Trump का फिर दावा- भारत-पाक युद्ध को परमाणु संघर्ष में बदलने से रोका, लाखों लोगों की बची जान
भारत-पाक तनाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोहराया अपना दावा
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति Trump ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ा संघर्ष परमाणु युद्ध में बदल सकता था और बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती थी।
ब्रिटेन के RAF मिल्डेनहॉल में एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान तनाव का जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच युद्ध शुरू होने के बाद हालात तेजी से गंभीर हो रहे थे और उनकी भूमिका से संघर्ष को रोकने में मदद मिली।
‘युद्ध परमाणु संघर्ष में बदल सकता था’
ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई करीब एक सप्ताह तक चली थी। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कई लड़ाकू विमान गिराए गए थे और स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि यह संघर्ष परमाणु युद्ध की ओर बढ़ सकता था।
उन्होंने कहा कि यदि हालात नहीं संभलते तो इसके परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते थे। ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि युद्ध रोकने के लिए उनकी कोशिशों की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी प्रशंसा की थी।
शहबाज शरीफ के बयान का किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनकी भूमिका की सराहना करते हुए दावा किया था कि ट्रंप के प्रयासों से करोड़ों लोगों की जान बची।
ट्रंप ने कहा कि बचने वाली जिंदगियों की संख्या 3 से 5 करोड़ तक हो सकती थी और यह आंकड़ा इससे भी अधिक हो सकता है। हालांकि भारत सरकार पहले भी भारत-पाक संघर्ष में अमेरिकी मध्यस्थता के दावों को खारिज करती रही है।
Trump ने फिर गिनाई अपनी उपलब्धियां
ट्रंप ने बातचीत के दौरान अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में अपने रिकॉर्ड का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई देशों के बीच संघर्षों को खत्म कराने में भूमिका निभाई है।
ट्रंप ने कहा, “मैंने 8 युद्ध सुलझाए हैं।” उन्होंने यह बयान वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो से जुड़े सवाल के जवाब में दिया।
उन्होंने कहा कि मचाडो ने भी संघर्षों को खत्म करने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की है और उन्हें शांति प्रयासों के लिए योग्य बताया है।
टैरिफ के जरिए युद्ध रोकने का किया दावा
इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने आर्थिक दबाव और टैरिफ की धमकी देकर कई युद्धों को रोकने में सफलता हासिल की।
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि उन्होंने 8 युद्धों को रोका, जिनमें से 5 युद्ध टैरिफ के कारण रुके। उनका कहना था कि आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करके देशों को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है।
भारत ने खारिज किया अमेरिकी मध्यस्थता का दावा
भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तनाव बढ़ा था। इसके जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था।
हालांकि भारत ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि सैन्य कार्रवाई और बाद की स्थिति को लेकर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई थी। नई दिल्ली का कहना रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच मामलों का समाधान द्विपक्षीय स्तर पर होना चाहिए।
दक्षिण एशिया में तनाव पर दुनिया की नजर
भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु क्षमता वाले देश हैं, इसलिए दोनों देशों के बीच किसी भी सैन्य टकराव को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय सतर्क रहता है।
ट्रंप के ताजा बयान ने एक बार फिर दक्षिण एशिया में तनाव और कूटनीतिक भूमिका को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि भारत की ओर से पहले भी कहा गया है कि किसी भी सैन्य या कूटनीतिक फैसले में देश अपने हितों और सुरक्षा प्राथमिकताओं के आधार पर निर्णय लेता है।
ट्रंप के बयान पर आगे भी जारी रह सकती है बहस
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपनी भूमिका को लेकर दावे करते रहे हैं। भारत-पाकिस्तान संघर्ष को लेकर उनका ताजा बयान भी इसी क्रम में देखा जा रहा है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि इस बयान पर भारत और पाकिस्तान की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे किस तरह देखा जाता है।
