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Trump ने हमास को चेतावनी दी: हथियार नहीं डाले तो होगा खत्म

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Published On: 23 January 2026
7. Trump’s Gaza Peace Proposal Faces Obstacles with Hamas’ Local Authority
— 7. Trump’s Gaza Peace Proposal Faces Obstacles with Hamas’ Local Authority

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Trump का गाजा शांति प्रयास: हमास की सक्रियता और बोर्ड ऑफ पीस पर उठते सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बार फिर हमास को चेतावनी दी है। स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस के दौरान उन्होंने कहा कि अगर हमास अपने हथियार नहीं डालेगा तो उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। ट्रंप का यह बयान गाजा पट्टी में पिछले साल लागू सीजफायर और आगामी शांति प्रयासों के बीच उठे तनाव को दर्शाता है।

पिछले साल ट्रंप प्रशासन की कोशिशों से इजरायल और हमास के बीच जंग रुकी थी। हालांकि, गाजा पट्टी में हमास अभी भी सक्रिय है और सीजफायर के बावजूद वह अपनी सेना और प्रशासनिक नियंत्रण बनाए हुए है।

सीजफायर के बाद हमास का फिर से उभरना

अक्टूबर 2025 में लागू सीजफायर के बाद इजरायली सेना गाजा के कई इलाकों से पीछे हट गई थी। इसमें गाजा सिटी, जाबालिया, नुसैरात, अल बुरेज, बेइट लाहिया और खान यूनिस के कई हिस्से शामिल थे। सेना के हटते ही वहां सत्ता और सुरक्षा की खाली जगह बन गई, जिसे हमास ने तेजी से भर लिया।

हालांकि सीजफायर का मतलब केवल लड़ाई रोकना था, हथियार डालना नहीं। हमास ने अपने हथियार जमा नहीं किए और फिलहाल ऐसा करने के लिए भी कोई दबाव नहीं आया। इसके कारण गाजा में सुरक्षा और प्रशासनिक नियंत्रण अब भी हमास के हाथ में है। न्यूयॉर्क टाइम्स के हवाले से बताया गया है कि गाजा में लगभग 20,000 हमास के सक्रिय लड़ाके मौजूद हैं।

हमास की सैन्य और प्रशासनिक संरचना

हमास केवल हथियारों पर निर्भर नहीं है। इसके पास गाजा में पुलिस जैसी व्यवस्था भी है। सीजफायर लागू होने के तुरंत बाद उसने अपनी पुलिस सड़कों पर उतारी और लोगों पर नियंत्रण बनाए रखा। विरोधियों की आवाज़ को दबाने के लिए डर और सजा का इस्तेमाल भी किया गया।

हमास के पास हथियार छिपाने का लंबा अनुभव है। सुरंगें, अंडरग्राउंड स्टोरेज और आम इमारतों में छुपाए गए हथियार पहले से मौजूद थे। लड़ाई के दौरान कई ठिकानों को नष्ट किया गया, लेकिन पूरा ढांचा समाप्त नहीं हुआ। सीजफायर के बाद उसने अपने लोगों को फिर से संगठित किया और हथियार बाहर निकाले।

Trump का बोर्ड ऑफ पीस और गाजा में शांति प्रयास

Donald Trump गाजा में शांति और पुनर्निर्माण के लिए बोर्ड ऑफ पीस बना रहे हैं। इसमें कई देश शामिल होंगे जो गाजा में निवेश, प्रशासन और नई सरकार बनाने में सहयोग करेंगे। ट्रंप का लक्ष्य है कि युद्ध प्रभावित इलाकों में स्थायित्व लाया जाए और गाजा की जनता के लिए राहत कार्य शुरू किया जाए।

लेकिन हमास की सक्रियता इस योजना के लिए बड़ी चुनौती है। अमेरिका हमास को आतंकी संगठन मानता है और उसकी मौजूदगी में गाजा में सीधे किसी भी निर्माण या प्रशासनिक काम को असंभव मानता है। इसका मतलब है कि बिना हमास के हटने या हाशिये पर जाने के, गाजा में शांति और पुनर्निर्माण प्रक्रिया धीमी और कठिन होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांजिशनल सरकार के माध्यम से हमास को धीरे-धीरे हाशिये पर डाला जा सकता है। लेकिन इस दौरान रिकंस्ट्रक्शन और प्रशासनिक सुधार की प्रक्रिया कमजोर हो जाएगी। वहीं, ट्रंप के सहयोगी पहले ही अपने विवादित बयानों और अंतरराष्ट्रीय मामलों में दबाव के कारण विचलित हैं।

Trump के शांति प्रस्ताव की मुख्य बिंदु

Trump का गाजा के लिए 20 सूत्रीय प्लान कई प्रमुख बिंदुओं पर आधारित है:

  1. हथियार जमा करना – हमास को अपने हथियार जमा करने होंगे।
  2. गाजा से दूर भेजना – जो संगठन या व्यक्ति इस प्रस्ताव के लिए राजी नहीं होंगे, उन्हें गाजा से किसी और देश में भेजा जाएगा।
  3. निर्माण और निवेश – युद्ध प्रभावित इलाकों में नई इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी प्रणाली का निर्माण।
  4. नए प्रशासनिक ढांचे का निर्माण – गाजा में स्थायित्व के लिए ट्रांजिशनल सरकार का गठन।

हालांकि, हमास के पास गाजा में प्रशासनिक नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पहले से मौजूद है। इसके बिना योजना का सीधा कार्यान्वयन कठिन है।

अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की स्थिति

अमेरिका की नीति स्पष्ट है – वह हमास के नियंत्रण वाले गाजा में सीधे किसी भी कार्य को लागू करने के लिए तैयार नहीं है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि हमास के बिना शांति और पुनर्निर्माण योजना सफल नहीं हो सकती।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह भी चुनौती है कि गाजा में स्थायित्व लाने के लिए स्थानीय शक्तियों, सुरक्षा व्यवस्था और हमास के प्रभाव को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनाई जाए।

निष्कर्ष

गाजा में हमास की सक्रियता और अमेरिका के शांति प्रयासों के बीच संतुलन बनाना कठिन है। सीजफायर लागू होने के बाद भी हमास ने अपनी सैन्य और प्रशासनिक शक्ति बनाए रखी है। ट्रंप का बोर्ड ऑफ पीस और पुनर्निर्माण योजना उस समय ही सफल हो सकती है, जब हमास के नियंत्रण वाले इलाकों में उसे सहयोग या कम से कम समझौता करने के लिए तैयार किया जा सके।

गाजा की वर्तमान स्थिति दिखाती है कि शांति और पुनर्निर्माण योजनाओं में स्थानीय शक्तियों की भूमिका अनिवार्य है। बिना उन्हें शामिल किए किसी भी योजना का सीधा कार्यान्वयन संभव नहीं होगा।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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