डील भी अमेरिका से, बेचेगा भी वही… Venezuela के तेल पर Trump ने तैयार कर लिया प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने वेनेजुएला के तेल उद्योग और तेल की बिक्री को लेकर बड़े फैसले की रूपरेखा तैयार की। ट्रंप ने बैठक के दौरान कहा कि अमेरिका जल्द ही वेनेजुएला का 5 करोड़ बैरल तेल बेचेगा और अमेरिकी कंपनियां वहां की तेल इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने में निवेश करेंगी।
Trump ने तेल कंपनियों के साथ बैठक में क्या कहा?
बैठक के दौरान ट्रंप ने यह साफ कर दिया कि वेनेजुएला के तेल पर अब Venezuela का कोई हक नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां सीधे अमेरिका के साथ डील करेंगी, वेनेजुएला के साथ नहीं। इसके अलावा उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कौन सी कंपनियां वेनेजुएला जाकर वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा खड़ा करेंगी, यह अमेरिका तय करेगा।
Trump ने बैठक में कहा,
“हम अमेरिकी कंपनियों के जरिए वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री को फिर से चालू करेंगे। इससे अमेरिका, वेनेजुएला और पूरी दुनिया को फायदा होगा। कंपनियां वहां लाखों बैरल तेल का उत्पादन करेंगी और अमेरिका के लोगों को इसका फायदा मिलेगा।”
वेनेजुएला ऑपरेशन की तारीफ
इस बैठक में ट्रंप ने वेनेजुएला में हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन का जिक्र किया और सैनिकों की तारीफ की। उन्होंने कहा,
“अमेरिकी सेना ने अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा मिलिट्री ऑपरेशन किया। तानाशाह निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने लाखों लोगों की हत्या की और ड्रग तस्करी में अमेरिका को निशाना बनाया।”
Trump ने यह भी कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार करके उन्हें ब्रुकलिन जेल में रखा गया है। इसके बाद उन्होंने कहा कि अब वेनेजुएला का संचालन अमेरिका देखेगा।
अमेरिकी कंपनियों का निवेश
ट्रंप ने बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला में 100 अरब डॉलर खर्च करेंगी। उन्होंने कहा कि यह पैसा सरकारी नहीं, बल्कि कंपनियों का निजी निवेश होगा और इसका उपयोग वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री को फिर से बनाने के लिए किया जाएगा।
“हमारी बड़ी तेल कंपनियां अपने पैसे से कम से कम 100 अरब डॉलर खर्च कर रही हैं। यह पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर और उत्पादन क्षमता को फिर से स्थापित करने के लिए इस्तेमाल होगा,” ट्रंप ने बैठक में कहा।
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वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका को कल वेनेजुएला से 3 करोड़ बैरल तेल मिल चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका जल्द ही 5 करोड़ बैरल तक कच्चे तेल की रिफाइनिंग और बिक्री शुरू करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया का संचालन अनिश्चित काल तक जारी रहेगा।
“हम पूरी तरह तैयार हैं। सभी अमेरिकी कंपनियां वेनेजुएला को फिर से पटरी पर लाने और उसकी अर्थव्यवस्था को बहाल करने में महत्वपूर्ण साझेदार होंगी। इससे दोनों देशों के लिए दौलत पैदा होगी,” उन्होंने बैठक में कहा।
तेल इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करना
Trump ने कहा कि अमेरिकी कंपनियों को यह जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे वेनेजुएला की खराब स्थिति वाली तेल इंडस्ट्री को पुनर्स्थापित करें। इसके लिए कंपनियां तेल उत्पादन बढ़ाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने में निवेश करेंगी।
“हम यह तय करेंगे कि कौनसी कंपनियां वेनेजुएला जाएंगी। यह देश बहुत जल्दी कामयाब होने वाला है। अमेरिका के लोगों को इसका लाभ मिलेगा क्योंकि तेल प्रोडक्शन बढ़ेगा,” Trump ने कहा।
ग्रीनलैंड और अंतर्राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
Trump ने अपने बयान में यह भी कहा कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर रूस और चीन के संभावित कब्जे को रोकने के लिए सतर्क है। उन्होंने कहा,
“हम पुतिन और शी को हमारे पड़ोसी बनने नहीं देंगे।” यह बयान अमेरिका की वैश्विक रणनीति और ऊर्जा सुरक्षा के प्रति उसकी नीति को दर्शाता है।
भविष्य की योजना
अमेरिका और अमेरिकी तेल कंपनियों की योजना है कि वे वेनेजुएला की तेल इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर निवेश करें और देश की अर्थव्यवस्था को स्थिर करें। ट्रंप ने कहा कि अगले सप्ताह तेल कंपनियों के साथ एक और मीटिंग होगी, जिसमें विस्तार से योजना तैयार की जाएगी।
“हम इस योजना के तहत वेनेजुएला में उत्पादन बढ़ाकर अमेरिका और दुनिया को लाभ पहुंचाएंगे। हमारी कंपनियां वहां इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएंगी और लाखों बैरल तेल का उत्पादन शुरू करेंगी,” ट्रंप ने कहा।
निष्कर्ष
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने वेनेजुएला के तेल उद्योग और तेल की बिक्री को लेकर स्पष्ट रणनीति तैयार कर ली है। अमेरिकी कंपनियों को वेनेजुएला भेजकर वहां की तेल इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने और अमेरिका को लाभ पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
Trump ने स्पष्ट किया कि यह योजना वेनेजुएला सरकार के नियंत्रण के बिना चलेगी, और अमेरिकी कंपनियां सीधे अमेरिका के साथ डील करेंगी। इससे न केवल तेल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को लाभ मिलेगा।
इस डील और ऑपरेशन से स्पष्ट है कि अमेरिका वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक लाभ दोनों के लिए सक्रिय रूप से रणनीति बना रहा है।
