों के अनुसार, जेल में शुरुआती समय उनके लिए मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा और वे व्यवस्था के अनुसार ढलने में समय ले रहे हैं।
जेल में एंट्री को लेकर हुई थी बहस
जेल में दाखिले के समय भी एक विवाद की स्थिति बनी थी, जब गिरिबाला ने कार से सीधे जेल परिसर के अंदर प्रवेश देने की मांग की थी। हालांकि जेल प्रशासन ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और नियमों के अनुसार उन्हें महिला प्रहरियों की निगरानी में अंदर लाया गया।
यह घटना उस समय चर्चा में आ गई थी, जब उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
Twisha Sharma केस की अब तक की प्रमुख घटनाएं
इस मामले ने बीते कई दिनों से पूरे प्रदेश में सुर्खियां बटोरी हैं। 12 मई की रात लगभग 10:30 बजे ट्विशा शर्मा का शव उनके घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला था। अगले दिन एम्स भोपाल में पोस्टमॉर्टम किया गया, जिसके बाद परिजनों ने कई गंभीर सवाल उठाए।
14 मई को परिजनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया और बाद में FIR दर्ज की गई। 15 मई को अग्रिम जमानत की प्रक्रिया शुरू हुई, जबकि 16 से 18 मई के बीच परिवार ने जांच को लेकर दिल्ली पुलिस और उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की।
20 मई को हाईकोर्ट द्वारा लुकआउट नोटिस जारी किया गया और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया। 22 मई को दोबारा पोस्टमॉर्टम का आदेश दिया गया और CBI जांच की अनुशंसा की गई।
24 मई को AIIMS में दूसरी बार पोस्टमॉर्टम किया गया और उसी दिन अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। इसके बाद जांच एजेंसियों ने क्राइम सीन रीक्रिएशन और सबूतों की जांच तेज कर दी।
26 मई को CBI ने केस अपने हाथ में लिया और आगे की जांच शुरू की। 2 जून को दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
आगे की जांच पर नजर
ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपियों की न्यायिक हिरासत के बाद जेल अस्पताल में शिफ्टिंग ने मामले को एक नया मोड़ दिया है। जहां एक तरफ मेडिकल आधार पर उपचार की प्रक्रिया चल रही है, वहीं दूसरी तरफ जांच एजेंसियां पूरे केस की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
