त्विषा शर्मा केस में CBI की बड़ी कार्रवाई: पहले ही दिन रिटायर्ड जज से पूछताछ, पति समर्थ सिंह की रिमांड की तैयारी
भोपाल में नोएडा की त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथ में आने के बाद तेजी पकड़ चुकी है। मंगलवार को जांच के पहले ही दिन CBI की टीम सक्रिय नजर आई। टीम ने मामले से जुड़े अहम लोगों से पूछताछ की, घटनास्थल का निरीक्षण किया और डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है।
त्विषा शर्मा की मौत भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में 12 मई 2026 की रात हुई थी। उनकी बॉडी फंदे से लटकी मिली थी, जिसके बाद मामला लगातार विवादों और आरोप-प्रत्यारोप में घिरता चला गया।
रिटायर्ड जज सास गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ
CBI की टीम सबसे पहले उस घर में पहुंची जहां घटना हुई थी। यहां अधिकारियों ने पूरे कमरे और आसपास के हिस्सों का बारीकी से निरीक्षण किया।
इसके बाद टीम ने मृतका की सास और रिटायर्ड जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के दौरान CBI ने वैवाहिक जीवन, परिवार के माहौल, रिश्तों में तनाव और घटना से पहले की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल किए।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्तों में क्या बदलाव आए और घटना के दिन घर का माहौल कैसा था।
घटनास्थल की बारीकी से जांच, साक्ष्यों का परीक्षण
CBI टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए कमरे की स्थिति, आसपास के माहौल और संभावित साक्ष्यों की जांच की। अधिकारियों ने यह भी समझने की कोशिश की कि घटना के समय परिस्थितियां क्या थीं और किस तरह की गतिविधियां हुई थीं।
जांच एजेंसी पुराने साक्ष्यों को फिर से खंगालने की तैयारी में है। इसमें पहले की पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं।
परिवार से भी पूछताछ, डिजिटल सबूत जुटाए गए
घटनास्थल के बाद CBI टीम लालघाटी स्थित थ्रीईएमई सेंटर पहुंची, जहां मृतका के माता-पिता और रिश्तेदार ठहरे हुए हैं।
यहां करीब एक घंटे तक परिवार के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से त्विषा को लगातार मानसिक प्रताड़ना दी जा रही थी।
परिवार ने जांच एजेंसी को मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे। इनमें आखिरी बातचीत और संदेशों का विवरण शामिल है।
CBI ने यह भी जानकारी जुटाई कि घटना से पहले त्विषा की किससे आखिरी बातचीत हुई थी और वह किन परिस्थितियों का सामना कर रही थी।
पति समर्थ सिंह की रिमांड की तैयारी
CBI ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से भी मुलाकात की और अब तक की जांच की जानकारी ली। इसके बाद SIT प्रमुख ने केस डायरी और सभी साक्ष्य CBI को सौंप दिए।
अब CBI बुधवार को मृतका के पति समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश कर रिमांड मांग सकती है। एजेंसी का मानना है कि पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
शादी के 5 महीने बाद हुई थी मौत
त्विषा शर्मा, जो मूल रूप से नोएडा की रहने वाली थीं और पूर्व मिस पुणे भी रह चुकी थीं, ने दिसंबर 2025 में भोपाल के एडवोकेट समर्थ सिंह से शादी की थी।
शादी के महज पांच महीने बाद 12 मई 2026 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की सास गिरिबाला सिंह सेवानिवृत्त जज हैं और वर्तमान में उपभोक्ता आयोग भोपाल की अध्यक्ष हैं।
पुलिस जांच और आरोपों का विवाद
मामले में मृतका के परिवार ने आरोप लगाया था कि त्विषा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और मानसिक रूप से परेशान किया गया।
पुलिस ने पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न का मामला दर्ज किया था।
वहीं पति समर्थ सिंह ने दावा किया है कि त्विषा मानसिक बीमारी (बाइपोलर डिसऑर्डर) से पीड़ित थीं और उनका इलाज चल रहा था।
हालांकि, जांच में सामने आए व्हाट्सऐप चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स ने मामले को और जटिल बना दिया है। इनमें कई संदिग्ध बातचीत और सवाल उठाने वाले संदेश शामिल बताए जा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI जांच
मामले की संवेदनशीलता और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच CBI को सौंपने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने यह भी कहा था कि निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है ताकि किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण स्थिति से बचा जा सके।
दोबारा पोस्टमार्टम और इनाम की जानकारी
पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर परिवार ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद दिल्ली AIIMS की टीम ने भोपाल आकर दोबारा पोस्टमार्टम किया था।
घटना के बाद आरोपी पति समर्थ सिंह लगभग 10 दिन तक फरार रहा था, जिस पर 30 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
जांच में सामने आए नए एंगल
जांच एजेंसियां अब कॉल डिटेल्स, CCTV फुटेज और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं। खासतौर पर घटना के बाद किए गए कई फोन कॉल्स और संदिग्ध गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है।
CBI की शुरुआती कार्रवाई से साफ है कि मामला अब निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुका है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।
