त्विषा शर्मा मौत केस: जांच CBI के हाथ में, एसआईटी की शुरुआती जांच पर उठे सवाल
भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI ) के पास पहुंच गई है। जांच संभालते ही एजेंसी ने स्थानीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती दिन ही केस से जुड़ी फाइलों और केस डायरी की हालत देखकर सीबीआई अधिकारियों ने असंतोष जताया।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी द्वारा सौंपी गई केस डायरी व्यवस्थित नहीं थी। घटनाक्रम को क्रमवार तरीके से दर्ज नहीं किया गया था और कई महत्वपूर्ण तथ्यों का स्पष्ट उल्लेख भी नहीं था। दस्तावेजों को बेतरतीब ढंग से फाइल किया गया था, जिससे जांच की स्पष्टता प्रभावित हो रही थी।
CBI अधिकारियों ने इस पर एसआईटी टीम को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि पूरी केस डायरी को दोबारा व्यवस्थित और क्रमबद्ध तरीके से तैयार किया जाए। इसके बाद एसआईटी प्रमुख एसीपी रजनीश कश्यप संशोधित दस्तावेज लेकर सीबीआई के सामने पेश हुए।
घटनास्थल का निरीक्षण और सबूतों की दोबारा जांच की तैयारी
जांच के पहले ही दिन CBI की टीम उस बंगले पर पहुंची जहां त्विषा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। टीम ने पूरे स्थान का गहन निरीक्षण किया, जिसमें कमरा, आसपास का क्षेत्र और घटनास्थल से जुड़े सभी पहलू शामिल थे।
अधिकारियों ने घटनास्थल की स्थिति को समझने के लिए भौतिक परिस्थितियों का अध्ययन किया और यह जानने की कोशिश की कि घटना के समय वहां क्या स्थिति रही होगी।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी कुछ पुराने साक्ष्यों को दोबारा फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने पर भी विचार कर रही है, ताकि मामले की हर परत को गहराई से समझा जा सके।
परिजनों और आरोपियों के परिवार से पूछताछ
CBI ने मामले में जुड़े लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। इसी क्रम में समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह से भी पूछताछ की गई। उनसे परिवार के माहौल, त्विषा और समर्थ के वैवाहिक संबंधों तथा घटना से पहले की परिस्थितियों पर विस्तृत सवाल किए गए।
अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि क्या पति-पत्नी के बीच किसी प्रकार का तनाव या विवाद था, जो इस मामले से जुड़ा हो सकता है।
परिजनों के दावे और डिजिटल सबूतों की जांच
इसके बाद सीबीआई टीम लालघाटी स्थित थ्रीईएमई सेंटर पहुंची, जहां त्विषा के माता-पिता और अन्य परिजन ठहरे हुए थे। यहां लगभग एक घंटे तक पूछताछ हुई।
परिजनों ने दावा किया कि शादी के बाद से ही त्विषा मानसिक तनाव में थी। उन्होंने मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अंतिम बातचीत से जुड़ी जानकारी भी जांच एजेंसी को सौंपी।
सीबीआई ने इन सभी डिजिटल साक्ष्यों को अपने कब्जे में लेकर जांच के दायरे में शामिल कर लिया है। अब मोबाइल डेटा, चैट और कॉल डिटेल्स की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस और सीबीआई के बीच समन्वय
दिनभर चली कार्रवाई के बाद सीबीआई अधिकारियों ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात की और अब तक की जांच की जानकारी ली। इस दौरान केस से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा हुई।
इसके बाद देर रात एसआईटी ने संशोधित केस डायरी और सभी जब्त दस्तावेज औपचारिक रूप से सीबीआई को सौंप दिए।
आगे की जांच और संभावित कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, CBI आने वाले दिनों में कई पुराने साक्ष्यों को दोबारा जांच के लिए भेज सकती है और कुछ विशेषज्ञों की मदद भी ली जा सकती है।
इसके साथ ही यह संभावना भी जताई जा रही है कि आरोपी समर्थ सिंह को विशेष अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है, ताकि उससे गहन पूछताछ की जा सके।
निष्कर्ष
त्विषा शर्मा मौत मामले में CBI की शुरुआती जांच ने ही कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी की जांच प्रक्रिया में मिली खामियों के बाद अब यह मामला एक नए और अधिक गहन चरण में प्रवेश कर चुका है, जहां हर सबूत और बयान को दोबारा परखा जाएगा।
